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Monday, 05 October 2026
विश्व

RBI MPC बैठक: ईरान युद्ध के बीच रेपो रेट पर फैसला

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Komal
संवाददाता
📅 06 April 2026, 2:57 PM ⏱ 1 मिनट 👁 463 views
RBI MPC बैठक: ईरान युद्ध के बीच रेपो रेट पर फैसला
📷 Aaj Tak

युद्ध की आंच में RBI की बैठक: बुधवार को तय होगी आपकी EMI का भविष्य

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की छाया में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अहम बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक इसलिए खास है क्योंकि इसका फैसला सीधे तौर पर करोड़ों भारतीयों के लोन की EMI को प्रभावित करने वाला है। 8 अप्रैल को आने वाले इस निर्णय का बेसब्री से इंतजार हो रहा है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में मची अफरा-तफरी के बीच होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से तेल और गैस की आपूर्ति में गंभीर संकट पैदा हुआ है। इस स्थिति का असर न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया की तमाम प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर दिखाई दे रहा है।

RBI MPC बैठक: ईरान युद्ध के बीच रेपो रेट पर फैसला

वैश्विक संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न हुई वैश्विक अनिश्चितता ने भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। होर्मुज की खाड़ी के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया है, जिसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देश पर पड़ता है।

क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों का मतलब है कि पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ेंगे। यह स्थिति महंगाई दर को और भी तेजी से बढ़ा सकती है, जो पहले से ही चिंता का विषय है। RBI की MPC के सामने अब यह बड़ी चुनौती है कि इस संकट के दौरान मुद्रास्फीति को कैसे नियंत्रण में रखा जाए।

रेपो रेट पर क्या हो सकता है फैसला?

मौजूदा हालात में विशेषज्ञों का मानना है कि RBI रेपो रेट में कोई बड़ा बदलाव करने से बचेगा। युद्ध की स्थिति में स्थिरता बनाए रखना RBI की प्राथमिकता होगी। हालांकि, अगर महंगाई की दर तेजी से बढ़ती है तो ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

फिलहाल रेपो रेट 6.5 फीसदी पर है। अगर RBI इसे बढ़ाने का फैसला करता है तो बैंकों की ब्याज दरें भी बढ़ेंगी, जिससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI महंगी हो जाएगी। वहीं अगर दरें घटती हैं तो लोन लेना सस्ता हो जाएगा।

EMI पर क्या होगा असर?

| लोन का प्रकार | मौजूदा औसत दर | संभावित प्रभाव |

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होम लोन8.5-9.5%EMI में 500-1000 रुपए की बढ़ोतरी संभव
कार लोन9-11%मासिक EMI में 200-500 रुपए का इजाफा
पर्सनल लोन12-16%EMI में 300-800 रुपए की वृद्धि हो सकती

रेपो रेट में एक फीसदी की बढ़ोतरी का मतलब है कि आपकी EMI भी बढ़ जाएगी। उदाहरण के लिए, अगर आपका 20 लाख रुपए का होम लोन है तो रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी से आपकी मासिक EMI में करीब 300-400 रुपए का इजाफा हो सकता है।

बाजार की स्थिति और उम्मीदें

शेयर बाजार में भी इस MPC बैठक को लेकर काफी हलचल है। बैंकिंग शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है क्योंकि निवेशक इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि RBI क्या फैसला लेता है। अगर ब्याज दरें बढ़ती हैं तो बैंकों की कमाई बढ़ सकती है, लेकिन लोन की मांग घट सकती है।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में RBI को बेहद सावधानी से कदम उठाने होंगे। एक तरफ महंगाई को नियंत्रित करना है तो दूसरी तरफ आर्थिक विकास की गति को भी बनाए रखना है।

आम जनता के लिए यह फैसला बेहद अहम है क्योंकि इससे उनकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा। अगर आपने हाल ही में कोई लोन लिया है या लेने की सोच रहे हैं तो 8 अप्रैल का यह दिन आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

युद्ध की इस अनिश्चितता के बीच RBI की यह बैठक न सिर्फ भारतीय अर्थव्यवस्था बल्कि आम आदमी की आर्थिक स्थिति के लिए भी निर्णायक साबित हो सकती है।