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Wednesday, 20 May 2026
राजनीति

ठगी का शिकार भावना: नेताओं के नाम पर ठगे गए

author
Komal
संवाददाता
📅 05 May 2026, 7:15 AM ⏱ 1 मिनट 👁 923 views
ठगी का शिकार भावना: नेताओं के नाम पर ठगे गए
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तराखंड की राजनीति में एक नई और चिंताजनक घटना सामने आई है। राज्य की एक महिला नेता भावना पांडे ठगी का शिकार हो गईं। उन्हें राजनीतिक पद और टिकट का लालच देकर काफी बड़ी रकम ठगी गई है। यह मामला उत्तराखंड की राजनीतिक दुनिया में सनसनी मचा गया है।

भावना पांडे के अनुसार, उन्हें ठगों ने कई बड़े और प्रभावशाली नेताओं के नाम पर विश्वास दिलाया। इन नामों में हरीश रावत, गोदियाल, हरक और यशपाल जैसे महत्वपूर्ण राजनेता शामिल थे। इन नेताओं के नामों का उल्लेख करके ठगों ने भावना को पूरी तरह विश्वास में ले लिया। वे समझती थीं कि ये सभी नाम असली हैं और सच में राजनीतिक रिश्ता बन सकता है।

ठगों की चतुर साजिश और भावना का विश्वास

भावना पांडे ने बताया कि जब ठगों ने इन बड़े नेताओं के नाम लिए, तो उन्हें पूरा भरोसा हो गया। उन्होंने सोचा कि ये सब कुछ सच है और उनके राजनीतिक सपने पूरे हो सकते हैं। ठगों ने बेहद चतुराई के साथ काम किया। उन्होंने भावना को बताया कि वे इन बड़े नेताओं के साथ सीधे जुड़े हुए हैं।

ठगों का पहला कदम भावना को राजनीतिक महत्व देने का था। उन्होंने कहा कि भावना को आने वाले चुनावों में सुरक्षित सीट मिलेगी। इसके लिए उन्हें कुछ खर्चे देने होंगे। ये खर्च कथित तौर पर उच्च नेताओं तक पहुंचने के लिए जरूरी थे। भावना यह सब सुनकर खुश हो गईं। उन्हें लगा कि उनके सपने साकार होने वाले हैं।

नेताओं के नाम पर निकाली गई बड़ी रकम

भावना पांडे ने अपनी शिकायत में बताया कि ठगों ने उनसे कई बार पैसे माँगे। पहली बार कम रकम माँगी गई। जब भावना ने सहजता से वह दे दी, तो ठगों का साहस बढ़ गया। फिर उन्होंने भावना से बड़ी रकम माँगना शुरू कर दिया। हर बार नया बहाना लगाया जाता था।

कभी कहा जाता था कि यह पैसा नेताओं के ऑफिस खर्च के लिए है। कभी कहा जाता था कि यह राजनीतिक पार्टी के संगठन के लिए आवश्यक है। कभी कहा जाता था कि यह टिकट आवंटन के लिए की जाने वाली औपचारिकताएं हैं। हर बार एक नया बहाना, हर बार एक नई रकम। भावना को हर बार लगता था कि उनका सपना पूरा होने वाला है।

लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, भावना को संदेह होने लगा। वे ठगों से बार-बार पूछने लगीं कि उन्हें सीट कब मिलेगी। टिकट कब जारी होगा। नेताओं से कब मिलवाया जाएगा। लेकिन हर बार का जवाब आश्वस्ति और आश्वासन ही होता था।

भावना की शिकायत और पुलिस की कार्रवाई

अंततः जब भावना को पूरा एहसास हो गया कि वे ठगी का शिकार हो गईं, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज की। भावना ने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें हरीश रावत, गोदियाल, हरक और यशपाल जैसे नेताओं के नाम पर लुटाया गया है। उन्होंने कहा कि ये सभी नाम ठगों द्वारा विश्वास जमाने के लिए इस्तेमाल किए गए थे।

पुलिस विभाग ने भावना की शिकायत को गंभीरता से लिया है। जांच एजेंसियां इस मामले में तेजी से काम कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि वे जल्द ही इस ठगी गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर पाएंगी। सूचना मिली है कि यह गिरोह पहले भी कई अन्य लोगों को ठगा हुआ है।

भावना का केस एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। राजनीति में भी ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। किसी भी राजनीतिक नेता के नाम पर अगर कोई पैसे माँगे, तो पहले उसे सीधे उस नेता से या उनके आधिकारिक चैनल से जांच कर लेनी चाहिए। भावना का यह अनुभव उत्तराखंड की राजनीति में एक चेतावनी बन गया है।

उत्तराखंड की राजनीतिक परिस्थिति में इस तरह की ठगी की घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं। कई महत्वाकांक्षी राजनेता बड़े नेताओं से मिलने और सीट पाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार होते हैं। इसी कमजोरी का फायदा ठग उठाते हैं। भावना पांडे का केस सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे राजनीतिक समुदाय के लिए एक सीख है।