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Saturday, 03 October 2026
समाचार

राम रहीम को 30 दिन की फरलो, 16वीं बार जेल से बाहर

author
Komal
संवाददाता
📅 26 May 2026, 7:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 809 views
राम रहीम को 30 दिन की फरलो, 16वीं बार जेल से बाहर
📷 aarpaarkhabar.com

रोहतक। बाबा राम रहीम को एक बार फिर से जेल से बाहर आने का मौका मिल गया है। सुनारिया जेल प्रशासन द्वारा बाबा राम रहीम को 30 दिन की फरलो दी गई है। यह 16वीं बार है जब बाबा जेल से बाहर आ रहे हैं। सुबह 6 बजकर 32 मिनट पर बाबा रहीम जेल से रवाना हुए। उनको लेने के लिए उनकी अनुयायी हनीप्रीत दो गाड़ियों के साथ सुनारिया जेल पहुंची थीं।

बाबा राम रहीम का नाम पिछले कई सालों से विवादों में रहा है। उन्हें विभिन्न आपराधिक मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है। इसके बावजूद, उन्हें जेल प्रशासन द्वारा नियमित रूप से फरलो दी जाती रहती है। यह प्रक्रिया कानूनी व्यवस्था का एक हिस्सा है जहां कैदियों को अच्छे आचरण और विभिन्न शर्तों को पूरा करने के आधार पर अस्थायी रिहाई दी जाती है।

राम रहीम की जेल से बाहर आने की प्रक्रिया

बाबा राम रहीम की फरलो प्रक्रिया काफी सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न होती है। जेल प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, उन्हें नियमित अंतराल पर फरलो दी जाती है। इस बार भी जेल से निकलने की प्रक्रिया सुबह जल्दी ही शुरू हो गई थी। हनीप्रीत सहित उनके अनुयायियों की एक टीम उन्हें लेने के लिए तैयार रही।

फरलो की अवधि 30 दिन की है, जिसके दौरान बाबा राम रहीम जेल के बाहर रह सकेंगे। हालांकि, उन्हें निर्धारित समय के अंदर जेल वापस लौटना होगा। यह एक महत्वपूर्ण शर्त है जिसे पूरा करना अनिवार्य है। अगर कोई कैदी निर्धारित समय पर जेल वापस नहीं लौटता, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

सुनारिया जेल के अधिकारियों ने सभी आवश्यक कागजात और रिकॉर्ड तैयार किए होंगे। फरलो प्रदान करने से पहले जेल प्रशासन विभिन्न बातों को ध्यान में रखता है। कैदी का आचरण, परिवार की स्थिति, और जेल में रहने का रिकॉर्ड सभी कुछ महत्वपूर्ण होता है।

हनीप्रीत की भूमिका और राम रहीम से जुड़ाव

हनीप्रीत राम रहीम के करीबी सहयोगियों में से एक हैं। उन्होंने पिछले कई वर्षों से बाबा का अनुसरण किया है और उनके कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। इस बार भी हनीप्रीत दो गाड़ियों के साथ सुनारिया जेल पहुंची थीं। यह दर्शाता है कि बाबा राम रहीम के पास अभी भी एक मजबूत अनुयायी दल है।

हनीप्रीत का नाम भी विभिन्न मामलों में आया है। वह बाबा राम रहीम के संगठन की एक महत्वपूर्ण सदस्य मानी जाती हैं। उनकी गतिविधियां अक्सर मीडिया का ध्यान आकर्षित करती हैं। इस बार भी जब वह जेल आईं, तो उनके साथ दो गाड़ियां थीं, जो उनके महत्व को दर्शाता है।

विवाद और कानूनी मामले

राम रहीम के नाम से जुड़े कई गंभीर मामले हैं। उन्हें विभिन्न आपराधिक घटनाओं में दोषी ठहराया जा चुका है। इसके बावजूद, उन्हें नियमित रूप से जेल से बाहर आने की सुविधा दी जाती है। यह भारतीय कानूनी व्यवस्था का एक हिस्सा है जहां कुछ विशेष शर्तों के तहत कैदियों को फरलो दी जा सकती है।

जेल में उनका आचरण अच्छा रहा है, जिस कारण उन्हें फरलो दी जाती है। भारतीय जेल कानून के अनुसार, अच्छे आचरण वाले कैदियों को समय-समय पर बाहर आने की अनुमति दी जाती है। यह व्यवस्था कैदियों के पुनर्सुधार और उनके परिवार के साथ संपर्क बनाए रखने के लिए की जाती है।

इस बार की फरलो राम रहीम के लिए 16वीं बार है जब वह जेल से बाहर आ रहे हैं। यह संख्या काफी अधिक है और यह दर्शाता है कि वह नियमित रूप से इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। हर बार जब वह जेल से निकलते हैं, तो उनके अनुयायियों का एक बड़ा समूह उन्हें स्वागत करता है।

राम रहीम की यह यात्रा सामाजिक और कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। भारतीय कानूनी प्रणाली में कैदियों के अधिकारों और कर्तव्यों का एक संतुलन होता है। फरलो प्रणाली इसी संतुलन का एक हिस्सा है। सुनारिया जेल से निकलते समय बाबा राम रहीम को कई शर्तों का पालन करना होगा और निर्धारित समय पर वापस लौटना अनिवार्य है।

यह घटना रोहतक शहर में एक महत्वपूर्ण समाचार है। स्थानीय जनता और मीडिया इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि राम रहीम की गतिविधियां क्या होंगी जब वह जेल से बाहर होंगे। आने वाले 30 दिनों में उनके कार्यकलाप सार्वजनिक हित का विषय बने रहेंगे। जेल प्रशासन द्वारा निश्चित रूप से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी ताकि कोई अनुचित काम न हो।