खान सर की कोचिंग पर लगा ताला, PDA का बड़ा एक्शन
लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुई भीषण अग्निकांड की घटना के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों पर शिकंजा कस गया है। सुरक्षा के मानकों का पालन न करने वाले कोचिंग सेंटरों के खिलाफ प्रशासन कड़ी कार्रवाई कर रहा है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण यानी पीडीए ने भी इसी क्रम में सिविल लाइंस इलाके में स्थित खान ग्लोबल क्लासेज को सील कर दिया है। यह कार्रवाई की गई क्योंकि इस कोचिंग संस्थान में निर्धारित सुरक्षा के मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा था।
प्रयागराज प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई से पहले कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले सभी छात्रों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। इसके बाद कोचिंग के प्रवेश द्वार पर सील लगा दिया गया और एक आधिकारिक नोटिस भी चस्पा किया गया। इस नोटिस में निर्दिष्ट किया गया है कि जब तक सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, तब तक यह कोचिंग संस्थान संचालित नहीं हो सकता।
लखनऊ में हुई अग्निकांड की घटना में कई लोगों की जान गई थी, जिससे पूरे देश में सदमा फैल गया था। उस घटना के बाद सभी प्रदेशों में शैक्षणिक संस्थानों और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में प्रशासन ने कई कोचिंग संस्थानों को चेतावनी दी है और कुछ को तो सील भी कर दिया है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद सख्ती
लखनऊ के अलीगंज स्थित राज नर्सिंग कॉलेज बिल्डिंग में हुई भयानक आग की घटना में सात लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस घटना में ज्यादातर पीड़ित छात्र थे। इस दुर्घटना से सभी को पता चल गया कि कोचिंग संस्थानों और शैक्षणिक भवनों में सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। आग से बचाव के उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशमन यंत्र और प्रशिक्षित कर्मचारी - ये सभी चीजें बेहद आवश्यक हैं। लखनऊ की घटना के बाद यह स्पष्ट हो गया कि कई कोचिंग संस्थान इन सुविधाओं से लैस नहीं हैं।
इसी कारण से प्रयागराज प्रशासन ने खान ग्लोबल क्लासेज समेत अन्य कोचिंग संस्थानों की भी जांच की है। जहां भी मानकों का पालन न किया जा रहा हो, वहां तुरंत सुधार के नोटिस भेजे जा रहे हैं और यदि सुधार न हो तो सील करने का आदेश दिया जा रहा है। यह प्रशासनिक कदम काफी सराहनीय है क्योंकि यह छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
सुरक्षा मानकों का महत्व
कोई भी शैक्षणिक संस्थान या कोचिंग सेंटर चाहे जितना भी अच्छा हो, लेकिन यदि उसमें सुरक्षा की उचित व्यवस्था नहीं है तो वह संस्थान किसी के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। किसी भवन में अग्निशमन यंत्र होना चाहिए, पर्याप्त संख्या में आपातकालीन निकास द्वार होने चाहिए, विद्युत व्यवस्था सुरक्षित होनी चाहिए और भवन का निर्माण अग्निरोधी सामग्री से होना चाहिए।
इसके अलावा कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए, यह सिखाया जाना चाहिए। छात्रों को भी नियमित अंतराल पर अग्निसुरक्षा के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। प्रयागराज में खान ग्लोबल क्लासेज को सील करने का निर्णय इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
कोचिंग संस्थानों के लिए चेतावनी
प्रयागराज और उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में सैकड़ों कोचिंग संस्थान हैं। इन सभी को अब सतर्क हो जाना चाहिए। प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि कोई कोचिंग संस्थान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहा है तो उसे तुरंत सुधार करना चाहिए।
छात्रों के माता-पिता को भी यह जिम्मेदारी है कि वे अपने बच्चों को केवल उन्हीं कोचिंग संस्थानों में दाखिला दें जहां सुरक्षा की पूरी व्यवस्था हो। लखनऊ की अग्निकांड घटना से सीख लेते हुए प्रशासन ने जो कठोर कदम उठाए हैं, वह सराहनीय हैं। प्रयागराज में खान ग्लोबल क्लासेज को सील करना इसी सतर्कता का परिणाम है।
आशा है कि अन्य कोचिंग संस्थान भी इस कार्रवाई से सीख लेंगे और अपनी सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करेंगे। छात्रों की सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए कोई भी कदम कठोर नहीं होना चाहिए।




