🔴 ब्रेकिंग
TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|TMC ऑफिस पर ताला: ममता के खिलाफ ऋतब्रत का विद्रोह|पुरानी झाड़ू हटाएं और बढ़ाएं बैंक बैलेंस|दिग्विजय सिंह राम मंदिर चंदा वापस लेंगे कोर्ट में|वैभव सूर्यवंशी का न्यू चैप्टर पोस्ट डेब्यू या सरप्राइज|शोहरत की कीमत: आलिया की ट्रोलिंग पर महेश भट्ट|उत्तर-पश्चिम भारत में तेज बारिश, मॉनसून अपडेट|मानसून में राजस्थान की 5 सबसे खूबसूरत जगहें|फ्रांस ने अमेरिका को दिया स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी गिफ्ट|राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई बैठक, इस्तीफों पर विचार|खामेनेई के जनाजे में राष्ट्रपति का दर्द भरा रोना|
Sunday, 05 July 2026
राजनीति

तेज प्रताप ने तेजस्वी से कहा यह नहीं कहते

author
Komal
संवाददाता
📅 08 April 2026, 5:45 PM ⏱ 1 मिनट 👁 756 views

बिहार की राजनीति में एक बार फिर से तनाव की स्थिति बन गई है। राजद के नेता तेज प्रताप यादव ने अपने भाई तेजस्वी यादव को लेकर कड़ी आलोचना की है। तेज प्रताप का कहना है कि तेजस्वी ने जो बयान दिया है वह बिहार के लिए सही नहीं है। इस पूरे विवाद के बीच तेज प्रताप ने सम्राट चौधरी और निशांत कुमार के लिए भी एक खास संदेश दिया है।

तेज प्रताप यादव ने पत्रकारों से कहा कि बिहार की बुराई करना किसी भी नेता के लिए उचित नहीं है। उन्होंने माना कि बिहार में कई समस्याएं हैं, लेकिन इन समस्याओं का समाधान बिहार को नीचा दिखाकर नहीं किया जा सकता है। तेज प्रताप के अनुसार, बिहार के युवाओं का दिल बहुत बड़ा है और वे देश के विकास के लिए समर्पित हैं।

तेजस्वी यादव को लेकर तेज प्रताप का बयान

तेज प्रताप ने अपने भाई तेजस्वी यादव की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे बयान देना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि 'यह तो नहीं कहते' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए तेजस्वी को समझाने का प्रयास किया है। तेज प्रताप का मानना है कि राजनेताओं को अपने बयानों में बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। एक गलत बयान पूरे राज्य को नुकसान पहुंचा सकता है।

तेज प्रताप यादव ने यह भी कहा कि वे तेजस्वी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। परिवार के भीतर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन वह सार्वजनिक तौर पर बिहार की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान नहीं देंगे। तेज प्रताप का दृष्टिकोण यह है कि बिहार के विकास के लिए एकता बहुत जरूरी है।

निशांत कुमार के लिए तेज प्रताप का संदेश

तेज प्रताप यादव ने निशांत कुमार को अनुभवहीन नेता बताया है। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार को अभी राजनीति का अनुभव नहीं है और वह कई बातों को समझते नहीं हैं। तेज प्रताप के अनुसार, राजनीति एक कला है जिसे समझने के लिए वर्षों का अनुभव चाहिए। निशांत कुमार को अभी इस अनुभव की कमी दिख रही है।

हालांकि, तेज प्रताप ने निशांत कुमार को एक संदेश भी दिया है। उन्होंने कहा कि अगर निशांत कुमार सीखना चाहते हैं तो वह उन्हें राजनीति की बारीकियों को समझाने के लिए तैयार हैं। यह एक सकारात्मक संदेश है जिसमें तेज प्रताप नई पीढ़ी को राजनीति के सही रास्ते पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।

सम्राट चौधरी के प्रति तेज प्रताप का रुख

तेज प्रताप यादव ने सम्राट चौधरी के लिए भी खास टिप्पणी की है। सम्राट चौधरी को लेकर तेज प्रताप ने कहा कि वह एक युवा नेता हैं और उनमें राजनीति करने की क्षमता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी को अपने बयानों में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

तेज प्रताप का मानना है कि बिहार के युवा नेताओं को देश के विकास के लिए काम करना चाहिए, न कि किसी और कारण से राजनीति करनी चाहिए। सम्राट चौधरी के लिए उनका संदेश यह है कि वह अपनी क्षमताओं को सही दिशा में लगाएं और बिहार के विकास में योगदान दें।

तेज प्रताप यादव के इस बयान से बिहार की राजनीति में एक नई बहस शुरू हो गई है। राजद के अंदर से भी अलग-अलग आवाजें सुनाई दे रही हैं। कुछ लोग तेज प्रताप के विचारों से सहमत हैं तो कुछ असहमत भी हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि बिहार की राजनीति में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

नीतीश कुमार के प्रति तेज प्रताप का रुख काफी नरम दिख रहा है। उन्होंने नीतीश कुमार की अधिक आलोचना नहीं की है। यह संकेत देता है कि राजद के अंदर कुछ राजनीतिक खेल चल रहे हैं। तेज प्रताप सावधानी से अपने कदम उठा रहे हैं।

बिहार की राजनीति में यह विवाद आने वाले दिनों में और भी बढ़ सकता है। तेजस्वी यादव के जवाब देने की प्रतीक्षा है। अगर तेजस्वी भी अपना बयान दें तो इस विवाद का दायरा और बढ़ सकता है। लेकिन राजद के वरिष्ठ नेताओं को उम्मीद है कि परिवार के भीतर इस विवाद को सुलझा लिया जाएगा।