राकेश टिकैत गिरफ्तार, खुर्जा में किसानों का प्रदर्शन
राकेश टिकैत की गिरफ्तारी पर भड़के किसान, खुर्जा में थाना घेराव
प्रमुख किसान नेता राकेश टिकैत की ओडिशा में गिरफ्तारी की खबर ने देशभर के किसानों में तीव्र आक्रोश पैदा कर दिया है। इसके विरोध में उत्तर प्रदेश के खुर्जा में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया और स्थानीय कोतवाली का घेराव कर दिया। किसान नेताओं ने इस गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है।
खुर्जा में उमड़ा किसानों का गुस्सा
खुर्जा में सैकड़ों किसानों ने कोतवाली के बाहर एकजुट होकर जोरदार नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ता "राकेश टिकैत को रिहा करो" और "किसान विरोधी सरकार मुर्दाबाद" के नारे लगाते रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरणा से की गई है और किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश है।
किसान नेताओं का कहना है कि राकेश टिकैत ने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से किसानों के हकों की लड़ाई लड़ी है। उनकी गिरफ्तारी न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत भी है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तत्काल उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग की।
किसान नेताओं ने की तानाशाही की आलोचना
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने इस गिरफ्तारी को सरकार की तानाशाही का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, "यह सरकार किसानों की आवाज को दबाने के लिए हर गलत तरीका अपना रही है। राकेश टिकैत जी की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर सीधा हमला है।"
चौधरी अरब सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक राकेश टिकैत की रिहाई नहीं होती, तब तक देशभर में प्रदर्शन जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसान समुदाय इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा और हर स्तर पर इसका विरोध करेगा।
अन्य किसान नेताओं ने भी सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी दिखाती है कि सरकार किसानों के साथ कितनी संवेदनहीनता से पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार का यही रवैया रहा तो आंदोलन और भी तेज हो जाएगा।
पुलिस प्रशासन रहा अलर्ट
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए खुर्जा पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया। कोतवाली के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं से बातचीत कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की।
हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पूरी तैयारी कर रखी थी। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
देशभर में बढ़ सकते हैं प्रदर्शन
राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के बाद न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी किसान संगठन सक्रिय हो गए हैं। किसान नेताओं का कहना है कि यदि जल्दी रिहाई नहीं हुई तो आंदोलन का दायरा और भी व्यापक हो सकता है।
भारतीय किसान यूनियन के अन्य नेताओं ने भी इस गिरफ्तारी की निंदा करते हुए एकजुटता दिखाई है। उनका कहना है कि यह केवल राकेश टिकैत की गिरफ्तारी नहीं बल्कि पूरे किसान समुदाय पर हमला है। इसलिए वे इसका भरपूर विरोध करेंगे और तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक न्याय नहीं मिलता।

