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Thursday, 21 May 2026
राजनीति

होर्मुज खुला या नहीं: ईरान की मीडिया का सवाल

author
Komal
संवाददाता
📅 18 April 2026, 5:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 604 views
होर्मुज खुला या नहीं: ईरान की मीडिया का सवाल
📷 aarpaarkhabar.com

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान की सरकारी मीडिया में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्वारा इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को व्यापारिक जहाजों के लिए खुलवाने की घोषणा के बाद से ईरान की प्रमुख न्यूज एजेंसियां इस फैसले पर सवाल उठा रही हैं। फार्स और मेहर न्यूज एजेंसियों ने इस बयान को लेकर गंभीर संदेह जताया है।

48 दिनों के तनाव और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद जब यह घोषणा की गई, तो विश्व भर में राहत की सांस ली गई। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता है, और इस क्षेत्र में किसी भी तरह की खींचतान से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। लेकिन ईरान के अंदर ही इस फैसले को लेकर असहमति दिखाई दे रही है।

ईरान की सरकारी मीडिया का विरोध

ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसियों ने अराघची की घोषणा पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है। फार्स न्यूज एजेंसी ने कहा है कि होर्मुज को खोलने का यह फैसला अभी भी स्पष्ट नहीं है और इस पर सरकार के भीतर पूर्ण सहमति नहीं बनी है। मेहर न्यूज एजेंसी ने भी इसी तरह के संदेह प्रकट किए हैं।

इन एजेंसियों के अनुसार, यह घोषणा जल्दबाजी में की गई है और इसके लिए समुचित अंतर्देशीय मंजूरी नहीं ली गई है। ईरान की राजनीतिक परिस्थिति काफी जटिल है, और ऐसे महत्वपूर्ण निर्णयों को आम सहमति से ही लिया जाना चाहिए। सरकारी मीडिया के इस रुख से यह संकेत मिल रहा है कि ईरान के भीतर इस मुद्दे पर आंतरिक मतभेद हैं।

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर असर

होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से प्रतिदिन लाखों बैरल तेल गुजरता है और विभिन्न देशों के व्यापारिक जहाज चलते हैं। ईरान का यह क्षेत्र पर नियंत्रण है, और इसी वजह से इस जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर हमेशा अंतर्राष्ट्रीय ध्यान रहता है।

पिछले 48 दिनों में जब इस मार्ग पर तनाव रहा, तो अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। व्यापारी समुदाय काफी चिंतित रहा। ऐसे में अराघची की घोषणा से एक अस्थायी राहत मिली थी, लेकिन अब जब सरकारी मीडिया ही इस पर सवाल उठा रहा है, तो स्थिति फिर से अस्पष्ट हो गई है।

राजनीतिक असहमति का संकेत

ईरान के भीतर इस तरह की सार्वजनिक असहमति एक गंभीर राजनीतिक संकेत है। अराघची की घोषणा के तुरंत बाद सरकारी मीडिया का विरोध यह दर्शाता है कि ईरान की सरकार के विभिन्न अंग और संगठनों के बीच इस मुद्दे पर मतभेद है।

यह संभव है कि सरकार के कुछ विभाग इस घोषणा से सहमत न हों, या फिर वे इसे अपने हितों के खिलाफ मानते हों। ईरान में सर्वोच्च नेता का विशेष महत्व है, और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए उनकी मंजूरी आवश्यक होती है। अगर मीडिया के माध्यम से ऐसी असहमति सामने आ रही है, तो यह संकेत देता है कि यह निर्णय पूरी तरह से अंतिम या मान्य नहीं हो सकता है।

स्थिति की अस्पष्टता

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की खुलने-बंद होने की स्थिति अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अराघची का बयान कितना प्रमाणिक है, इसे लेकर संदेह बना हुआ है। क्या यह पूरी तरह खोला जाएगा? क्या इसमें कोई शर्तें होंगी? क्या अन्य देशों के साथ कोई समझौता किया गया है? ये सभी सवाल अभी बिना जवाब हैं।

इस अस्पष्टता के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बनी रहेगी। व्यापारी और निवेशक यह नहीं जान पाएंगे कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब और किस हद तक भरोसा किया जा सकता है।

आगे की राह

इस परिस्थिति में ईरान को स्पष्ट और समन्वित रुख अपनाना चाहिए। अगर होर्मुज को खोलने का निर्णय ले लिया गया है, तो सरकार को इसे पूरी पारदर्शिता के साथ घोषित करना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को विश्वसनीय आश्वासन देने चाहिएं और सभी हितधारकों को सूचित रखना चाहिए।

सरकार के विभिन्न अंगों के बीच आंतरिक सहमति बनाई जानी चाहिए ताकि ऐसी स्थिति न रहे कि एक विभाग कुछ कहे और दूसरा कुछ और। इससे न केवल अंतर्राष्ट्रीय विश्वास बनेगा, बल्कि ईरान की राजनीतिक स्थिरता भी बढ़ेगी।

वर्तमान समय में जब विश्व अर्थव्यवस्था संवेदनशील स्थिति में है, होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर अनिश्चितता किसी के लिए भी हितकर नहीं है। ईरान को अपनी आंतरिक असहमतियों को सुलझाकर एक स्पष्ट नीति घोषित करनी चाहिए। इसी में सभी के हित हैं।