उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी, 33 जिलों में लू की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का सितम जारी है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आने वाले दिनों में पारा और भी चढ़ने वाला है। प्रदेश के 33 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। लोग घर से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। गर्मी से बचाव के लिए प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है।
लखनऊ मौसम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यूपी के विभिन्न भागों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कुछ इलाकों में तो यह और भी अधिक दर्ज किया गया है। मई के महीने में जब सूरज अपने शबाब पर होता है तब ऐसी गर्मी आना आम बात है। लेकिन इस बार गर्मी की तीव्रता सामान्य से कहीं ज्यादा है।
प्रदेश के 33 जिलों में लू की चेतावनी
मौसम विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि प्रदेश के 33 जिलों में अगले सप्ताह लू चलने की संभावना है। इन जिलों में लखनऊ, कानपुर, आगरा, मुरादाबाद, बरेली, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, फतेहपुर, जालौन, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, कौशाम्बी, बलिया, गाजीपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और अन्य जिले शामिल हैं।
यह आशंका जताई जा रही है कि लू का प्रकोप इन क्षेत्रों में 18 मई से शुरू हो सकता है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों ने ही सतर्कता बरतने के निर्देश दे दिए हैं। गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचाव के लिए अस्पतालों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे में आम लोगों को भी अपने स्तर पर सावधानियां लेनी चाहिए।
तापमान में होगी और भी बढ़ोतरी
मौसम विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले दिनों में तापमान में और भी इजाफा होने वाला है। लखनऊ, कानपुर, मथुरा और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कुछ स्थानों पर तो यह 48 डिग्री तक भी जा सकता है। इस तरह की भीषण गर्मी में बाहर निकलना जानलेवा साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों की माने तो इस तरह की लू चलने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्ग, बच्चों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए यह अवधि बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए प्रशासन से लेकर आम नागरिकों तक सभी को सतर्क रहना होगा।
जनता को दी गई जरूरी सलाह
मौसम विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने जनता को कई महत्वपूर्ण सलाहें दी हैं। सबसे पहली सलाह यह है कि दिन के 11 बजे से 5 बजे तक यानी दोपहर के समय घर से बाहर न निकलें। अगर बाहर निकलना ही पड़े तो सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें और टोपी या छाता लगाएं।
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि हर समय पर्याप्त पानी पिएं। कम से कम 3-4 लीटर पानी प्रतिदिन पिएं। तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएं जैसे जूस, छाछ, नारियल पानी आदि। मीठे और तैलीय खाने से बचें। हल्का और सुपाच्य भोजन लें।
तीसरी सलाह यह है कि कार या बस में बंद दरवाजों के साथ लंबी यात्रा न करें। बच्चों को अकेले गाड़ी में न छोड़ें। जानवरों के लिए भी सुरक्षित जगह और पानी का इंतजाम करें। खेतों में काम करने वाले मजदूरों को छाया में विश्राम लेना चाहिए।
चौथी सलाह यह है कि अगर किसी को चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, बुखार या कमजोरी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ये सब लू के लक्षण हो सकते हैं। समय रहते इलाज शुरू करना बहुत जरूरी है।
पंचायत स्तर पर भी सरकार ने निर्देश दिए हैं कि गांवों में सार्वजनिक स्तर पर पानी की व्यवस्था की जाए। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। स्कूल और कॉलेजों को भी अपने परिसर में पानी की पर्याप्त सुविधा रखनी चाहिए।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में भीषण गर्मी पड़ने वाली है। इस गर्मी से निपटने के लिए प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जनता सभी को मिलकर काम करना होगा। व्यक्तिगत स्तर पर सावधानियां लेना और सामूहिक स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित करना दोनों ही आवश्यक हैं। ताकि इस गर्मी की मार से लोगों को कम से कम नुकसान उठाना पड़े।




