Oracle ने 12,000 भारतीय कर्मचारियों को निकाला, विदाई पैकेज की डिटेल
Oracle की बड़ी छंटनी: 12,000 भारतीय कर्मचारियों को मिला विदाई पैकेज
आईटी जगत में एक और बड़ी छंटनी की खबर आई है। अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी Oracle ने अपने वैश्विक वर्कफोर्स में बड़े पैमाने पर कटौती का फैसला लिया है। इस निर्णय का सबसे ज्यादा असर भारतीय कर्मचारियों पर पड़ा है, जहां लगभग 12,000 लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
कंपनी ने दुनियाभर में अपने कुल 30,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है, जो इसके वैश्विक वर्कफोर्स का लगभग 18 प्रतिशत है। भारत में मुख्य रूप से बेंगलुरु स्थित IDC (India Development Center) के कर्मचारी इस छंटनी से प्रभावित हुए हैं।

भारत में Oracle की बड़ी छंटनी का प्रभाव
Oracle का यह फैसला भारतीय IT सेक्टर के लिए एक बड़ा झटका है। बेंगलुरु में स्थित कंपनी के IDC केंद्र से जुड़े हजारों कर्मचारियों को अचानक इस खबर का सामना करना पड़ा। यह छंटनी न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर कर्मचारियों को प्रभावित कर रही है, बल्कि पूरे टेक इकोसिस्टम पर भी इसका व्यापक असर हो रहा है।
प्रभावित कर्मचारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपने अनुभव साझा करना शुरू किया है। कई लोगों ने LinkedIn और Twitter पर अपनी कहानियां बताई हैं, जिससे इस स्थिति की गंभीरता का पता चलता है।
कंपनी द्वारा दिया गया विदाई पैकेज
Oracle ने निकाले गए कर्मचारियों के लिए एक व्यापक सेवरेंस पैकेज की व्यवस्था की है। हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पूरी डिटेल्स नहीं बताई हैं, लेकिन प्रभावित कर्मचारियों से मिली जानकारी के अनुसार:
### सेवरेंस पैकेज की मुख्य विशेषताएं:
| लाभ | विवरण |
| ------ | -------- | |
|---|---|---|
| वेतन सहायता | 3-6 महीने तक का वेतन | |
| स्वास्थ्य बीमा | अतिरिक्त 6 महीने का कवरेज | |
| नोटिस पीरियड | तुरंत रिलीज या पेड नोटिस | |
| करियर सपोर्ट | जॉब प्लेसमेंट सहायता |
कई कर्मचारियों ने बताया कि कंपनी ने उन्हें करियर काउंसलिंग और जॉब सर्च में सहायता के लिए बाहरी एजेंसियों से जोड़ने का भी इंतजाम किया है। इसके अलावा, कुछ वरिष्ठ पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों को अधिक उदार पैकेज दिया गया है।
छंटनी के पीछे की वजहें
Oracle की इस बड़ी छंटनी के पीछे कई कारक काम कर रहे हैं। कंपनी के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह निर्णय व्यापारिक पुनर्गठन और AI तकनीक के बढ़ते उपयोग के कारण लिया गया है।
टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के बढ़ते उपयोग से कई पारंपरिक जॉब रोल्स पर असर पड़ रहा है। Oracle भी अपने बिजनेस मॉडल को AI-फर्स्ट दृष्टिकोण के अनुसार बदल रही है, जिसके कारण कुछ डिपार्टमेंट्स में ओवरस्टाफिंग की स्थिति आ गई थी।
इसके अतिरिक्त, पोस्ट-कोविड दौर में कंपनियों का रिमोट वर्क मॉडल और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन पर फोकस भी इस तरह के निर्णयों में योगदान दे रहा है।
IT सेक्टर में छंटनी का ट्रेंड
Oracle की यह छंटनी एक अलग घटना नहीं है। पिछले कुछ महीनों में Amazon, Meta, Google, Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने भी बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को निकाला है। भारतीय IT सेक्टर भी इस ग्लोबल ट्रेंड से अछूता नहीं रह सका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अगले कुछ महीनों तक जारी रह सकती है, जब तक कि इकॉनमी पूरी तरह स्टेबल नहीं हो जाती। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि IT सेक्टर में नौकरियों का अंत हो गया है। नई तकनीकों के साथ नए अवसर भी आ रहे हैं।
प्रभावित कर्मचारियों के लिए आगे की राह
Oracle से निकाले गए कर्मचारियों के लिए यह निश्चित रूप से एक कठिन समय है। हालांकि, भारत का IT इकोसिस्टम काफी मजबूत है और अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए अवसर उपलब्ध हैं।
कई स्टार्टअप्स और मिड-साइज कंपनियां अनुभवी टैलेंट की तलाश में हैं। इसके अलावा, फ्रीलांसिंग और कंसल्टिंग के रूप में भी अवसर मौजूद हैं।
प्रभावित कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी स्किल्स को अपडेट रखें, नेटवर्किंग पर फोकस करें, और नई तकनीकों जैसे AI, Cloud Computing, Data Analytics आदि में सर्टिफिकेशन लें।
यह छंटनी भले ही दुखदायी हो, लेकिन यह भारतीय IT पेशेवरों की प्रतिभा और लचीलेपन को भी दर्शाती है। अधिकांश प्रभावित कर्मचारी जल्द ही बेहतर अवसर खोजने में सफल होंगे।




