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Saturday, 04 July 2026
स्वास्थ्य

UP में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से लोग परेशान

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Komal
संवाददाता
📅 22 May 2026, 7:00 AM ⏱ 1 मिनट 👁 849 views
UP में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से लोग परेशान
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी का कहर बरपा हुआ है और इसी बीच बिजली की कटौती ने लोगों की परेशानियों को दोगुना कर दिया है। राजधानी लखनऊ और प्रदेश के अन्य जिलों में घंटों तक बिजली की कटौती हो रही है, जिससे आम जनता के साथ-साथ महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। अस्पतालों में एक्स-रे और स्कैन जैसी जीवन रक्षक सुविधाएं बंद पड़ गई हैं, जबकि पानी की आपूर्ति भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

यह स्थिति वाकई चिंताजनक है। गर्मी के मौसम में जब लोगों को कूलिंग की सुविधाओं की सबसे अधिक जरूरत होती है, उस समय बिजली कटौती से बुजुर्ग, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को गंभीर परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। हजारों घरों में पंखे नहीं चल रहे, कूलर बंद पड़े हैं और लोग रात भर जाग कर गर्मी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।

लखनऊ के विभिन्न इलाकों में बिजली की समस्या

लखनऊ शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थिति अलग-अलग है, लेकिन सभी जगह बिजली की कमी की समस्या गंभीर है। कुछ इलाकों में तो दिन में 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती होती है। कई बार तो बिजली विभाग की ओर से किसी भी सूचना के बिना ही बिजली काट दी जाती है, जिससे लोग अचानक अंधेरे में रह जाते हैं। इस कारण यातायात में भी व्यवधान हो रहा है। ट्रैफिक सिग्नल काम नहीं कर रहे, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।

आवासीय इलाकों में तो स्थिति और भी गंभीर है। चौबेपुर, अलीगंज, इंदिरानगर, विकास नगर और अन्य इलाकों के निवासी रोज बिजली संकट से जूझ रहे हैं। स्कूलों में भी कक्षाओं में पंखे नहीं चल रहे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूल तो समय से पहले ही बंद कर दिए गए हैं क्योंकि इतनी गर्मी में बच्चों को कक्षा में बैठना असंभव हो गया है।

अस्पतालों में महत्वपूर्ण सेवाएं बाधित

बिजली की कटौती का सबसे गंभीर प्रभाव अस्पतालों में दिख रहा है। लखनऊ के कई प्रमुख अस्पतालों में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी गंभीर परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच सेवाएं बाधित हुई हैं। यह स्थिति रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। आपातकालीन विभागों में विद्युत संरक्षण के लिए जनरेटर का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन सभी अस्पतालों के पास पर्याप्त बैकअप बिजली नहीं है।

एक प्रमुख सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि गर्मी के मौसम में जब रोगियों की संख्या अधिक होती है, उस समय बिजली की कटौती से गंभीर परिस्थितियां बनती हैं। बीमार रोगियों के लिए ठंडी और स्वच्छ हवा जीवन रक्षक होती है, लेकिन जब बिजली नहीं होती तो न तो पंखे चलते हैं और न ही ए सी काम करते हैं। कई रोगियों ने अपना इलाज स्थगित करने का फैसला किया है क्योंकि उन्हें गर्मी में भरे अस्पताल में बैठना असंभव लग रहा है।

पानी की आपूर्ति और अन्य जीवन सेवाएं प्रभावित

बिजली की कटौती का असर पानी की आपूर्ति पर भी पड़ा है। शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई में कमी आई है क्योंकि पंपिंग स्टेशन बिना बिजली के काम नहीं कर सकते। कई मकानों में टंकियां खाली हो गई हैं और लोगों को दिन भर पानी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से परेशान हैं क्योंकि उन्हें पानी लाने के लिए बार-बार घर से बाहर जाना पड़ रहा है।

शहर के बाजार और दुकानों में भी बिजली की समस्या से दिक्कत हो रही है। रेफ्रिजरेटर के बिना खाने की चीजें खराब हो जा रही हैं। दुकानदार बिजली के बिना अपनी दुकान चला नहीं पा रहे। कई छोटे व्यापारियों को इन दिनों काफी नुकसान हो रहा है। डेयरी व्यवसायी विशेष रूप से प्रभावित हैं क्योंकि दूध को ठंडा रखना जरूरी होता है।

बिजली विभाग की ओर से कहा जा रहा है कि यह समस्या अस्थायी है और जल्द ही इसे सुधार लिया जाएगा। लेकिन आम लोग इन बातों पर विश्वास नहीं करते क्योंकि उन्हें लगता है कि बिजली विभाग पर्याप्त योजना के साथ काम नहीं कर रहा। प्रशासन को चाहिए कि वह इस संकट से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाए और सभी को समय के अनुसार बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करे।

यह समय सरकार और प्रशासन के लिए अपनी जिम्मेदारी दिखाने का है। लोगों की जान और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।