शामली: मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर
शामली जिले में आज तड़के एक रोमांचक घटना सामने आई है। पुलिस की गोलियों के बीच एक इनामी बदमाश को ढेर कर दिया गया है। यह घटना खंद्रावली पुलिस चौकी के पास घटी है। मारे गए बदमाश का नाम मेहताब है और उसके सिर पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। इस मुठभेड़ में पुलिस के एक दरोगा को भी गोली लगी है और वह घायल हो गए हैं।
यह घटना सुबह-सुबह घटी जब पुलिस ने एक गश्ती दौरे के दौरान इस बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया। मेहताब ने पुलिस पर गोली चलाई जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस अचानक मुठभेड़ में मेहताब को गोली लग गई और वह वहीं ढेर हो गया। पुलिस के अनुसार यह एक सफल ऑपरेशन रहा है क्योंकि इससे शामली के अपराध पर एक बड़ा नियंत्रण आएगा।
खंद्रावली इलाके में तड़के हुआ एनकाउंटर
खंद्रावली पुलिस चौकी के इलाके में सुबह-सुबह पुलिस को मेहताब की खबर मिली कि वह इसी इलाके में छिपा हुआ है। तुरंत पुलिस ने एक स्पेशल ऑपरेशन की तैयारी की और दल लेकर उस स्थान पर पहुंचे। जब पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो मेहताब ने तुरंत पिस्तौल निकालकर पुलिस पर गोली चलाई। इस आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोली चलाई जिससे मेहताब को गोली लग गई।
घटना स्थल पर मेहताब के पास एक पिस्तौल मिली जिसमें गोलियां भी थीं। पुलिस ने इसे साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। इस घटना के दौरान एक दरोगा को भी पुलिस की गोली का शिकार बनना पड़ा जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन दरोगा को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मेहताब के विरुद्ध 25 प्राथमिकी दर्ज हैं
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार मेहताब के विरुद्ध विभिन्न अपराधों में कुल 25 प्राथमिकी दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, डकैती, अपहरण जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। वह शामली जिले में काफी समय से लोगों का आतंक बनाया हुआ था। आम नागरिकों को उससे बहुत डर था क्योंकि वह किसी भी समय किसी को भी लूट सकता था। पुलिस उसे काफी समय से ढूंढ रही थी लेकिन वह बार-बार पकड़ से बच जाता था।
शामली के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मेहताब का नाम शामली के अपराध के इतिहास में काफी बदनाम था। उसने कई परिवारों को लूटा था और कई लोगों को घायल भी किया था। पुलिस पर भी उसने कई बार हमला किया था। इसलिए उस पर पचास हजार रुपये का इनाम रखा गया था ताकि कोई भी नागरिक पुलिस को उसके बारे में जानकारी दे सके।
एनकाउंटर में पुलिस की बहादुरी और जिम्मेदारी
इस मुठभेड़ में पुलिस की टीम ने बहुत बहादुरी का परिचय दिया है। जब मेहताब ने गोली चलाई तो पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। यह एक जोखिम भरा ऑपरेशन था क्योंकि बदमाश के पास हथियार था और वह जान से मारने को तैयार था। पुलिस ने अपनी जान की परवाह किए बिना शामली के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
शामली के जिला प्रशासन ने भी इस सफल ऑपरेशन की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि यह पुलिस की कड़ी मेहनत का फल है कि ऐसे खतरनाक अपराधी को पकड़ा जा सका। जिला प्रशासन ने घायल दरोगा के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और उनके तेजी से ठीक होने की कामना की है।
शामली के आम नागरिकों ने भी इस खबर से कुछ राहत महसूस की है। वे कहते हैं कि मेहताब जैसे अपराधियों की वजह से शहर में एक आतंक का माहौल था। बाजार में, सड़कों पर, और हर जगह लोग उससे डरे रहते थे। अब जब वह ढेर हो गया है तो शहर में कुछ सुरक्षा की भावना आ गई है। लोगों को लगता है कि अब वे अपने घरों से बाहर निकल सकते हैं बिना किसी डर के।
यह घटना शामली में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। पुलिस की इस सफलता से अन्य अपराधियों को भी एक संदेश जाएगा कि पुलिस उन्हें खोज निकालेगी। अपराधियों के लिए जहां भी वे छिपे हों, पुलिस उन तक पहुंच जाएगी। यह ऑपरेशन शामली की सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत करेगा और शहर के नागरिकों में विश्वास बढ़ाएगा कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए सचेत है और हर समय सतर्क रहती है।




