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Saturday, 04 July 2026
समाचार

194 साल का जोनाथन कछुआ, पीएम मोदी की मुलाकात

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Komal
संवाददाता
📅 27 June 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 530 views
194 साल का जोनाथन कछुआ, पीएम मोदी की मुलाकात
📷 aarpaarkhabar.com

हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स के द्वीप राष्ट्र को 1976 में ब्रिटेन से आजादी मिली थी। इस साल देश अपनी स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती मना रहा है। यह विशेष अवसर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को और भी महत्वपूर्ण बना देता है। लेकिन इस यात्रा की सबसे दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी सेशेल्स में दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित प्राणी से मुलाकात करने वाले हैं। यह प्राणी है 194 साल का विशालकाय कछुआ जिसका नाम जोनाथन है।

जोनाथन नाम का यह कछुआ सेशेल्स के प्लांटेशन हाउस में रहता है। वह न सिर्फ सेशेल्स के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। जोनाथन दुनिया का सबसे पुराना जीवित कछुआ है। उसका जीवन मानव इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। जब जोनाथन का जन्म हुआ था, तब भारत अभी ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन था। 1950 में जब भारत गणराज्य बना, तब भी जोनाथन जीवित था।

जोनाथन के जीवन का लंबा इतिहास

जोनाथन का जन्म 1830 के आसपास सेशेल्स में हुआ माना जाता है। कुछ विशेषज्ञ उसके जन्म को 1832 में मानते हैं, लेकिन आम तौर पर 1830 को ही उसका जन्म वर्ष माना जाता है। इसका मतलब है कि जोनाथन ने पिछले 194 सालों में दुनिया को बदलते हुए देखा है। उसके जीवनकाल में रेलवे का आविष्कार हुआ, बिजली की खोज हुई, हवाई जहाज का निर्माण हुआ, और फिर इंटरनेट का आगमन हुआ। वह सभी कुछ देखता रहा है।

जोनाथन को 1882 में सेशेल्स के गवर्नर सर विलियम रॉबिन्सन के द्वारा सेशेल्स लाया गया था। तब से वह इस द्वीप राष्ट्र में ही रह रहा है। उसके आगमन के बाद से ही वह सेशेल्स का एक अभिन्न अंग बन गया है। सेशेल्स के लोग उसे बहुत प्यार और सम्मान से देखते हैं। जोनाथन के चारों ओर एक संरक्षणकारी दीवार बनी हुई है जो उसे सुरक्षा प्रदान करती है।

पिछले कुछ वर्षों में जोनाथन की सेहत में कुछ समस्याएं आई हैं। 2017 में उसकी आंखों में संक्रमण हुआ था जिसके कारण वह अंधा हो गया। लेकिन इसके बाद भी वह जीवन के लिए अपनी लड़ाई जारी रखे हुए है। पशु चिकित्सकों के द्वारा उसकी नियमित देखभाल की जाती है। जोनाथन को स्वस्थ रखने के लिए विशेष भोजन और देखभाल दी जाती है।

पीएम मोदी की यात्रा और जोनाथन की मुलाकात

पीएम नरेंद्र मोदी मई 2024 में अपनी विदेश यात्रा के दौरान सेशेल्स जा रहे हैं। यह यात्रा भारत और सेशेल्स के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए है। सेशेल्स की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के अवसर पर यह यात्रा बहुत ही महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी न केवल सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेंगे, बल्कि वह जोनाथन से भी मिलने जाएंगे।

जोनाथन से पीएम मोदी की मुलाकात एक ऐतिहासिक क्षण होगा। यह मुलाकात दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण है। भारत सेशेल्स का एक महत्वपूर्ण भागीदार है, और यह यात्रा इसी भागीदारी को दिखाता है। जोनाथन की सेहत को देखते हुए, ऐसी मुलाकातें उसके जीवन में खुशी और नई ऊर्जा ला सकती हैं।

सेशेल्स की स्वतंत्रता और भारत के साथ संबंध

सेशेल्स को 29 जून 1976 को ब्रिटेन से आजादी मिली थी। यह द्वीप राष्ट्र हिंद महासागर में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध हैं। दोनों देश आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक स्तर पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।

इंद्रीय महासागर क्षेत्र में सेशेल्स की भौगोलिक स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है। भारत इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए सेशेल्स के साथ सहयोग करता है। पीएम मोदी की यात्रा इसी सहयोग को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है। जोनाथन से मुलाकात इस यात्रा को एक व्यक्तिगत और मानवीय स्पर्श देती है।

जोनाथन का अस्तित्व अपने आप में एक चमत्कार है। 194 सालों का जीवन किसी भी जीव के लिए असाधारण है। वह न सिर्फ एक कछुआ है, बल्कि सेशेल्स का एक राष्ट्रीय खजाना है। पीएम मोदी की जोनाथन से मुलाकात इस बात को दर्शाती है कि भारत सेशेल्स के इतिहास और विरासत को कितना सम्मान देता है। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच के संबंधों को एक नए आयाम में ले जाएगी।