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Saturday, 04 July 2026
अपराध

राम मंदिर चंदा चोरी: सीसीटीवी फुटेज छेड़छाड़ के सुबूत

author
Komal
संवाददाता
📅 18 June 2026, 6:02 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.2K views
राम मंदिर चंदा चोरी: सीसीटीवी फुटेज छेड़छाड़ के सुबूत
📷 aarpaarkhabar.com

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में नया मोड़

अयोध्या में राम मंदिर के दान की रकम की चोरी का मामला अब और गंभीर हो गया है। विशेष जांच टीम (एसआईटी) को ऐसे शक्तिशाली सुबूत मिले हैं जो संकेत देते हैं कि सीसीटीवी फुटेज में जानबूझकर छेड़छाड़ की गई थी। इस बड़े खुलासे के बाद मुख्य संदिग्ध टिन्नू यादव से पुलिस की ओर से बेहद कड़ी पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी यह सब इसलिए कर रहे थे ताकि अपने किए गए कुकर्म के सबूत को पूरी तरह से मिटाया जा सके।

यह मामला करीब दो महीने पहले तब सामने आया था जब मंदिर प्रबंधन को पता चला कि दान की जमा रकम में भारी कमी आ गई है। मंदिर के खजाने की देखभाल करने वाले कर्मचारियों में से किसी ने इस राशि को चुरा लिया था। पहली जांच में ही संदेह टिन्नू यादव पर गया, जो मंदिर परिसर में सुरक्षा के काम में नियुक्त था। लेकिन जब पुलिस को शुरुआती जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिला, तो मामले को और गहराई से जांचने के लिए एसआईटी का गठन किया गया।

सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ का खुलासा

एसआईटी के सदस्यों ने मंदिर परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की विस्तार से जांच की। इस दौरान उन्हें अचानक ही कुछ अजीब बातें नजर आईं। कुछ महत्वपूर्ण क्षणों का फुटेज गायब था, तो कहीं फुटेज की गुणवत्ता में अचानक बदलाव दिख रहा था। तकनीकी विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद पुलिस को पता चला कि यह सब कुछ जानबूझकर किया गया था। आरोपी ने डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके सीसीटीवी फुटेज में बदलाव करने की कोशिश की थी।

जांच दल के प्रमुख अधिकारी के अनुसार, यह तरीका काफी परिष्कृत था। आरोपी को इस बात की जानकारी थी कि कैसे डिजिटल साक्ष्य को संशोधित किया जा सकता है। संभवतः उसे किसी तकनीकी व्यक्ति की मदद मिली थी, लेकिन अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या कोई और व्यक्ति इस अपराध में शामिल था।

सीसीटीवी सिस्टम के सर्वर से जब बैकअप फुटेज निकाला गया, तो उसमें ज्यादातर सुबूत मिल गए। इन फुटेज में दिख रहा है कि कैसे टिन्नू यादव ने मंदिर के खजाने वाले कक्ष में घुसकर दान की रकम को चुरा लिया। साथ ही, यह भी स्पष्ट है कि बाद में उसने जानबूझकर मुख्य सीसीटीवी डेटा को नष्ट करने की कोशिश की। इन तकनीकी साक्ष्यों ने जांच टीम को सही दिशा दी है।

टिन्नू यादव से कड़ी पूछताछ और आगामी कार्रवाई

एसआईटी के सदस्य पिछले तीन दिनों से टिन्नू यादव से बारी-बारी से पूछताछ कर रहे हैं। शुरुआत में तो वह अपने किए गए कुकर्म को नकार रहा था, लेकिन जब अधिकारियों ने उसके सामने ठोस सुबूत पेश किए, तो वह काफी कुछ स्वीकार करने लगा। उसने अपनी कुछ बातें बताईं, लेकिन अभी भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी छुपाने की कोशिश कर रहा है।

पुलिस को उसके एक मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डेटा मिला है। इसमें ऐसी चैट्स हैं जिनमें वह किसी अन्य व्यक्ति से सीसीटीवी फुटेज को हटाने के बारे में बातचीत कर रहा है। इससे लगता है कि यह अकेले का काम नहीं था। कम से कम दो या तीन लोग इस षड्यंत्र में शामिल हैं। पुलिस उन अन्य लोगों की पहचान करने के लिए भी काम कर रही है।

एसआईटी के प्रमुख ने बताया कि चोरी की गई कुल रकम लगभग 47 लाख रुपये है। इस राशि को टिन्नू यादव ने विभिन्न तरीकों से खर्च कर दिया है। कुछ पैसे उसने अपने व्यक्तिगत खर्चों में लगाए, तो कुछ को उसने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को दिया। अब पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि इस चोरी की हुई रकम का क्या हाल है और कितना हिस्सा वापस किया जा सकता है।

राम मंदिर प्रबंधन बेहद नाराज है इस घटना से। मंदिर के ट्रस्टियों ने कहा है कि ऐसी घटनाएं धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। सभी कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच करी जाएगी और अधिक आधुनिक निगरानी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

यह मामला साफ करता है कि आजकल के अपराधी कितने तकनीकी हो गए हैं। सीसीटीवी फुटेज को हटाकर या संशोधित करके अपने अपराध को छुपाने की कोशिश करना आजकल की प्रवृत्ति बन गई है। लेकिन यह भी सच है कि बैकअप सिस्टम और आधुनिक जांच तकनीकों की वजह से ऐसे अपराधियों को पकड़ना आसान हो जाता है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गंभीर पहलू सामने आने की संभावना है और पुलिस पूरी मजबूती से इसकी जांच कर रही है।