वाराणसी एयरपोर्ट पर 19 करोड़ का गांजा जब्त
वाराणसी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक बड़ी ड्रग्स तस्करी का पर्दाफाश हुआ है। कस्टम अधिकारियों ने छह थाईलैंड के नागरिकों को 19.7 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। इस जब्त की गई ड्रग्स की कीमत बाजार में लगभग 19 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह पकड़ काशी नगर में ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान का एक महत्वपूर्ण परिणाम है।
गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपियों में से तीन महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी थाईलैंड के नागरिक हैं और उनके पास वैध यात्रा दस्तावेज नहीं थे। अधिकारियों के अनुसार, ये आरोपी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हैं और वे भारत में विभिन्न शहरों में अवैध ड्रग्स वितरण नेटवर्क चलाते थे।
वाराणसी एयरपोर्ट पर बड़ी पकड़
वाराणसी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कस्टम विभाग के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध यात्री एक उड़ान से आने वाले हैं। तुरंत ही अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ा दी और सभी आने वाले सामान की गहन जांच शुरू की। जब ये छह थाई नागरिक एयरपोर्ट पर उतरे, तो कस्टम टीम ने उन्हें रोका और उनके सामान की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान अधिकारियों को उनके लगेज में 19.7 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा मिला। यह गांजा विशेष तरीके से पैक किया गया था ताकि इसे सूंघने वाले कुत्तों से बचाया जा सके। हालांकि, अत्याधुनिक जांच तकनीकों की मदद से यह ड्रग्स का बड़ा पार्सल पकड़ा गया। अधिकारियों ने तुरंत ही इन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कस्टम विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह पकड़ अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की ड्रग्स तस्करी नेटवर्क को उजागर करती है। भारत में ड्रग्स तस्करों के लिए एयरपोर्ट एक प्रमुख माध्यम बन गए हैं। इसलिए कस्टम विभाग ने सभी एयरपोर्ट्स पर अलर्ट जारी किया है।
पिछली तस्करी कार्यों की जांच
पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी केवल इस बार ही नहीं बल्कि पहले भी कई बार भारत में ड्रग्स तस्करी कर चुके हैं। जांच अधिकारियों को संकेत मिले हैं कि ये तस्कर कोलकाता और गया जैसे शहरों के रास्ते नियमित रूप से ड्रग्स भारत में लाते थे। कोलकाता एयरपोर्ट और गया में इनकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पहले भी एजेंसियों के पास थी।
आरोपियों के फोन रिकॉर्ड्स की जांच से पता चला कि वे थाईलैंड के एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े थे। इनके यहां भारत के कई राज्यों में वितरण नेटवर्क था। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों में इनके ग्राहक थे। अधिकारियों के अनुसार, ये आरोपी हर महीने कम से कम दो बार भारत आते थे और बड़ी मात्रा में हाइड्रोपोनिक गांजा लाते थे।
भारत की ड्रग्स तस्करी से लड़ाई
भारतीय कस्टम विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध निरंतर सजग रहते हैं। हाल के वर्षों में भारत में ड्रग्स तस्करी के मामले में भारी वृद्धि देखी गई है। विशेषकर, एशिया के विभिन्न हिस्सों से ड्रग्स भारत में आ रही हैं। थाईलैंड, म्यांमार और चीन से अवैध ड्रग्स भारत में आने का सिलसिला जारी है।
केंद्रीय सरकार ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज एक्ट के तहत ड्रग्स तस्करी के खिलाफ कड़े कानून लागू किए हैं। भारतीय सीमा पर सभी एयरपोर्ट्स, बंदरगाहों और रेलवे स्टेशनों पर अलर्ट जारी है। कस्टम अधिकारी और पुलिस बल सभी संदिग्ध यात्रियों की कड़ी निगरानी रखते हैं।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को विदेशी नागरिक होने के कारण विशेष कानूनी प्रक्रिया के तहत संभाला जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसियां इनके पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही हैं। इस वाराणसी एयरपोर्ट पकड़ के बाद, भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इस ड्रग्स सिंडिकेट को पूरी तरह समाप्त करने के लिए मिलकर काम करेंगी। यह एक बड़ी जीत है भारत की ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध लड़ाई में।




