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Sunday, 05 July 2026
राजनीति

शहबाज शरीफ ने चीन के प्रति वन चाइना नीति का किया समर्थन

author
Komal
संवाददाता
📅 22 May 2026, 6:15 AM ⏱ 1 मिनट 👁 738 views
शहबाज शरीफ ने चीन के प्रति वन चाइना नीति का किया समर्थन
📷 aarpaarkhabar.com

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर से चीन के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हुए कहा है कि उनका देश आज तक और हमेशा के लिए बिना किसी डर या पक्षपात के 'वन चाइना' नीति का समर्थन करते हैं। यह बयान एक महत्वपूर्ण समय में आया है जब चीन और पाकिस्तान अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर शहबाज शरीफ शनिवार को चीन जाने वाले हैं और वहां अपने चीनी समकक्षों से मुलाकात करेंगे।

शहबाज शरीफ का यह बयान पाकिस्तान की विदेश नीति के एक मूल स्तंभ को दर्शाता है। यह सिर्फ एक राजनयिक बयान नहीं है, बल्कि दक्षिण एशिया के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण संदेश है। पाकिस्तान के लिए चीन केवल एक पड़ोसी देश नहीं है, बल्कि एक सामरिक साझेदार है जिसके साथ इसके आर्थिक, सैन्य और सांस्कृतिक संबंध बहुत गहरे हैं।

चीन-पाकिस्तान संबंधों का ऐतिहासिक महत्व

चीन और पाकिस्तान के बीच संबंध दशकों पुराने हैं और ये समय के साथ और भी मजबूत होते गए हैं। दोनों देशों ने न केवल राजनयिक स्तर पर बल्कि आर्थिक और सामरिक स्तर पर भी एक गहरी साझेदारी विकसित की है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना (सीपीईसी) इसी साझेदारी का सबसे बड़ा उदाहरण है। यह परियोजना पाकिस्तान के विकास और आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वन चाइना नीति के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का मतलब है कि पाकिस्तान तैवान को चीन का एक अभिन्न अंग मानता है और किसी भी आंतरिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करता है। यह नीति पाकिस्तान की राजनीति के मूल सिद्धांतों में से एक है। शहबाज शरीफ का यह बयान दिखाता है कि पाकिस्तान की विभिन्न राजनीतिक पार्टियां इस बुनियादी सिद्धांत पर एक मत हैं।

शहबाज शरीफ की चीन यात्रा का महत्व

शहबाज शरीफ की चीन यात्रा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान के नेता चीनी नेतृत्व के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इनमें आर्थिक सहयोग, बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं, सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय शांति शामिल हो सकते हैं।

75वीं वर्षगांठ का यह अवसर दोनों देशों के लिए अपने संबंधों की समीक्षा करने और भविष्य की साझेदारी की दिशा निर्धारित करने का एक उत्तम मंच है। शहबाज शरीफ की यात्रा से पाकिस्तान और चीन के बीच नई परियोजनाओं और सहयोग के नए क्षेत्रों की घोषणा हो सकती है।

पाकिस्तान की राजनीति में चीन की भूमिका

पाकिस्तान की राजनीति और अर्थव्यवस्था में चीन की भूमिका लगभग सभी राजनीतिक दलों द्वारा स्वीकार की जाती है। चाहे कोई भी सरकार सत्ता में हो, चीन के साथ संबंध पाकिस्तान की विदेश नीति का एक स्थिर और केंद्रीय घटक रहे हैं। यह दिखाता है कि चीन पाकिस्तान के लिए कितना महत्वपूर्ण है।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चीनी निवेश और सहयोग पर काफी हद तक निर्भर है। सीपीईसी परियोजना के तहत चीन पाकिस्तान में सड़कें, बंदरगाह, ऊर्जा परियोजनाएं और अन्य बुनियादी ढांचे में निवेश कर रहा है। ये परियोजनाएं पाकिस्तान के आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

शहबाज शरीफ का वन चाइना नीति के प्रति समर्थन का बयान इस गहरे संबंध को और रेखांकित करता है। यह दिखाता है कि पाकिस्तान न केवल चीन के साथ आर्थिक सहयोग चाहता है, बल्कि राजनीतिक और सामरिक स्तर पर भी उसके साथ खड़ा है।

निष्कर्ष में, शहबाज शरीफ का यह बयान पाकिस्तान की स्पष्ट राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। पाकिस्तान चीन को एक भरोसेमंद और दीर्घकालीन साझेदार मानता है और इस संबंध को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच का यह सहयोग क्षेत्र की राजनीति और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।