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Tuesday, 19 May 2026
समाचार

ब्लैक होल में 433 दिन का दुर्लभ प्रकाश चक्र खोज

author
Komal
संवाददाता
📅 16 May 2026, 7:15 AM ⏱ 1 मिनट 👁 751 views
ब्लैक होल में 433 दिन का दुर्लभ प्रकाश चक्र खोज
📷 aarpaarkhabar.com

भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक संयुक्त टीम ने एक महत्वपूर्ण और दुर्लभ खगोलीय खोज की है जो ब्रह्मांड विज्ञान के क्षेत्र में एक नया मार्ग प्रशस्त करेगी। इस खोज के अनुसार, '3सी 454.3' नामक एक विशाल ब्लेजर में एक अनोखा प्रकाश चक्र पाया गया है जो हर 433 दिन में नियमित रूप से बदलता है। यह खोज लगभग 19 साल की निरंतर निगरानी और अवलोकन के बाद संभव हुई है। इस दुर्लभ घटना को वैज्ञानिक रूप से 'ऑप्टिकल क्वासी-पीरियोडिक ऑस्सिलेशन' कहा जा रहा है, जो इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है।

भारतीय वैज्ञानिकों की ऐतिहासिक भूमिका

यह खोज भारतीय खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत की प्रमुख खगोल वेधशाला 'एरीज' (एरियन रिसर्च सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी) ने इस खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय वैज्ञानिकों की टीम ने इस ब्लेजर की दीर्घकालीन निगरानी की है और इसके व्यवहार को समझने में मदद की है। इस परियोजना में भारत के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिक शामिल थे जिन्होंने इस अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

यह खोज न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे विश्व के खगोल विज्ञान समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय वैज्ञानिकों का यह सफल प्रयास दर्शाता है कि भारत विश्व स्तरीय अनुसंधान करने में पूरी तरह सक्षम है। इस टीम के सदस्यों ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के माध्यम से ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करने का प्रयास किया है।

'3सी 454.3' ब्लेजर क्या है?

'3सी 454.3' एक बेहद दूर स्थित ब्लेजर है जो हमारी पृथ्वी से लगभग 2.5 अरब प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। एक ब्लेजर एक प्रकार का सक्रिय गैलेक्टिक नाभिक होता है जिसमें एक विशाल ब्लैक होल अत्यधिक गतिशील और ऊर्जावान प्रकाश और विकिरण उत्सर्जित करता है। इस ब्लेजर से निकलने वाली चमक और ऊर्जा अत्यंत विशाल है और यह हजारों सूर्यों से अधिक शक्तिशाली है।

यह ब्लेजर विशेष रूप से अध्ययन के योग्य है क्योंकि इसकी गतिविधियां अत्यंत जटिल और रोचक हैं। इसकी चमक और ऊर्जा में होने वाले परिवर्तन इसे एक गतिशील और सक्रिय खगोलीय पिंड बनाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके अध्ययन से ब्लैक होल के आसपास होने वाली भौतिक प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।

433 दिन का प्रकाश चक्र: वैज्ञानिक महत्व

यह खोज वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। '3सी 454.3' ब्लेजर की चमक में हर 433 दिन में एक नियमित परिवर्तन देखा गया है। इस नियमितता को 'ऑप्टिकल क्वासी-पीरियोडिक ऑस्सिलेशन' कहा जाता है। यह नियमितता और दोहराव वाला चक्र ब्लैक होल की आंतरिक संरचना और उसके आसपास होने वाली भौतिक प्रक्रियाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह 433 दिन का चक्र ब्लैक होल के चारों ओर घूमने वाली सामग्री की कक्षीय गति से संबंधित हो सकता है। ब्लैक होल के चारों ओर चक्कर काटने वाली सामग्री जब विभिन्न गति और स्थितियों में गतिशील होती है तो यह विभिन्न प्रकार की विकिरण और चमक उत्पन्न करती है। इस 433 दिन की अवधि को समझना ब्लैक होल की गतिशीलता को समझने की कुंजी हो सकता है।

19 साल की निगरानी की कठिनाई

इस खोज को संभव बनाने के लिए वैज्ञानिकों को लगभग 19 साल तक लगातार निगरानी करनी पड़ी। यह दीर्घकालीन अवलोकन अत्यंत कठिन और धैर्यपूर्ण कार्य था। ब्लेजार जैसी गतिशील खगोलीय वस्तुओं का अध्ययन करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि इनकी गतिविधियां अक्सर अनियमित और अप्रत्याशित होती हैं।

इस दीर्घकालीन परियोजना में वैज्ञानिकों ने विश्वभर की विभिन्न दूरबीनों और अवलोकन केंद्रों का उपयोग किया। उन्होंने रात-दिन कई बार इस ब्लेजर के प्रकाश को मापा और रिकॉर्ड किया। धीरे-धीरे, डेटा जमा करने के बाद उन्हें इस 433 दिन के नियमित चक्र का पता चल सका। यह आजीवन काम की सफलता का प्रमाण है।

वैश्विक सहयोग की शक्ति

यह खोज केवल भारतीय वैज्ञानिकों के प्रयास का परिणाम नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण है। विश्व के विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों ने इस परियोजना में योगदान दिया है। यह वैश्विक सहयोग ब्रह्मांड विज्ञान के क्षेत्र में नई सीमाओं को तोड़ने में मदद करता है। जब दुनियाभर के वैज्ञानिक एक साथ काम करते हैं तो वे ऐसे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं जो एक देश अकेले नहीं कर सकता।

यह खोज भविष्य के खगोल अनुसंधान के लिए एक नई दिशा प्रदान करेगी। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस प्रकार की दीर्घकालीन निगरानी से और भी कई रहस्यों का पता चल सकेगा और ब्रह्मांड के बारे में हमारी समझ को गहरा किया जा सकेगा।