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Wednesday, 19 August 2026
राजनीति

सरकारी ऑफिसों में AC टेम्प्रेचर फिक्स, CM योगी के नए आदेश

author
Komal
संवाददाता
📅 14 May 2026, 7:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 475 views
सरकारी ऑफिसों में AC टेम्प्रेचर फिक्स, CM योगी के नए आदेश
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बिजली की खपत को कम करने और सार्वजनिक संसाधनों को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनिंग के तापमान को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। अब सभी सरकारी दफ्तरों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना अनिवार्य होगा। यह निर्णय न केवल बिजली की बचत करेगा बल्कि सरकारी खर्च को भी कम करेगा।

योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा जारी किए गए इन नए आदेशों का उद्देश्य राज्य की बिजली की खपत को नियंत्रित करना और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है। सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे कदमों से ही बड़ा बदलाव आ सकता है। इन नियमों का पालन सभी सरकारी विभागों को करना होगा। मंत्रियों से लेकर कर्मचारियों तक सभी को इन निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा।

सरकारी दफ्तरों में होंगे कठोर नियम

सरकार द्वारा जारी किए गए आदेशों में एसी के तापमान के अलावा और भी कई महत्वपूर्ण निर्देश शामिल हैं। लिफ्ट का उपयोग केवल जरूरत के समय ही किया जा सकेगा। जो कर्मचारी दो या तीन मंजिल पर काम करते हैं, उन्हें सीढ़ियों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे न केवल बिजली की बचत होगी बल्कि कर्मचारियों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। पानी की सप्लाई को भी नियंत्रित किया जाएगा और अनावश्यक खर्च को कम किया जाएगा।

सरकारी कार्यालयों में प्रकाश के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं। कहा गया है कि दिन के समय सूर्य के प्राकृतिक प्रकाश का उपयोग करें और कृत्रिम प्रकाश का उपयोग तभी करें जब बिल्कुल आवश्यक हो। सभी कार्यालयों में एलईडी बल्बों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। पुरानी प्रकाश व्यवस्था को नई तकनीक से बदला जाएगा ताकि बिजली की खपत में कमी आए।

मंत्रियों और कर्मचारियों को दी गई विशेष जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए कहा है। इससे न केवल बिजली और ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण भी स्वच्छ रहेगा। सरकार वर्क फ्रॉम होम की सुविधा भी बढ़ाने का विचार कर रही है। इससे कार्यालयों में आने वाले लोगों की संख्या में कमी आएगी और बिजली की खपत भी घटेगी।

मंत्रियों को अपनी कारों में एक व्यक्ति के बजाय कई अधिकारियों को बैठने के लिए कहा गया है। इससे ईंधन की बचत होगी और साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। सरकार का यह निर्णय न केवल आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। योगी सरकार का मानना है कि सरकारी कार्यालयों से ही शुरुआत करके हम पूरे समाज में बदलाव ला सकते हैं।

ऊर्जा बचत से होंगे बहुआयामी लाभ

यह निर्णय सरकार के लिए कई तरह से लाभकारी साबित होगा। सबसे पहले तो सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा। बिजली के बिलों में भारी कमी आएगी। सरकार इन बचाए गए पैसों को अन्य महत्वपूर्ण कामों में लगा सकेगी जैसे कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे का विकास। दूसरा, यह निर्णय पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। बिजली की खपत में कमी से विद्युत उत्पादन में कम ईंधन की आवश्यकता होगी।

तीसरा, इन नियमों से कर्मचारियों के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। सीढ़ियों का उपयोग करने से व्यायाम होगा। सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने से तनाव कम होगा। चौथा, यह निर्णय समाज में एक सकारात्मक संदेश देगा। जब सरकार खुद बिजली बचाने में प्रतिबद्ध दिखेगी तो आम नागरिक भी ऐसा करने के लिए प्रेरित होंगे। पूरे राज्य में ऊर्जा संरक्षण की एक संस्कृति विकसित होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार का यह निर्णय निश्चित रूप से सराहनीय है। CM योगी आदित्यनाथ ने दिखाया है कि छोटे-छोटे कदमों से कितना बड़ा असर पड़ सकता है। आशा है कि अन्य राज्यों की सरकारें भी इस तरह की पहल करेंगी। ऊर्जा संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि यह हम सभी का कर्तव्य है। हमें अपने दैनिक जीवन में भी बिजली और अन्य संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए। जब तक समाज के हर स्तर पर ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता नहीं आएगी तब तक हम सच्चे अर्थ में विकास नहीं कर सकते। योगी सरकार का यह कदम इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।