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Friday, 19 June 2026
खेल

उज्जैन में 3 साल की बच्ची पर कुत्ते का भयानक हमला

author
Komal
संवाददाता
📅 16 June 2026, 7:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 223 views
उज्जैन में 3 साल की बच्ची पर कुत्ते का भयानक हमला
📷 aarpaarkhabar.com

उज्जैन जिले के देलवाड़ी गांव में एक भयानक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। महज तीन साल की एक मासूम बच्ची को आवारा कुत्ते ने अपना शिकार बना लिया। घर के बाहर खेल रही इस बच्ची के चेहरे पर कुत्ते के दांत लग गए और उसे गंभीर चोटें आईं। बच्ची के चेहरे पर कुल 55 टांके लगाने पड़े। यह दर्दनाक घटना न केवल बच्ची के लिए बल्कि पूरे परिवार के लिए जीवनभर के दुःख का कारण बन गई है।

घटना की जानकारी के अनुसार, बच्ची घर के बाहर अपने परिवार के साथ खेल रही थी। तभी अचानक एक आवारा कुत्ता वहां आया और बिना किसी चेतावनी के बच्ची पर हमला कर दिया। कुत्ता बच्ची के चेहरे पर बार-बार काट रहा था। परिवार के सदस्यों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और कुत्ते को भगाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची के चेहरे पर गहरे घाव हो गए थे और वह लहुलुहान हो गई थी।

बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए परिवार वालों ने तुरंत उसे स्थानीय चिकित्सा केंद्र पर ले जाया। वहां की प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने अनुभव किया कि घाव बहुत गहरे हैं और इसके लिए विशेषज्ञ इलाज की जरूरत है। इसलिए बच्ची को इंदौर के एक बड़े अस्पताल में रेफर किया गया। इंदौर के अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों ने बच्ची के चेहरे पर 55 टांके लगाए। इस प्रक्रिया में कई घंटे लगे और बच्ची को गहरी बेहोशी में रखा गया।

आवारा कुत्तों का बढ़ता खतरा

यह घटना उज्जैन जिले में आवारा कुत्तों की समस्या को फिर से सामने लाती है। पिछले कुछ महीनों में इस इलाके में कुत्तों के हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। आवारा कुत्ते न केवल बच्चों के लिए बल्कि बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी खतरा बन गए हैं। कई बार इन कुत्तों को भोजन की कमी के कारण आक्रामक होते देखा गया है। गांव के निवासियों ने कई बार स्थानीय प्रशासन को इस समस्या की शिकायत की है लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, देलवाड़ी गांव में करीब 50 से 60 आवारा कुत्ते हैं जो लगातार गांव में घूमते हैं। ये कुत्ते रात के समय विशेष रूप से आक्रामक हो जाते हैं। गांव के बच्चों को घर के अंदर रहने के लिए कहा जाता है ताकि वे सुरक्षित रहें। लेकिन इस बार भी यह सावधानी काफी नहीं रही और एक मासूम को गंभीर चोटें आईं।

प्रशासन की जिम्मेदारी और जनता की अपेक्षा

इस घटना के बाद गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए कुछ उचित व्यवस्था की जानी चाहिए। कुछ लोगों का मानना है कि आवारा कुत्तों को पकड़ कर किसी सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए या फिर उन्हें नपुंसक बनाया जाना चाहिए ताकि उनकी संख्या नियंत्रित रहे।

डॉक्टरों के अनुसार, कुत्ते के काटने से न केवल शारीरिक चोटें आती हैं बल्कि रेबीज जैसी घातक बीमारी का भी खतरा रहता है। बच्ची को तुरंत रेबीज के टीके लगाए गए हैं और उसकी निरंतर निगरानी की जा रही है। हालांकि चेहरे पर लगे टांके सर्जरी के माध्यम से हटाए जाएंगे लेकिन इससे निशान रह सकते हैं जो बच्ची को जीवनभर याद दिलाता रहेगा कि उसे कितना दर्दनाक अनुभव हुआ था।

बच्चों की सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी

यह घटना समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रशासन, नागरिक समाज और आम जनता को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना होगा। शहरी और ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों की एक व्यवस्थित जनगणना की जानी चाहिए और उन्हें नियंत्रित करने के लिए एक समग्र योजना बनानी चाहिए।

बच्ची के माता-पिता की मनोदशा की कल्पना की जा सकती है। एक पल में उनका स्वस्थ और खुशहाल बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके चेहरे पर 55 टांके लगे और वह अस्पताल में भर्ती हो गया। यह दुर्घटना पूरी तरह से रोकी जा सकती थी यदि समय पर आवारा कुत्तों को पकड़ा गया होता।

उज्जैन जिले के प्रशासकों को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष दल गठित किए जाने चाहिए। गांवों में नियमित जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए ताकि लोग आवारा कुत्तों से सुरक्षा के बारे में जान सकें। बच्चों को भी सिखाया जाना चाहिए कि आवारा कुत्तों के पास न जाएं और घर के अंदर रहें।

यह घटना हमारी व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है। एक मासूम बच्ची को गंभीर चोटें आईं और उसे आजीवन के लिए निशान मिले। अब समय आ गया है कि हम इस समस्या का समाधान करें और अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे और आवारा कुत्तों की समस्या को स्थायी रूप से हल करे।