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Wednesday, 19 August 2026
अपराध

साकेत हादसा: 6 मौत, गैर इरादतन हत्या का केस

author
Komal
संवाददाता
📅 01 June 2026, 6:15 AM ⏱ 1 मिनट 👁 590 views
साकेत हादसा: 6 मौत, गैर इरादतन हत्या का केस
📷 aarpaarkhabar.com

दिल्ली के साकेत-महरौली इलाके में बुधवार को एक भीषण हादसा हुआ जिसमें अब तक छः लोगों की मौत हो चुकी है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरा इलाका सदमे में आ गया है। मृतकों के परिवार के सदस्य बेहद आहत हैं और अपने प्रियजनों को खो चुके हैं। यह घटना दिल्ली प्रशासन के लिए एक बड़ा सवाल बनी हुई है और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर क्यों यह हादसा हुआ।

घटना की जानकारी के अनुसार, साकेत-महरौली क्षेत्र में एक पुरानी और जर्जर हालत में आई बिल्डिंग अचानक ढह गई। इस बिल्डिंग में कई परिवार रहते थे और कुछ लोग काम भी करते थे। भवन के ढहने के समय कई लोग अंदर मौजूद थे जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे। तुरंत ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। दमकल और पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का कार्य शुरू किया गया। हालांकि बचाव दल की जोरदार कोशिशों के बावजूद छः लोगों को बचाया नहीं जा सका।

मुख्यमंत्री का दौरा और कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर उनके दर्द को समझने की कोशिश की। मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर यह हादसा कैसे हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने घोषणा की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भी पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। इस घटना में मरने वालों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।

दिल्ली प्रशासन ने भी इस मामले में तुरंत कार्रवाई की है। भवन निरीक्षण विभाग के द्वारा शहर भर की उन सभी पुरानी और जर्जर बिल्डिंगों की जांच शुरू की गई है जहां लोग रहते हैं। प्रशासन चाहता है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो सके। इसके लिए सख्त निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

एमसीडी इंजीनियरों का सस्पेंशन

इस घटना की जांच में पता चला कि दिल्ली नगर निगम के दो इंजीनियर इस मामले में जिम्मेदार हो सकते हैं। इन्हीं के लापरवाही और अनदेखी की वजह से यह हादसा हुआ हो सकता है। यह इंजीनियर अपने कर्तव्य को पूरी तरह नहीं निभाते थे। उन्होंने बिल्डिंग की जांच समुचित तरीके से नहीं की और न ही उसके बारे में कोई रिपोर्ट बनाई। इसी लापरवाही का नतीजा यह हादसा है जिसमें छः मासूम लोगों की जान चली गई।

इसलिए प्रशासन ने इन दोनों इंजीनियरों को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। यह कदम दिल्ली प्रशासन की ओर से एक सख्त संदेश है कि भवन सुरक्षा के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान अगर और लोग जिम्मेदार पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि ऐसी घटना भविष्य में दोबारा न हो।

पुलिस की तलाश और कानूनी कार्रवाई

इस मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक कर्मवीर जेलदार को गिरफ्तार करने के लिए तलाश शुरू कर दी है। कर्मवीर जेलदार फिलहाल फरार है और पुलिस उन्हें खोजने के लिए जोरदार प्रयास कर रही है। पुलिस का मानना है कि बिल्डिंग को समुचित रखरखाव न करने और उसे ढहते हुए देखकर भी कोई कदम न उठाने की वजह से यह हादसा हुआ।

पुलिस ने बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन पर भवन सुरक्षा नियमों का पालन न करने, निरीक्षकों को रिश्वत देने और जानबूझकर मृत्यु का कारण बनने जैसे आरोप हैं। पुलिस की टीम शहर के विभिन्न हिस्सों में कर्मवीर जेलदार को खोज रही है। उनके सभी संभावित ठिकानों पर पुलिस की नजरें हैं।

यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना दिल्ली में भवन सुरक्षा की कमजोरी को उजागर करती है। लोग अपने घरों में सुरक्षित रहना चाहते हैं लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की वजह से ऐसे हादसे हो जाते हैं। दिल्ली सरकार को चाहिए कि भवन सुरक्षा के मानकों को सख्ती से लागू करे और नियमित निरीक्षण करे। इसी तरह से ही ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है और नागरिकों की जान बचाई जा सकती है।