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Tuesday, 18 August 2026
स्वास्थ्य

ममता बनर्जी का आरोप: अभिषेक के इलाज में कोताही

author
Komal
संवाददाता
📅 31 May 2026, 5:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 692 views
ममता बनर्जी का आरोप: अभिषेक के इलाज में कोताही
📷 aarpaarkhabar.com

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख नेता ममता बनर्जी ने सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में अस्पताल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि घायल अभिषेक के इलाज में अस्पताल ने कोताही की है और राजनीतिक दबाव के कारण चिकित्सकों को सही ढंग से काम नहीं करने दिया गया। ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर न केवल अस्पताल बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद चिंताजनक है और इसमें कई संदिग्ध बातें हैं। अभिषेक बनर्जी, जो तृणमूल कांग्रेस के सांसद हैं, को सड़क पर हमला किया गया था। इस घटना के बाद से ही ममता बनर्जी गुस्से की स्थिति में हैं। उन्होंने पूरी घटना की गहन जांच की मांग की है और कहा है कि यह केवल एक साधारण हमला नहीं है।

अभिषेक के इलाज में अस्पताल की लापरवाही

ममता बनर्जी के अनुसार, बेले व्यू अस्पताल ने अभिषेक के इलाज में उचित सावधानी नहीं बरती है। उन्होंने कहा है कि घायल सांसद को अस्पताल में भर्ती न करने का फैसला काफी संदिग्ध है। अगर वाकई में अभिषेक को कोई गंभीर चोट नहीं आई होती, तो यह बात बिल्कुल अलग होती, लेकिन सवाल यह उठता है कि हमले की गंभीरता को लेकर अलग-अलग बयान क्यों आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों को राजनीतिक दबाव में आकर गलत रिपोर्ट देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने अस्पताल के प्रशासन से सवाल पूछे कि आखिर कौन सी शक्तियां हैं जो चिकित्सकों को सच बोलने से रोक रही हैं। यह राज्य के स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के लिए एक बेहद गंभीर मामला है।

ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक इस मामले की पूरी जांच नहीं हो जाती और सच सामने नहीं आता, तब तक वह शांत नहीं बैठेंगी। उन्होंने अस्पताल के प्रशासन को सीधा निर्देश दिया है कि अभिषेक की स्वास्थ्य जांच दोबारा की जाए और इस बार पूरी पारदर्शिता के साथ रिपोर्ट दी जाए।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामियां

एक सांसद पर सड़े पर हमला होना और सुरक्षा व्यवस्था इसे रोकने में नाकाम रहना - यह बात ममता बनर्जी के लिए स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को हर समय उचित सुरक्षा मिलनी चाहिए। यह एक संवैधानिक पद है और इसके साथ सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

ममता ने सीधे सवाल उठाया कि जब एक सांसद सड़े पर हमले का शिकार हो सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने पूरे राज्य में चिंता की स्थिति पैदा कर दी है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के मामले पहले भी सामने आए हैं, लेकिन यह घटना इसलिए अधिक गंभीर है क्योंकि यह एक राष्ट्रीय स्तर के नेता और सांसद से जुड़ी है।

मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को भी आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में जो खामियां दिख रही हैं, उन्हें तुरंत दूर किया जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल पुलिस को इस घटना की गहन जांच करनी चाहिए और जल्दी से जल्दी दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए।

बेले व्यू अस्पताल का बयान

दूसरी ओर, बेले व्यू अस्पताल के प्रशासन का कहना है कि अभिषेक बनर्जी को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा है कि सांसद की मेडिकल जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि उन्हें किसी भी तरह की गंभीर चोट नहीं है। इसी कारण उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं समझी गई।

हालांकि, अस्पताल के इस बयान से ममता बनर्जी पूरी तरह असहमत हैं। उन्होंने कहा है कि यह रिपोर्ट संदिग्ध परिस्थितियों में तैयार की गई है। ममता ने अभिषेक की जांच किसी अन्य स्वतंत्र अस्पताल से करवाने का आदेश दिया है।

यह घटना पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव को और भी बढ़ा सकती है। ममता बनर्जी के आरोपों ने सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले का विकास देखना होगा।