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Tuesday, 18 August 2026
समाचार

भारतीय सेना को मिलेगी हैमर, वर्बा और एटीजीएम मिसाइलें

author
Komal
संवाददाता
📅 03 July 2026, 6:17 AM ⏱ 1 मिनट 👁 724 views
भारतीय सेना को मिलेगी हैमर, वर्बा और एटीजीएम मिसाइलें
📷 aarpaarkhabar.com

भारतीय सेना को जल्द ही अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस किया जाने वाला है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की तीन जुलाई को होने वाली बैठक में कई महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों को खरीद की मंजूरी मिलने की प्रबल संभावना है। इन हथियारों में HAMMER मिसाइल, Verba एयर डिफेंस सिस्टम, MP-ATGM (मल्टी-प्लेटफॉर्म एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल) और स्यूडो सैटेलाइट्स शामिल हैं। ये सभी खरीद भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना की सामरिक क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगी।

HAMMER मिसाइल का महत्व और क्षमता

HAMMER मिसाइल प्रणाली एक बेहद आधुनिक और घातक हथियार है जिसे लंबी दूरी के लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह मिसाइल भारतीय सेना की स्ट्राइक क्षमता को बहुत हद तक बढ़ाएगी। HAMMER मिसाइल की सटीकता और विनाशक क्षमता विश्वमानदंड की है। इस मिसाइल प्रणाली के माध्यम से भारतीय सेना दुश्मन के ठिकानों और सैन्य स्थापनाओं को बहुत दूर से ही निशाना बना सकेगी।

इस मिसाइल प्रणाली की खास बात यह है कि यह विभिन्न प्लेटफॉर्मों से लॉन्च की जा सकती है। जमीन से, हवा से और समुद्र से इस मिसाइल को दागा जा सकता है। इसका अर्थ यह है कि भारतीय सशस्त्र बलों को युद्ध के मैदान में अधिक लचीलेपन और विकल्पों की सुविधा मिलेगी। HAMMER मिसाइल की रेंज भी बेहद प्रभावशाली है और यह लंबी दूरी के लक्ष्यों को सटीकतापूर्वक मार सकती है।

Verba एयर डिफेंस सिस्टम की जरूरत और फायदे

Verba एयर डिफेंस सिस्टम भारतीय सेना की हवाई सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। आजकल के आधुनिक युद्ध में हवाई हमले का खतरा हमेशा रहता है। दुश्मन के विमान, हेलीकॉप्टर और अन्य हवाई प्लेटफॉर्म से बचाव के लिए एक मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम होना अत्यंत जरूरी है।

Verba सिस्टम एक सोफिस्टिकेटेड हथियार प्रणाली है जो कम और मध्यम ऊंचाई वाले हवाई लक्ष्यों को बेहद प्रभावी तरीके से रोक सकती है। यह सिस्टम बेहद तेजी से लक्ष्य को ट्रैक कर सकता है और तुरंत प्रतिक्रिया दे सकता है। Verba के साथ भारतीय सेना के सैनिकों को जमीनी स्तर पर हवाई सुरक्षा की एक मजबूत परत मिलेगी।

यह प्रणाली विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में अत्यंत कारगर साबित होगी। पर्वतीय इलाकों और दुर्गम भूभाग में तैनात सैन्य दलों को इससे बेहतर सुरक्षा मिलेगी। Verba सिस्टम की गतिशीलता भी बेहद अच्छी है, जिससे इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता है।

MP-ATGM और स्यूडो सैटेलाइट्स की रणनीतिक भूमिका

MP-ATGM यानी मल्टी-प्लेटफॉर्म एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल भारतीय सेना की टैंक रोधी क्षमता को अगले स्तर तक ले जाएगी। आधुनिक समय में दुश्मन के बख्तरबंद दल (टैंक और अन्य बख्तरबंद वाहन) एक बड़ा खतरा हो सकते हैं। MP-ATGM इसी खतरे से निपटने के लिए एक प्रभावी समाधान है।

इस मिसाइल प्रणाली की खास विशेषता यह है कि इसे विभिन्न प्लेटफॉर्मों से चलाया जा सकता है। पैदल सेना के सैनिक, वाहन और विमान सभी MP-ATGM का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे सेना को अधिक लचीलापन और रणनीतिक फायदे मिलेंगे। दुश्मन के बख्तरबंद दलों को शिकार बनाने के लिए भारतीय सेना को अब अधिक प्रभावी और सटीक माध्यम मिल जाएगा।

स्यूडो सैटेलाइट्स भारतीय वायु सेना की टोही और निगरानी क्षमता को बहुत अधिक बढ़ाएंगे। ये उपकरण आकाश में लंबे समय तक रह सकते हैं और बड़े क्षेत्रों की निगरानी कर सकते हैं। सैन्य कार्यवाही में सही और समय पर सूचना सबसे महत्वपूर्ण होती है। स्यूडो सैटेलाइट्स इसी सूचना प्रणाली को मजबूत करने में मदद करेंगे।

DAC की मंजूरी का महत्व

रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) भारत की सबसे महत्वपूर्ण रक्षा निर्णय लेने वाली संस्था है। इसकी मंजूरी के बाद ही कोई भी बड़ी सैन्य खरीद आगे बढ़ सकती है। तीन जुलाई को होने वाली बैठक में इन सभी हथियार प्रणालियों की मंजूरी मिलने का अर्थ है कि भारत अपनी सैन्य शक्ति को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह खरीद भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना के लिए एक बड़ी जीत है। इन हथियारों से तीनों सेनाओं की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। भारत की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए ये सभी खरीद बेहद जरूरी और समयोचित हैं। आने वाले समय में जब भारत इन उन्नत हथियार प्रणालियों को अपनी सेनाओं में शामिल करेगा, तो दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन में एक महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की रक्षा क्षमता में यह वृद्धि एक बड़ा संदेश देगी। यह साफ करेगी कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किस हद तक जा सकता है और कितनी गंभीरता से अपनी सुरक्षा को लेता है। इन उन्नत हथियार प्रणालियों के माध्यम से भारत विश्व की शक्तिशाली सेनाओं की पंक्ति में और आगे बढ़ेगा।