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Thursday, 04 June 2026
खेल

पंचकूला से अमेरिकियों को ठगने वाली गैंग गिरफ्तार

author
Komal
संवाददाता
📅 03 June 2026, 7:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 340 views
पंचकूला से अमेरिकियों को ठगने वाली गैंग गिरफ्तार
📷 aarpaarkhabar.com

हरियाणा के पंचकूला जिले से एक बड़ी ठगी का खुलासा हुआ है। पुलिस को जिस फर्जी कॉल सेंटर पर छापा पड़ा, वहां से अमेरिकी नागरिकों को करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही थी। यह मामला इसलिए और भी गंभीर है क्योंकि ठग अपने आपको किसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी का कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताकर लोगों को धोखाधड़ी कर रहे थे। हरियाणा पुलिस की कार्रवाई से इस अंतरराष्ट्रीय ठगी के गिरोह का जाल टूट गया है और कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

इस संगठित अपराध को समझने के लिए हमें यह जानना जरूरी है कि ये ठग अपना काम कैसे करते थे। अमेरिका से फोन कॉल आते थे, लेकिन असली ऑपरेशन पंचकूला के एक छिपे हुए कार्यालय से चलाया जा रहा था। ठग अपने आपको किसी प्रसिद्ध ई-कॉमर्स वेबसाइट का कस्टमर सर्विस एग्जीक्यूटिव बताते थे और कहते थे कि आपके अकाउंट में कुछ समस्या आई है या आपके साथ कोई धोखाधड़ी हो गई है।

जब अमेरिकी नागरिक चिंतित होकर अपनी जानकारी देने को तैयार हो जाते थे, तो ये ठग अपनी एक चतुर रणनीति का इस्तेमाल करते थे। वे पीड़ित के कंप्यूटर या स्मार्टफोन का नियंत्रण अपने हाथों में ले लेते थे और फिर उसके बैंक अकाउंट से सीधे पैसे निकाल लेते थे। यह पूरी प्रक्रिया कुछ मिनटों में पूरी हो जाती थी और पीड़ित को पता तक नहीं चल पाता था कि उसके साथ क्या हुआ।

पंचकूला से संचालित यह गैंग कितनी बड़ी थी

हरियाणा पुलिस की जांच में पता चला है कि यह गैंग काफी संगठित तरीके से काम कर रही थी। पंचकूला के अलग-अलग इलाकों में इनके कई ऑपरेशन सेंटर थे। ये ठग विभिन्न शिफ्ट में काम करते थे ताकि अमेरिका के विभिन्न समय क्षेत्रों को टार्गेट किया जा सके। इस गिरोह के पास बड़ी संख्या में नकली आईडी, विभिन्न ई-कॉमर्स कंपनियों के नकली पहचान पत्र और अन्य धोखाधड़ी के उपकरण मिले हैं।

जब पुलिस ने इन ऑपरेशन सेंटरों पर छापा मारा, तो उन्होंने कई उन्नत तकनीकें भी खोजीं जो इंटरनेशनल कॉल्स को मैनेज करने के लिए इस्तेमाल की जाती थीं। ये तकनीकें VPN का इस्तेमाल करके अपने को अलग जगह से दिखाती थीं। गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ तकनीकी विशेषज्ञ भी थे जो इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में मदद कर रहे थे।

पुलिस को इस गैंग की जानकारी कैसे मिली

हरियाणा पुलिस को अमेरिकी सरकार की तरफ से शिकायतें आ रही थीं कि अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे हैं और उनसे पैसे निकाल रहे हैं। शुरुआत में तो ये स्पष्ट नहीं था कि ये ठगी भारत से हो रही है, लेकिन जब अमेरिकी एजेंसियों ने अपनी जांच गहरी की, तो पता चला कि सब कुछ भारत से ऑपरेट हो रहा है। फिर हरियाणा पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई।

हरियाणा पुलिस के साइबर क्राइम विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एक विस्तृत जांच शुरू की। उन्होंने विभिन्न IP ट्रैकिंग तकनीकों का इस्तेमाल करके यह पता लगाया कि कॉल्स पंचकूला से आ रही हैं। फिर खुफिया जानकारी के आधार पर उन्होंने इन ऑपरेशन सेंटरों की पहचान की।

गिरफ्तारियां और आगे की कार्रवाई

हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से कुल 21 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इन सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धारा के तहत केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस के पास अभी यह जानकारी है कि इन आरोपियों ने अमेरिकी नागरिकों से कितना पैसा ठगा है, लेकिन अनुमान है कि यह रकम करोड़ों में है।

गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के पास बड़े स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं। ये सभी उपकरण अपराध में इस्तेमाल होते थे। पुलिस अब इन आरोपियों की पूरी जानकारी एकत्र कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस गिरोह के और भी कौन से सदस्य हैं।

इस पूरे मामले से यह साफ होता है कि साइबर अपराध कितना गंभीर हो गया है और इसे नियंत्रित करने के लिए कितनी कड़ी कार्रवाई जरूरी है। हरियाणा पुलिस की यह कार्रवाई न केवल भारत में बल्कि अमेरिका में भी सराहनीय मानी जा रही है। भविष्य में पुलिस को ऐसी ठगी के गिरोहों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।