दिल्ली-राजस्थान-मध्य प्रदेश में भीषण लू का अलर्ट
भीषण गर्मी की चपेट में पूरा उत्तर भारत और मध्य भारत आ गया है। इस बार मौसम विभाग ने जो अलर्ट जारी किया है, वह वाकई चिंताजनक है। दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलावा भी कई राज्य इस भीषण गर्मी के दौर से गुजर रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। सिर्फ दिन की गर्मी ही नहीं, बल्कि रात की गर्म हवाएं भी लोगों को राहत नहीं दे रही हैं। इस असहनीय मौसम में आम जनता की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
दिल्ली में तो हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। राजधानी में तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच गया है। सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। स्कूलों में भी इस गर्मी की वजह से छुट्टियां बढ़ाई गई हैं। सरकारी कार्यालयों में आने-जाने के समय में बदलाव किया गया है ताकि कर्मचारियों को सीधी धूप में न चलना पड़े। शहर के विभिन्न इलाकों में लोग अपने घरों में ही बंद रहने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में बिजली की खपत आसमान छूने लगी है।
दिल्ली से लेकर राजस्थान तक की विकट परिस्थिति
राजस्थान की स्थिति तो दिल्ली से भी ज्यादा चिंताजनक है। राजस्थान के कई शहरों में तापमान पचास डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों में तो हालात इतने बुरे हो गए हैं कि लोग घर से निकलना ही बंद कर दिए हैं। राजस्थान सरकार ने भी राहत के लिए कई कदम उठाए हैं। विभिन्न शहरों में कूलिंग सेंटर खोले गए हैं जहां गरीब और बुजुर्ग लोग जा सकें। पानी की बोतलें और नमकीन खाना बांटा जा रहा है। बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हरियाणा और पंजाब में भी परिस्थिति गंभीर है। इन राज्यों में भी तापमान चालीस डिग्री से ऊपर है। खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। धूप में काम करना असंभव हो गया है। कई जगहों पर तो कपास और गेहूं की फसलों को भी नुकसान हो रहा है। पशुओं की भी हालत बुरी है। पशु चिकित्सा विभाग ने लोगों को अपने पशुओं को ठंडा रखने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का मौसम विवरण
उत्तर प्रदेश के गंगा के मैदानी इलाकों में भी तापमान अत्यधिक बढ़ गया है। लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। मध्य प्रदेश की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में तापमान चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। महिलाओं और बच्चों को घर से निकालना जोखिम भरा माना जा रहा है।
इस भीषण गर्मी का असर न सिर्फ मानव जीवन पर बल्कि जानवरों और पक्षियों पर भी पड़ रहा है। शहरों और गांवों में हजारों पक्षी मर जा रहे हैं। जलाशयों और कुओं का पानी भी सूख रहा है। पानी की कमी से संकट की स्थिति बन गई है। कई गांवों में तो टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है।
गर्मी से बचाव के लिए सुझाव और सलाह
चिकित्सा विशेषज्ञों ने लोगों को इस भीषण गर्मी में कुछ बातों का पालन करने की सलाह दी है। सबसे पहले तो अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। दूध, लस्सी, छाछ और जूस का सेवन करें। खट्टे फलों को अपने आहार में शामिल करें। दिन के सबसे गर्म समय में, यानी दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक घर से न निकलें। हल्के और सूती कपड़े पहनें। सिर को हमेशा ढंकें। धूप में निकलते समय छाता या टोपी जरूर पहनें।
बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्हें धूप में बिल्कुल न निकालें। उनके लिए ठंडे कपड़े और ठंडे पानी का इंतजाम करें। बच्चों को भी गर्मी से बचाने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें बार-बार पानी पिलाएं। दिन में कई बार नहा लेना चाहिए। आइसक्रीम और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करें, लेकिन अत्यधिक ठंडा न हो।
गर्म हवाओं की वजह से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए भी सावधानी बरतनी चाहिए। हीटस्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी से जुड़ी बीमारियों का खतरा रहता है। अगर किसी को तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना या बेहोशी की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। रात को बिस्तर पर भीगा हुआ कपड़ा रखना चाहिए ताकि थोड़ी ठंडक मिले।
मौसम विभाग ने कहा है कि यह स्थिति कई दिनों तक रह सकती है। इसलिए सभी को सतर्क रहना चाहिए। सरकारी एजेंसियां और गैर-सरकारी संगठन इस समय लोगों की मदद के लिए तैनात हैं। आम जनता को भी अपने आसपास के कमजोर लोगों की मदद करनी चाहिए। इस भीषण गर्मी से जूझने के लिए सामाजिक सहायता और सहानुभूति बेहद जरूरी है।




