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Wednesday, 20 May 2026
मौसम

उत्तर भारत में लू का प्रकोप, 45 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान

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Komal
संवाददाता
📅 19 May 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 521 views
उत्तर भारत में लू का प्रकोप, 45 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर भारत में इन दिनों लू का प्रहार अपने चरम पर है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार आने वाले सात दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाएगा। यह मौसम पैटर्न काफी असामान्य माना जा रहा है और लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है।

दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में तापमान में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में तो तापमान पहले ही 48 डिग्री को पार कर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार यह गर्मी अगले एक हफ्ते तक बनी रहेगी और स्थितियां और भी गंभीर हो सकती हैं।

गर्मी से स्वास्थ्य को खतरा

ऐसी भीषण गर्मी में लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य तापजनित बीमारियों के मामले बढ़ने की आशंका है। विशेषकर बुजुर्ग लोग, बच्चे और जो लोग बाहर काम करते हैं उन्हें अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है और अस्पतालों को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दिन के समय घर से निकलने से बचें, खूब पानी पिएं और हल्के रंग के कपड़े पहनें। बाहर निकलना जरूरी हो तो छाता और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।

पशुचिकित्सा विभाग भी इस मौसम में पशुओं के लिए विशेष सलाह दे रहा है। पशुओं को ठंडे पानी की व्यवस्था करनी चाहिए और उन्हें धूप से बचाना चाहिए। मवेशियों में गर्मी जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण कराया जा रहा है।

मौसम का असामान्य रुख और कारण

इस बार की गर्मी के पीछे के कारणों पर विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी मानसून प्रणाली का असामान्य प्रभाव है। तापमान में यह असामान्य वृद्धि जलवायु परिवर्तन का भी एक संकेत माना जा रहा है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस साल गर्मी का मौसम पिछले पांच सालों से अधिक गंभीर साबित हो रहा है। ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इस साल की शुरुआत में ही कई क्षेत्रों में तापमान रिकॉर्ड तोड़ दिया गया था।

दक्षिण भारत में स्थिति अलग है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।

जनजीवन पर असर और सावधानियां

इस भीषण गर्मी का बुरा असर बिजली की खपत पर भी देखा जा रहा है। एयर कंडीशनर के अत्यधिक इस्तेमाल से बिजली की मांग अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। कई जिलों में बिजली की कटौती भी की जा रही है।

कृषि पर भी इस गर्मी का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। खेतों में सिंचाई की जरूरत बढ़ गई है जिससे किसानों की परेशानी बढ़ी है। भूजल स्तर भी तेजी से गिर रहा है। सरकार ने किसानों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम शुरू किए हैं।

रेल और सड़क यातायात भी इस गर्मी से प्रभावित हो रहा है। रेलवे ने कई स्टेशनों पर अतिरिक्त पानी की व्यवस्था की है। सड़कों पर डामर पिघलने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

नगर निगमों को खुली सड़कों और पार्कों में पानी की सुविधाएं बढ़ानी पड़ी हैं। कई शहरों में ठंडे कमरों की व्यवस्था की गई है जहां लोग शरण ले सकते हैं। सरकारी कार्यालयों में भी कार्य समय बदल दिए गए हैं।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में तूफान की चेतावनी है। तटीय इलाकों में सावधानियां बढ़ाई गई हैं।

इस गर्मी के दौरान लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि वे अपने घरों में ठंडा रखें, खूब पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और जहां तक संभव हो सके धूप में निकलने से बचें। जो लोग बाहर काम करते हैं उन्हें निर्धारित समय पर आराम लेना चाहिए। किसी भी तरह की असामान्य स्वास्थ्य स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मौसम विभाग अगले सात दिनों के लिए सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। इसके बाद कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना है जो गर्मी से कुछ राहत दिला सकती है। लेकिन तब तक लोगों को बेहद सावधानी से अपने स्वास्थ्य की रक्षा करनी होगी।