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Thursday, 21 May 2026
राजनीति

रूस ड्रोन हमले में भारतीय मजदूर की मौत

author
Komal
संवाददाता
📅 18 May 2026, 6:02 AM ⏱ 1 मिनट 👁 840 views
रूस ड्रोन हमले में भारतीय मजदूर की मौत
📷 aarpaarkhabar.com

यूक्रेन द्वारा किए गए एक बड़े ड्रोन हमले में रूस के मॉस्को क्षेत्र में एक भारतीय मजदूर की जान चली गई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में तीन अन्य भारतीय नागरिक भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह घटना विश्व के सबसे गंभीर संघर्षों में से एक के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाती है।

भारतीय दूतावास ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दूतावास के अधिकारियों ने हमले की घटनास्थल का व्यक्तिगत दौरा किया और घायल भारतीय नागरिकों से मिलने के लिए अस्पताल भी जाए। यह कदम यह दर्शाता है कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति कितनी संवेदनशील है।

मॉस्को में हमले की गंभीरता

मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन द्वारा किया गया यह हमला बेहद घातक साबित हुआ है। इस हमले में न केवल भारतीय मजदूर बल्कि स्थानीय रूसी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। हमले की तीव्रता और विस्तार से यह साफ है कि यूक्रेन ने रूस के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों को निशाना बनाया है।

भारतीय मजदूर जो इस हमले में मारे गए, वे रूस में निर्माण और अन्य औद्योगिक कार्यों में नियोजित थे। रूस ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय कुशल और अकुशल श्रमिकों को बड़ी संख्या में नियुक्त किया है। ये मजदूर अपने परिवारों का पालन-पोषण करने के लिए विदेश में काम करते हैं, लेकिन युद्ध के कारण उनकी जान को खतरा बन गया है।

भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया

भारतीय दूतावास ने इस घटना के प्रति तत्काल प्रतिक्रिया दिखाई है। दूतावास के अधिकारियों ने न केवल घटनास्थल का दौरा किया बल्कि अस्पताल में भर्ती सभी घायल भारतीय नागरिकों से विस्तार से बातचीत की। इस बातचीत के माध्यम से दूतावास घायलों की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और उनकी आवश्यकताओं का आकलन कर रहा है।

भारतीय दूतावास ने घायलों के परिवारों के साथ भी संपर्क स्थापित किया है और उन्हें भारत में अपने प्रियजनों की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान की है। यह सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण भारतीय राजनयिकों की मानवीयता को दर्शाता है। दूतावास ने घायलों के चिकित्सा खर्च और अन्य सहायता के लिए भी आवश्यक व्यवस्था की है।

भारतीय पक्ष रूसी अधिकारियों से भी सीधे संपर्क में रहा है और घायलों के उपचार में तेजी लाने के लिए सहायता माँगी है। रूसी सरकार ने भी अपने अस्पतालों में भारतीय नागरिकों के इलाज के लिए सर्वश्रेष्ठ सुविधाएँ प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की चिंता

यह घटना रूस में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ाती है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते दोनों देशों ने एक-दूसरे के विरुद्ध कई हमले किए हैं। इस संघर्ष में भारतीय नागरिक भी फंसे हुए हैं, जिन्होंने अपनी आजीविका के लिए रूस में काम करने का चुनाव किया था।

भारत सरकार ने पहले ही रूस में काम करने वाले अपने नागरिकों से सुरक्षा के सम्बन्ध में सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय ने नियमित रूप से भारतीय दूतावास के माध्यम से सुरक्षा सलाह प्रदान की है। लेकिन इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से साफ है कि जमीन पर खतरा कम नहीं हुआ है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने सभी भारतीय नागरिकों से अपील की है कि वे युद्ध प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें और सुरक्षित इलाकों में जाने का प्रयास करें। कई भारतीय नागरिक पहले ही रूस से वापस आ गए हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से कुछ अभी भी वहाँ रुके हुए हैं।

यह घटना एक कड़वी याद दिलाती है कि युद्ध के दौरान सामान्य नागरिकों को कितना खतरा होता है। भारत सरकार इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रूसी अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी। साथ ही, भारतीय नागरिकों को भी अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक सजग रहना चाहिए और संघर्ष के समय विदेश जाने से बचना चाहिए।