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Thursday, 30 July 2026
विश्व

नेतन्याहू ने अमेरिका-ईरान डील पर जताया गुस्सा

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Komal
संवाददाता
📅 16 June 2026, 5:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 689 views
नेतन्याहू ने अमेरिका-ईरान डील पर जताया गुस्सा
📷 aarpaarkhabar.com

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुई डील पर अपनी नाराजगी प्रकट की है। नेतन्याहू का मानना है कि यह डील इजरायल के हितों के खिलाफ है और इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इस मामले पर उनकी राय पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राय से बिल्कुल अलग है।

नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि इजरायल की जंग अभी तक पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि इजराइली सेना ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया है। ये वही क्षेत्र हैं जिन पर पहले हिजबुल्लाह का कब्जा था और वह इन इलाकों से इजरायल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई किया करता था।

इजरायली नेतृत्व का मानना है कि ईरान के साथ किसी भी तरह की डील करने से पहले पूरी तरह से सावधानी बरती जानी चाहिए। ईरान को इस क्षेत्र में एक प्रमुख खतरे के रूप में देखा जाता है क्योंकि यह हिजबुल्लाह, हमास और अन्य प्रतिरोधी संगठनों को वित्तीय और सैन्य सहायता प्रदान करता है।

अमेरिका-ईरान डील पर नेतन्याहू की चिंता

नेतन्याहू की चिंता मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि अमेरिका-ईरान डील के तहत ईरान को कुछ प्रतिबंधों से मुक्ति मिल सकती है। इससे ईरान अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ा सकता है और क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी को मजबूत कर सकता है। इजरायल का मानना है कि ईरान का मजबूत होना सीधे तौर पर इजरायल के सुरक्षा के लिए खतरा है।

इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि इजरायल हमेशा अपनी सुरक्षा के लिए खुद पर निर्भर रहना पसंद करता है। वह किसी अन्य देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता है। नेतन्याहू ने यह स्पष्ट किया है कि अगर इजरायल की सुरक्षा को खतरा महसूस होगा तो वह अपनी ओर से कदम उठाने में नहीं हिचकिचाएगा।

हिजबुल्लाह पर नियंत्रण और सैन्य कार्रवाई

नेतन्याहू ने गर्व के साथ बताया कि इजराइली सेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नियंत्रण कर लिया है। ये इलाके लंबे समय से हिजबुल्लाह के नियंत्रण में थे और यहाँ से वह इजरायल पर हमले किया करते थे। हिजबुल्लाह के पास उन्नत हथियार और मिसाइलें थीं जिनसे इजरायल के शहरों और कस्बों को निशाना बनाया जाता था।

इजराइली सेना की इन कार्रवाइयों से यह संदेश जाता है कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए कितना गंभीर है। नेतन्याहू का मानना है कि हिजबुल्लाह और ईरान को यह संदेश देना जरूरी है कि इजरायल किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा।

ट्रंप से अलग नीति पर अड़ें नेतन्याहू

नेतन्याहू ने साफ कहा है कि इस मुद्दे पर उनकी राय ट्रंप की राय से अलग है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ईरान के साथ परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर निकाल दिया था। लेकिन वर्तमान स्थिति में नेतन्याहू को लगता है कि कुछ और कदम उठाने की जरूरत है।

इजरायली नेता ने यह भी कहा कि इजरायल की अपनी एक स्वतंत्र नीति है और वह इसका पालन करेगा। वह अमेरिका के साथ मिल कर काम करना चाहते हैं लेकिन अपने देश के हितों को सबसे पहले रखेंगे। इजरायल की सुरक्षा नीति इस बात पर आधारित है कि देश को हर समय संभावित खतरों के लिए तैयार रहना चाहिए।

नेतन्याहू की इस टिप्पणी से साफ है कि इजरायल अपने राज्य की सुरक्षा को लेकर कितना सजग है। वह किसी भी अंतर्राष्ट्रीय समझौते को अपने देश के हित का मापकाठी बनाता है। इजरायल-ईरान के बीच तनाव को देखते हुए इस क्षेत्र में किसी भी तरह की डील बेहद संवेदनशील मुद्दा है।

भविष्य में इजरायल-ईरान के बीच का संघर्ष कैसे आगे बढ़ेगा यह देखना बाकी है। लेकिन नेतन्याहू की मजबूत रुख से यह साफ है कि इजरायल इस क्षेत्र में अपनी सुरक्षा के लिए कोई भी समझौता नहीं करेगा।