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Saturday, 04 July 2026
खेल

श्रेयस अय्यर की बहन का ट्रोलिंग पर दर्दभरा बयान

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Komal
संवाददाता
📅 26 May 2026, 5:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 245 views
श्रेयस अय्यर की बहन का ट्रोलिंग पर दर्दभरा बयान
📷 aarpaarkhabar.com

आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स की प्लेऑफ से बाहर होने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोलिंग हुई है। इस बात का असर न सिर्फ श्रेयस पर बल्कि उनके परिवार पर भी पड़ा है। श्रेयस अय्यर की बहन श्रेष्टा अय्यर ने इस ट्रोलिंग के खिलाफ आवाज उठाई है और अपना दर्द व्यक्त किया है। श्रेष्टा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के माध्यम से कहा है कि इस ट्रोलिंग ने न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके परिवार को भी गहरा सदमा पहुंचाया है।

श्रेष्टा अय्यर ने अपने बयान में कहा कि उन्हें अपने ऑफिस में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग उन तक पहुंच रहे हैं और उन्हें परेशान कर रहे हैं। यह स्थिति किसी भी परिवार के लिए बहुत मुश्किल होती है। श्रेष्टा ने कहा कि जो बात मजाक के तौर पर शुरू हुई थी, वह अब नफरत में बदल गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार के सदस्यों को खेल के प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराना गलत है।

आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स की विफलता

पंजाब किंग्स का यह सीजन शुरुआत से ही मुश्किलों भरा रहा। कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में भी टीम को प्लेऑफ तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली। विभिन्न मैचों में टीम की खराब परफॉर्मेंस से प्रशंसकों और आलोचकों दोनों को निराशा हुई। शुरुआती मैचों से लेकर बाद के दौर तक टीम सुसंगत प्रदर्शन नहीं कर सकी। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में कुछ न कुछ कमजोरी दिखी।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी को भी सवाल उठाए गए। हालांकि, कप्तानी के दौरान श्रेयस ने कई मुश्किल परिस्थितियों में भी टीम को संभालने की कोशिश की। लेकिन खेल के परिणाम कभी-कभी किसी व्यक्तिगत प्रयास से ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। टीम की यह विफलता न सिर्फ प्रशंसकों को बल्कि खिलाड़ियों को भी तकलीफ देने वाली रही।

सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग की गंभीरता

श्रेष्टा अय्यर ने अपने बयान में सोशल मीडिया ट्रोलिंग की गंभीरता को रेखांकित किया है। आजकल सोशल मीडिया पर किसी भी खिलाड़ी की छोटी-सी गलती को बहुत बड़ा बना दिया जाता है। लोग अपनी निराशा और गुस्से को खिलाड़ियों पर उतारते हैं। यह ट्रोलिंग कभी-कभी बहुत गंभीर और हानिकारक हो जाती है।

श्रेष्टा के अनुसार, एक पुराना वीडियो वायरल हो गया जिसे लेकर उन पर हजारों नकारात्मक टिप्पणियां मिलीं। इस तरह की ट्रोलिंग न सिर्फ खिलाड़ियों को बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक पीड़ा पहुंचाती है। श्रेष्टा ने कहा कि उन्हें अपने ऑफिस में फोन आ रहे हैं जहां लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। यह एक गंभीर समस्या है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

सोशल मीडिया पर हो रही इस तरह की ट्रोलिंग आजकल एक आम समस्या बन गई है। खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य भी इसका शिकार होते हैं। उन्हें किसी भी तरह की जिम्मेदारी नहीं होती है, लेकिन फिर भी उन्हें परेशान किया जाता है। यह व्यवहार सामाजिक और नैतिक दृष्टि से गलत है।

परिवार पर मानसिक दबाव और चिंता

श्रेष्टा अय्यर ने अपने बयान में परिवार पर पड़ने वाले मानसिक दबाव की बात की है। खेल के परिणाम व्यक्तिगत प्रयास से कहीं अधिक कई कारकों पर निर्भर करते हैं। टीम के प्रदर्शन के लिए एक एकल व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। लेकिन आजकल सोशल मीडिया पर ऐसी गलत मानसिकता फैली हुई है।

श्रेयस अय्यर का परिवार एक सम्मानित परिवार है। पिता श्रीकांत अय्यर भी क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। परिवार में खेल को लेकर समझ और समर्थन है। लेकिन यह ट्रोलिंग किसी भी पारिवारिक रिश्ते को तनावपूर्ण बना सकती है। श्रेष्टा ने कहा कि मजाक को नफरत में बदल दिया गया है। यह एक गंभीर बात है जिसे लेकर समाज को सोचने की जरूरत है।

खेल प्रेमियों को समझना चाहिए कि खिलाड़ी भी इंसान हैं। उन्हें विफलता का सामना करना पड़ता है, लेकिन वे अपने सर्वश्रेष्ठ के लिए हमेशा कोशिश करते हैं। परिवार के सदस्यों को खेल के परिणामों के लिए जिम्मेदार ठहराना और उन्हें परेशान करना सरासर गलत है। समाज को एक जिम्मेदार नागरिक बनना चाहिए और ऐसी ट्रोलिंग से बचना चाहिए। श्रेष्टा अय्यर का यह बयान सोशल मीडिया पर विषाक्ततता के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश है।