🔴 ब्रेकिंग
DK शिवकुमार CM: IAS अधिकारियों की नई नियुक्ति|पर्स में ये 3 चीजें रखने से खाली होती है जेब|अनुष्का शर्मा होम्योपैथी सपोर्ट विवाद|ट्रंप और नेतन्याहू की तनाव भरी बातचीत का सच|सोने से पहले लगाएं लौंग की क्रीम, बुढ़ापा रहेगा दूर|पीली रोटी का चमत्कार, 43 दिन में बढ़ेगा धन|होटल कारोबारी हत्याकांड: मुख्य आरोपी मारा गया|ईरान युद्ध पर ट्रंप को झटका: संसद से सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव|मालवीय नगर अग्निकांड: क्या 1000 डिग्री तक पहुंचा था तापमान?|ईरान-अमेरिका समझौता: जंग टलेगी, खत्म नहीं होगी|DK शिवकुमार CM: IAS अधिकारियों की नई नियुक्ति|पर्स में ये 3 चीजें रखने से खाली होती है जेब|अनुष्का शर्मा होम्योपैथी सपोर्ट विवाद|ट्रंप और नेतन्याहू की तनाव भरी बातचीत का सच|सोने से पहले लगाएं लौंग की क्रीम, बुढ़ापा रहेगा दूर|पीली रोटी का चमत्कार, 43 दिन में बढ़ेगा धन|होटल कारोबारी हत्याकांड: मुख्य आरोपी मारा गया|ईरान युद्ध पर ट्रंप को झटका: संसद से सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रस्ताव|मालवीय नगर अग्निकांड: क्या 1000 डिग्री तक पहुंचा था तापमान?|ईरान-अमेरिका समझौता: जंग टलेगी, खत्म नहीं होगी|
Saturday, 13 June 2026
विश्व

ईरान-इजरायल युद्ध से LPG-PNG सेक्टर को खतरा

author
Komal
संवाददाता
📅 01 April 2026, 9:22 PM ⏱ 1 मिनट 👁 1.2K views
ईरान-इजरायल युद्ध से LPG-PNG सेक्टर को खतरा
📷 Aaj Tak

मिडिल ईस्ट संकट: LPG-PNG सेक्टर की करोड़ों नौकरियां खतरे में

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष का प्रभाव अब भारत के ऊर्जा सेक्टर तक पहुंचने लगा है। LPG और PNG गैस उद्योग, जो करोड़ों भारतीयों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है, अब एक नए संकट के मुंह में खड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह युद्ध न सिर्फ ऊर्जा की कीमतों को आसमान छुआ सकता है, बल्कि लाखों नौकरियों को भी प्रभावित कर सकता है।

महिलाओं की आजादी पर मंडराता खतरा

जो नीली लौ आज हमारी रसोई में जलती है, वह सिर्फ खाना पकाने का जरिया नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं की आजादी का प्रतीक है। पारंपरिक चूल्हे के जहरीले धुएं से मुक्ति दिलाने वाला यह LPG-PNG सेक्टर आज संकट में है। मिडिल ईस्ट से आने वाली कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा का मतलब है कि महिलाओं को फिर से उसी धुएं भरे माहौल में लौटना पड़ सकता है।

ईरान-इजरायल युद्ध से LPG-PNG सेक्टर को खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 4 लाख लोगों की मौत घरेलू वायु प्रदूषण से होती है। LPG का उपयोग इस संख्या को काफी कम करने में सफल रहा है, लेकिन अब यह प्रगति खतरे में पड़ सकती है।

गैस सेक्टर का ऐतिहासिक सफर

1910 में डॉ वाल्टर स्नेलिंग द्वारा LPG के आविष्कार और विलियम हार्ट के प्राकृतिक गैस के प्रयोगों ने दुनिया की ऊर्जा तस्वीर ही बदल दी। आज 160 से अधिक देश इन गैसों का उपयोग कर रहे हैं। भारत में भी यह सेक्टर तेजी से बढ़ा है और अब यह न सिर्फ घरेलू जरूरतों को पूरा करता है बल्कि औद्योगिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है।

रोजगार पर गहरा प्रभाव

LPG-PNG सेक्टर में विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं:

| क्षेत्र | अनुमानित नौकरियां | वेतन रेंज (महीना) |

--------------------------------------------
इंजीनियरिंग15-20 लाख₹25,000 - ₹80,000
सेफ्टी एंड सिक्योरिटी8-10 लाख₹20,000 - ₹60,000
लॉजिस्टिक्स12-15 लाख₹18,000 - ₹50,000
मार्केटिंग एंड सेल्स10-12 लाख₹22,000 - ₹70,000
डिस्ट्रिब्यूशन25-30 लाख₹15,000 - ₹40,000

मिडिल ईस्ट संकट की वजह से इन सभी सेक्टरों में नौकरियों पर प्रभाव पड़ सकता है। कच्चे माल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण कंपनियां कॉस्ट कटिंग की दिशा में जा सकती हैं।

आर्थिक प्रभाव और चुनौतियां

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट का संकट और गहराता है तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। हमारी कुल ऊर्जा जरूरतों का 85% आयात पर निर्भर है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है।

सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जिसके तहत 8 करोड़ से अधिक परिवारों को मुफ्त LPG कनेक्शन दिए गए हैं, भी इस संकट से प्रभावित हो सकती है। अगर गैस की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो गरीब परिवारों के लिए इसका उपयोग करना मुश्किल हो जाएगा।

समय की मांग है कि भारत अपनी ऊर्जा रणनीति में बदलाव लाए और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर अधिक ध्यान दे। नवीकरणीय ऊर्जा, बायो गैस और हरित हाइड्रोजन जैसे विकल्पों में निवेश बढ़ाना होगा ताकि भविष्य में इस तरह के संकटों से बचा जा सके।