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Wednesday, 22 April 2026
स्वास्थ्य

यूपी में भीषण गर्मी, 44 डिग्री पार, स्कूलों का समय बदला

author
Komal
संवाददाता
📅 22 April 2026, 7:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.0K views
यूपी में भीषण गर्मी, 44 डिग्री पार, स्कूलों का समय बदला
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर प्रदेश में इस बार की गर्मी ने जनता को परेशान करना शुरू कर दिया है। अभी तो अप्रैल का महीना ही चल रहा है, लेकिन तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार निकल गया है। ऐसी गर्मी आमतौर पर मई-जून में आती है, लेकिन इस बार मौसम ने सभी को चौंका दिया है। राज्य भर में लू के खतरनाक हालात बन गए हैं। आम जनता से लेकर बच्चों और बुजुर्गों तक सभी इस भीषण गर्मी की चपेट में हैं।

स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग ने इस संकट को गंभीरता से लिया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के संचालन के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। दिन के सबसे गर्म समय में बच्चों को स्कूल भेजना खतरनाक साबित हो सकता था। इसलिए प्रशासन ने जल्दी सुबह स्कूल खोलने और दोपहर तक स्कूल बंद करने का निर्णय लिया है। इससे बच्चों को तेज धूप में सड़कों पर चलना नहीं पड़ेगा।

गर्मी में बच्चों को मिलेगी राहत

भीषण गर्मी से बच्चों को बचाना सरकार की प्राथमिकता है। स्कूल समय में यह बदलाव पूरी तरह से विचारशील कदम है। सुबह पांच या छह बजे से स्कूल खुल जाएंगे, जिससे बच्चे ठंडी सुबह में ही अपनी पढ़ाई पूरी कर लें। स्कूल के प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों को पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराएं।

डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) की समस्या गर्मियों में सबसे ज्यादा बच्चों को होती है। इस बीमारी के कारण बच्चों में कमजोरी, चक्कर आना और बुखार जैसी समस्याएं देखी जाती हैं। गंभीर परिस्थितियों में यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। इसलिए स्कूलों में पानी के कूलर लगवाने के आदेश दिए गए हैं। हर कक्षा में बाल्टी भर ठंडा पानी रखने का प्रावधान किया गया है।

शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्रबंधकों को आपातकालीन निर्देश भेजे हैं। अगर किसी बच्चे को स्कूल में लू लग जाए तो तुरंत उसे शांत, हवादार जगह पर ले जाना चाहिए। हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। शारीरिक व्यायाम और खेल-कूद का समय पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।

44 डिग्री से ऊपर तापमान का रिकॉर्ड

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। लखनऊ, आगरा, कानपुर और वाराणसी जैसे बड़े शहरों में तापमान नियंत्रण से बाहर हो गया है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है और सभी को सावधानी बरतने के लिए कहा है।

अप्रैल में ही ऐसी गर्मी अभूतपूर्व है। आमतौर पर अप्रैल में तापमान 35-38 डिग्री के बीच रहता है। इस बार यह 6 डिग्री अधिक है। पर्यावरणविद्ों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का चक्र गड़बड़ा गया है। बारिश कम हो रही है और गर्मी बढ़ रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछली गर्मियों में लू से लगभग 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। इस बार उस संख्या को पार करने का खतरा है। हर रोज करीब 50-60 लोग लू लगने की वजह से अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी और सावधानियां

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि आने वाले 10-15 दिनों में कोई बारिश नहीं होगी। इस कारण तापमान और भी बढ़ सकता है। गर्मी की लहरें लगातार आएंगी और शायद यह गर्मी मई तक चलेगी। सरकार को दीर्घकालीन योजना बनानी होगी।

जनता को सलाह दी गई है कि दिन के 10 बजे से शाम के 4 बजे तक घर के अंदर रहें। अगर घर से निकलना जरूरी हो तो सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें। सिर पर टोपी या पगड़ी लगाएं। आंखों को सूरज से बचाने के लिए चश्मा लगाएं। पानी खूब पिएं, खासकर नमक और चीनी युक्त पानी पिएं।

आजकल का मौसम बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है। उन्हें हवादार कमरे में रखना चाहिए। एयर कंडीशनर का उपयोग करें, लेकिन बाहर और अंदर के तापमान में बहुत अंतर न आने दें। खान-पान पर विशेष ध्यान दें। पेट की समस्याओं से बचने के लिए खुली हुई चीजें न खाएं।

कृषि विभाग किसानों को भी सलाह दे रहा है कि इस गर्मी में फसलों को ज्यादा पानी की जरूरत होगी। सिंचाई की व्यवस्था पहले से कर लें। पशुपालकों को पशुओं के लिए छायादार जगह और ठंडा पानी देने के निर्देश दिए गए हैं।

उम्मीद है कि जून के शुरुआत में मानसून आ जाएगा और कुछ राहत मिल जाएगी। लेकिन तब तक सभी को सावधानी बरतनी होगी। सरकार और आम जनता को मिलकर इस भीषण गर्मी का सामना करना होगा। स्वास्थ्य विभाग के टीम 24 घंटे तैयार हैं।