सस्ती सैयारा टीवी शो प्रोमो से भड़की जनता
स्टार प्लस चैनल की ओर से लॉन्च किए गए नए सीरियल 'सायराब' के लिए जारी किए गए प्रोमो को लेकर सोशल मीडिया पर खूब बवाल मचा हुआ है। दर्शकों का आरोप है कि यह नया टीवी शो पिछले साल आई सुपरहिट फिल्म 'सैयारा' की सीधी नकल है। इस मामले को लेकर जनता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जमकर ट्रोलिंग की है और इस शो को लेकर अपना आक्रोश जताया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब स्टार प्लस ने अपने आने वाले नए सीरियल 'सायराब' का प्रोमो सोशल मीडिया पर रिलीज किया। प्रोमो में दिखाई दिए दृश्य और कहानी की बुनावट को देखकर लाखों लोगों को यह फिल्म 'सैयारा' से मिलती-जुलती लगी। सैयारा फिल्म को दर्शकों और आलोचकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी और वह बॉक्स ऑफिस पर भी काफी सफल रही थी।
प्रोमो में दिखीं समानताएं
दर्शकों का मुख्य आरोप है कि 'सायराब' सीरियल के प्रोमो में सैयारा फिल्म जैसा ही प्लॉट, कथानक और पात्रों की विशेषताएं दिखाई दे रही हैं। प्रोमो में दिखाए गए दृश्यों में एक महिला पात्र को दिखाया गया है जो बहुत कुछ सैयारा फिल्म की मुख्य पात्र जैसी लगती है। कहानी का ढांचा भी काफी समान दिखता है जहां एक महिला के साथ कुछ विशेष परिस्थितियां दिखाई दे रही हैं।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने प्रोमो के साथ-साथ सैयारा फिल्म के दृश्यों को भी शेयर किए हैं और यह दिखाने की कोशिश की है कि कैसे दोनों में समानताएं हैं। कई टिप्पणियों में लोगों ने लिखा है कि टीवी चैनल को अपने लिए मौलिक कंटेंट बनाना चाहिए न कि किसी सफल फिल्म की कॉपी करनी चाहिए।
जनता का आक्रोश और ट्रोलिंग
इंस्टाग्राम, ट्विटर और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस शो को लेकर जबरदस्त ट्रोलिंग की गई है। हजारों यूजर्स ने टिप्पणियां की हैं और कहा है कि 'सस्ती सैयारा' या 'सैयारा की नकल' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। कुछ लोगों ने तो मजाकिया अंदाज में कहा है कि स्टार प्लस को पहले सैयारा फिल्म के निर्माताओं से अनुमति लेनी चाहिए थी।
एक यूजर ने लिखा है कि 'यह क्या बात है कि बॉलीवुड की सफल फिल्मों को टीवी पर सीरीज में बदल दिया जाता है लेकिन कम से कम क्रेडिट दे दिया करो।' दूसरे यूजर का कहना है कि 'टीवी इंडस्ट्री को अपनी रचनात्मकता दिखानी चाहिए न कि दूसरों की नकल करनी चाहिए।' यह आक्रोश दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
चैनल की ओर से अभी कोई बयान नहीं
इस समय स्टार प्लस की ओर से किसी भी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया है। न तो चैनल ने यह कहा है कि क्या यह सीरियल सैयारा फिल्म से प्रेरित है और न ही इन आरोपों का कोई खंडन किया है। इसके साथ ही सीरियल के निर्माताओं और निर्देशकों की ओर से भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
ऐसे में दर्शकों का गुस्सा और भी बढ़ गया है। लोगों का मानना है कि अगर चैनल को पता है कि उन्होंने कुछ गलत किया है तो उन्हें सीधे तरीके से इस बात को स्वीकार करना चाहिए। कुछ मीडिया एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि जब भी किसी फिल्म या किताब को सीरीज में एडाप्ट किया जाता है तो सही प्रक्रिया फॉलो करनी चाहिए और सभी स्टेकहोल्डर्स को शामिल करना चाहिए।
इंडस्ट्री के बहुत सारे लोग भी इस मुद्दे पर बोल रहे हैं। एक जाने-माने पटकथा लेखक का कहना है कि 'भारतीय टीवी इंडस्ट्री में मौलिकता की कमी रही है और अक्सर लोग दूसरों की सफल कहानियों को पुनः प्रस्तुत करने की कोशिश करते हैं।'
यह विवाद यह भी दिखाता है कि दर्शक अब बहुत सचेत हो गए हैं और उन्हें कोई भी घटिया या नकली कंटेंट परोस नहीं सकता है। सोशल मीडिया की शक्ति के कारण अब किसी भी चीज को तुरंत वायरल किया जा सकता है और जनता अपनी राय जता सकती है। यह निश्चित रूप से टीवी प्रोडक्शन हाउसेस और चैनलों के लिए एक सीख है कि वे अपने दर्शकों की अपेक्षाओं को समझें और मौलिक कंटेंट बनाएं। आने वाले समय में यह विवाद कैसे आगे बढ़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा।




