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Sunday, 19 July 2026
धर्म

परभणी मंदिर हादसा: छत गिरने से 6 की मौत

author
Komal
संवाददाता
📅 21 June 2026, 7:47 AM ⏱ 1 मिनट 👁 765 views
परभणी मंदिर हादसा: छत गिरने से 6 की मौत
📷 aarpaarkhabar.com

महाराष्ट्र के परभणी जिले में शनिवार को एक भयानक दुर्घटना घटी जिसमें छह लोगों की जान चली गई। यशवाड़ी मारुति मंदिर के सामने बना सभा मंडप अचानक ढह गया और इस घटना से भारी संख्या में लोग मलबे के नीचे दब गए। इस भीषण हादसे में तीस से चालीस लोगों के फंसे होने की खबर है और बचाव कार्य पूरी तरह से जारी है।

यह दुर्घटना तब हुई जब मंदिर में शनिवार को काफी भीड़ थी। श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आए हुए थे। सभा मंडप जो कि मंदिर के सामने बना हुआ था, अचानक ही जमीन पर आ गिरा। इस अप्रत्याशित घटना से स्थानीय क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी फैल गई। मलबे से चिल्लाहट सुनी जा रही थी जिससे लोगों को अंदाजा हो गया कि काफी लोग घायल या मारे गए हैं।

दुर्घटना की खबर मिलते ही परभणी के स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद से ही बचाव कार्य शुरू हो गया है। राहत और बचाव दल मलबे को साफ करने और घायलों को निकालने में लगे हुए हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया है जहां उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।

मंदिर में हुई दुर्घटना के बारे में विस्तार से जानकारी

यशवाड़ी मारुति मंदिर परभणी जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थान माना जाता है। शनिवार को मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था जिसमें काफी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। मंदिर के सामने जो सभा मंडप बनाया गया था, उसे भीड़ को समायोजित करने के लिए बनाया गया था।

इस सभा मंडप की संरचना में समय के साथ खराबी आ गई होगी जिससे यह अचानक ढह गया। प्रारंभिक जांच से संकेत मिल रहे हैं कि संरचना की मजबूती में कमी थी। मंदिर के संचालकों का कहना है कि मंडप को नियमित रूप से जांचा जाता था, लेकिन ऐसा लगता है कि कोई गंभीर कमी रह गई होगी। यह घटना सभी धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मजबूती की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

बचाव कार्य और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

दुर्घटना के बाद परभणी प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। जिला प्रशासन के अधिकारी, स्थानीय पुलिस और दमकल की विशेष टीम मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्य में भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि मलबे के नीचे से सभी लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके। दर्जनों बचाव कर्मी रात भर काम कर रहे हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत सभी प्रभावितों की मदद करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने घायलों के इलाज के सभी खर्चे वहन करने का निर्णय लिया है। साथ ही, मृतकों के परिवारों को मुआवजे का भी घोषणा की गई है।

सुरक्षा और निर्माण मानकों की चिंता

इस दुर्घटना से स्पष्ट हो गया है कि धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना महत्वपूर्ण है। भारत में कई धार्मिक संरचनाएं अनुचित तरीके से बनाई जाती हैं और बिना सही जांच के काम में लाई जाती हैं। परभणी की इस घटना से सभी जिलों को चेतावनी मिलनी चाहिए कि वे अपने धार्मिक स्थलों के बुनियादी ढांचे की नियमित जांच करें।

स्थानीय निकायों और जिला प्रशासन को चाहिए कि वे सभी धार्मिक संरचनाओं का नियमित निरीक्षण करें। निर्माण कार्य केवल योग्य इंजीनियरों द्वारा ही किया जाना चाहिए। भीड़ क्षमता के नियमों का पालन भी सख्ती से किया जाना चाहिए। इस दुर्घटना से जो सबक मिल रहा है, उसे गंभीरता से लेना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। परभणी की यह भयानक दुर्घटना हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा के प्रति हमारी लापरवाही कितनी कीमत पर पड़ती है।