मार्को रुबियो: भारत बेहतरीन साझेदार, ईरान वार्ता में सकारात्मक संकेत
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा है कि भारत अमेरिका के लिए एक बेहतरीन और महत्वपूर्ण साझेदार है। रुबियो ने ट्रंप प्रशासन की ओर से यह संदेश दिया कि अमेरिका भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत यात्रा से पहले अपने विचार व्यक्त किए हैं और आने वाले समय में भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही है।
ईरान वार्ता में सकारात्मक संकेत
मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ चल रही वार्ता में अच्छे संकेत दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ संवाद के लिए खुला है और वर्तमान में बातचीत का दौर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी प्रकार की समझौते के लिए बिना किसी शर्त के तैयार नहीं है। ट्रंप प्रशासन ने अपनी ओर से सैन्य विकल्पों को भी खुला रखा है, ताकि अगर बातचीत विफल हो तो अमेरिका के पास अन्य रास्ते भी हों।
रुबियो ने कहा कि अगर ईरान एक जिम्मेदार राष्ट्र की तरह व्यवहार करता है और अमेरिका की मांगों को पूरा करता है तो शांतिपूर्ण समाधान संभव है। लेकिन यदि ईरान अपनी दुराचारी नीतियां जारी रखता है तो अमेरिका को सैन्य कार्रवाई के लिए भी तैयार रहना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका की इच्छा शांति की है, लेकिन शांति के लिए समझदारी की आवश्यकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की नीति पर एतराज
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की टोल योजना पर कड़ा एतराज जताया है। ईरान ने हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की घोषणा की थी, जिसके खिलाफ रुबियो ने अमेरिका की ओर से कठोर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह एक अंतर्राष्ट्रीय जलडमरूमध्य है और किसी भी देश को यहां से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का अधिकार नहीं है।
रुबियो ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्ग है और इसे खुला रखना सभी देशों के हित में है। ईरान की यह नीति न केवल अमेरिका बल्कि पूरे विश्व के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस नीति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा और यदि आवश्यक हो तो सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है।
भारत को ऊर्जा आपूर्ति की प्रतिबद्धता
मार्को रुबियो ने अपने भारत दौरे से पहले कहा है कि अमेरिका भारत को उसकी जरूरत के अनुसार ऊर्जा की आपूर्ति करने के लिए तैयार है। भारत के तेजी से विकास के कारण उसकी ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है, और अमेरिका इस मांग को पूरा करने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। रुबियो ने भारत को एक उदीयमान महाशक्ति के रूप में देखा है और कहा है कि अमेरिका का हित भारत के साथ मजबूत संबंध रखने में है।
रुबियो ने यह भी कहा कि भारत अपनी आर्थिक और सैन्य शक्ति के कारण एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अमेरिका भारत के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग करके इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को मजबूत करना चाहता है। वह भारत के साथ व्यापार, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक क्षेत्रों में अधिक गहन संबंध विकसित करने की बात कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री का यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रुबियो के बयानों से स्पष्ट है कि ट्रंप प्रशासन भारत को एक महत्वपूर्ण सामरिक साझेदार के रूप में देख रहा है। भारत के लिए यह एक अच्छा अवसर है कि वह अमेरिका के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करे और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाए।




