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Wednesday, 22 April 2026
व्यापार

शेयर बाजार में भारी गिरावट, अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका

author
Komal
संवाददाता
📅 13 April 2026, 12:50 PM ⏱ 1 मिनट 👁 393 views
शेयर बाजार में भारी गिरावट, अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका
📷 Aaj Tak

शेयर बाजार में भारी गिरावट: अमेरिका-ईरान युद्ध की बढ़ती आशंका से दुनियाभर में हाहाकार

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक शेयर बाजारों में तबाही मचा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की संभावना ने निवेशकों को डरा दिया है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता की विफलता के बाद पूरी दुनिया के शेयर बाजार लाल रंग में नजर आ रहे हैं।

दो सप्ताह के सीजफायर के बाद जहां दुनियाभर के निवेशकों ने राहत की सांस ली थी, वहीं अब स्थिति फिर से गंभीर हो गई है। एशियाई बाजारों से लेकर भारतीय शेयर बाजार तक में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है।

शेयर बाजार में भारी गिरावट, अमेरिका-ईरान युद्ध की आशंका

एशियाई बाजारों में व्यापक गिरावट

एशियाई शेयर बाजारों में स्थिति काफी गंभीर है। जापान का निक्की इंडेक्स 3.2% की गिरावट के साथ बंद हुआ है। दक्षिण कोरिया का कॉस्पी इंडेक्स भी 2.8% नीचे आ गया। चीन के शंघाई कंपोजिट में भी 2.1% की गिरावट दर्ज की गई।

| देश | इंडेक्स | गिरावट (%) |

---------------------------
जापाननिक्की-3.2%
दक्षिण कोरियाकॉस्पी-2.8%
चीनशंघाई कंपोजिट-2.1%
हांगकांगहैंग सेंग-2.5%

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण है। निवेशक अपने पैसे को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में आग

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत एक दिन में 4.5% बढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 4.2% की तेजी के साथ 91 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, अगर अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध छिड़ जाता है तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इससे भारत जैसे तेल आयातक देशों पर भारी बोझ पड़ेगा।

भारतीय बाजारों पर असर

वैश्विक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी साफ नजर आ रहा है। सेंसेक्स में 800 से अधिक अंकों की गिरावट देखी गई, जबकि निफ्टी भी 250 अंक से अधिक नीचे आ गया। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं।

रक्षा क्षेत्र के शेयरों में हालांकि तेजी देखी जा रही है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारत डायनामिक्स के शेयर 5-8% तक ऊपर हैं। यह दर्शाता है कि निवेशक युद्ध की स्थिति में फायदा उठाने वाली कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं।

सोने में भी उछाल

अनिश्चितता के दौर में निवेशक पारंपरिक रूप से सुरक्षित माने जाने वाले सोने की तरफ रुख कर रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 2,150 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई है। भारत में भी सोने के रेट में तेज उछाल देखा जा रहा है।

भविष्य की चुनौतियां

वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में बाजार की दिशा मिडिल ईस्ट की स्थिति पर निर्भर करेगी। अगर तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।

मुद्रास्फीति की दर बढ़ने का खतरा है, जिससे केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति भी प्रभावित हो सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक को भी अपनी नीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए सुझाव

इस अनिश्चितता के दौर में विशेषज्ञ निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। पोर्टफोलियो में विविधीकरण और जोखिम प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। आने वाले दिनों में बाजार में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

निष्कर्ष यह है कि वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिलाकर रख दिया है। निवेशकों को इस दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना होगा।