इस्राइल का लेबनान पर हमला, 254 मृत, ईरान की जवाबी कार्रवाई
पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ गया है। इस्राइल ने लेबनान में भीषण हमले किए हैं जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्षविराम की घोषणा के महज कुछ घंटों बाद ही इस्राइल ने यह ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। इस घटनाक्रम से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बन गया है।
अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार लेबनान के विभिन्न इलाकों में हुए इन हमलों में कम से कम 254 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा 1,000 से भी अधिक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हमले बेरूत और इसके आसपास के इलाकों में केंद्रित थे। आवासीय इलाकों में हुए इन हमलों से असंख्य इमारतें ढह गई हैं और लोगों का जन-मानस भय के माहौल में डूबा हुआ है।
इस्राइली हमलों की तीव्रता और व्यापकता
इस्राइलियों ने लेबनान पर जो हमले किए हैं वे अत्यंत विनाशकारी साबित हुए हैं। सूत्रों के अनुसार लड़ाकू विमानों और तोपखाने के माध्यम से एक के बाद एक हमले दिए गए। बेरूत के दक्षिणी इलाकों में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली है जहां हेजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। लेकिन हमलों में आम नागरिकों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय अस्पतालों में आने वाले घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। कई अस्पताल और क्लीनिकों को भी नुकसान पहुंचा है जिससे घायलों का इलाज करना मुश्किल हो गया है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों से मानवीय सहायता की अपील की जा रही है।
इस्राइली कार्रवाई के पीछे माना जा रहा है कि हेजबुल्लाह के खिलाफ उसका आक्रामक रुख है। हेजबुल्लाह को ईरान का करीबी सहयोगी माना जाता है। लेबनान में इस संगठन का काफी प्रभाव है और यह इस्राइल के लिए एक बड़ा सुरक्षा खतरा माना जाता है। लेकिन इस कार्रवाई से क्षेत्र में और भी बड़ा संकट पैदा हो गया है।
ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कार्रवाई
इस्राइल के हमलों के जवाब में ईरान ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां से विश्व के तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना एक बहुत ही गंभीर कदम है जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। ईरान की इस कार्रवाई से तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी और विश्व बाजार में भारी उथल-पुथल आ सकती है। यह कदम ईरान की ओर से एक स्पष्ट संदेश है कि वह इस्राइली आक्रमण को गंभीरता से ले रहा है।
अंतरराष्ट्रीय जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है। ईरानी नौसेना ने इस क्षेत्र को सील कर दिया है। व्यापारिक जहाजों की भीड़ लगी हुई है और हर कोई इस स्थिति से परेशान है। वैश्विक व्यापार प्रभावित होना तय है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएं
इन घटनाओं के बाद संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने तुरंत संघर्षविराम का आह्वान किया है। अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भी हिंसा बंद करने की अपील की है।
हालांकि ईरान और इस्राइल के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट और गहरा सकता है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है।
मध्य पूर्व में शांति स्थापित करना अभी बहुत मुश्किल लगता है। इस्राइल, ईरान, लेबनान और अन्य देशों के बीच जटिल समीकरण को सुलझाना आसान नहीं है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके लिए ठोस प्रयास करने होंगे नहीं तो पूरा क्षेत्र एक बहुत बड़े संकट में फंस सकता है।
लेबनान की जनता इन हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। देश पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा था और अब इन विनाशकारी हमलों ने स्थिति को और भी खराब कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठन लेबनान में राहत कार्य शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
यह समय बहुत ही नाजुक है और सभी पक्षों को संतुलन बनाना होगा। सैन्य कार्रवाइयों की श्रृंखला से बचना आवश्यक है क्योंकि इससे केवल और अधिक जनहानि होगी। राजनयिक समाधान ही इस समस्या का एकमात्र रास्ता है।




