🔴 ब्रेकिंग
TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|
Saturday, 04 July 2026
समाचार

यूपी में कोचिंग सेंटर पर बड़ी कार्रवाई, 100 सील

author
Komal
संवाददाता
📅 24 June 2026, 7:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 746 views
यूपी में कोचिंग सेंटर पर बड़ी कार्रवाई, 100 सील
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन का शिकंजा कसा जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर राज्य के सभी जनपदों में कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध एक महाअभियान शुरू कर दिया गया है। इस अभियान के तहत लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा समेत प्रमुख शहरों में कई कोचिंग सेंटर सील कर दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार अभी तक एक सौ से अधिक कोचिंग केंद्र जांच के दायरे में आ चुके हैं और इस प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है।

इस महाअभियान में पुलिस विभाग, स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन सेवा विभाग, स्थानीय प्राधिकरण और विद्युत सुरक्षा संबंधी अधिकारियों की संयुक्त टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें कोचिंग संस्थानों में जाकर सुरक्षा के मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं, इसकी विस्तृत जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि कई कोचिंग संस्थान अपने यहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे छात्रों के लिए खतरे की स्थिति बनी रहती है।

कोचिंग सेंटर में क्या मिली कमियां

राज्य प्रशासन की जांच में पाया गया है कि अधिकतर कोचिंग संस्थान सुरक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे को लेकर पूरी तरह लापरवाह हैं। आग बुझाने की व्यवस्था यानी फायर एक्सटिंगुइशर का न होना, आपातकालीन निकास द्वार न होना, भीड़भाड़ में बैठाए जाने वाले छात्र, अनुचित विद्युत व्यवस्था और स्वच्छता संबंधी मानकों की पूरी तरह अनदेखी ये सभी समस्याएं सामने आई हैं। कई कोचिंग सेंटरों में तो ऐसे कमरों में बच्चों को पढ़ाई के लिए बैठाया जा रहा है, जहां न तो खिड़कियां हैं और न ही उचित हवा आने की व्यवस्था है।

मेरठ में किए गए निरीक्षण में एक नामी कोचिंग संस्थान में करीब पचास छात्रों को एक छोटे से कमरे में बैठाया जाता था, जिसमें केवल एक ही दरवाजा था। यदि कोई आपातकालीन स्थिति बन जाती, तो सभी बच्चों के लिए निकलना संभव नहीं होता। इसी तरह प्रयागराज में भी एक कोचिंग सेंटर में विद्युत तारें पूरी तरह खुली हालत में रखी गई थीं, जिससे विद्युत झटके का खतरा हर समय बना रहता था। कानपुर में एक अन्य कोचिंग संस्थान में रसायनिक पदार्थ भी पाए गए, जिसके कारण छात्रों के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता था।

सीएम योगी का सख्त रुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी कोचिंग संस्थान को सुरक्षा संबंधी नियमों की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीएम का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा है कि जो कोचिंग संस्थान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें सील कर दिया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ की यह पहल काफी हद तक सराहनीय मानी जा रही है, क्योंकि अतीत में कोचिंग संस्थानों की लापरवाही के कारण कई बार भीषण दुर्घटनाएं हुई हैं। बिहार, दिल्ली और अन्य राज्यों में कोचिंग सेंटरों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें कई छात्रों की जान चली गई है। ऐसे में उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा की जा रही यह कार्रवाई सराहनीय प्रयास है।

भविष्य में कड़े नियम बनाए जाएंगे

राज्य सरकार का मानना है कि इस जांच के बाद कोचिंग संस्थानों के लिए और भी कड़े नियम बनाए जाएंगे। भविष्य में किसी भी कोचिंग संस्थान को खोलने के लिए विभिन्न विभागों से अनुमति लेनी होगी और समय-समय पर जांच की जाएगी। शिक्षा विभाग की ओर से भी एक मानक दस्तावेज तैयार किया जा रहा है, जिसमें कोचिंग संस्थानों को पालन करने वाले सभी नियमों को शामिल किया जाएगा।

अभिभावकों का भी कहना है कि उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है। जब बच्चे कोचिंग सेंटर जाते हैं, तो वे यह नहीं जानते होते हैं कि वहां कितनी सुरक्षा व्यवस्था है। ऐसे में प्रशासन की यह पहल अभिभावकों के लिए एक सकारात्मक कदम साबित हो रहा है। इस जांच के दौरान जो भी कोचिंग संस्थान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें तुरंत सुधार करने का निर्देश दिया जा रहा है, अन्यथा उन्हें सील कर दिया जाएगा।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में शुरू की गई इस जांच अभियान को शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा सुधारात्मक कदम माना जा रहा है। सीएम योगी की सख्ती से भविष्य में कोचिंग संस्थान अधिक सतर्क रहेंगे और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देंगे। यह महाअभियान उन सभी अभिभावकों के लिए एक संदेश है कि राज्य सरकार अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।