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Wednesday, 19 August 2026
समाचार

ईडी की छापेमारी: I-PAC के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई

author
Komal
संवाददाता
📅 03 April 2026, 12:31 PM ⏱ 1 मिनट 👁 490 views
ईडी की छापेमारी: I-PAC के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई
📷 aarpaarkhabar.com

ईडी की बड़ी कार्रवाई: I-PAC के कई शहरों में ठिकानों पर एक साथ छापेमारी


प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़ी राजनीतिक रणनीति कंपनी I-PAC के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह तलाशी अभियान दिल्ली, बंगलूरू और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में चलाया गया है।



ईडी के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नए सिरे से शुरू की गई जांच के तहत की जा रही है। I-PAC (Indian Political Action Committee) एक ऐसी कंपनी है जो राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति और अभियान चलाने में सहायता प्रदान करती है।


कहां-कहां हुई छापेमारी


प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई में तीन प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया है। दिल्ली में I-PAC के मुख्य कार्यालय पर छापेमारी की गई है, जबकि बंगलूरू और हैदराबाद में भी कंपनी के महत्वपूर्ण ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है।



सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमें सुबह से ही इन सभी स्थानों पर पहुंची हैं और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमारी किसी विशेष मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है।


I-PAC क्या है और इसका TMC से क्या संबंध


I-PAC या Indian Political Action Committee एक राजनीतिक रणनीति और सलाहकार कंपनी है जो विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए चुनावी अभियान तैयार करती है। यह कंपनी राजनीतिक दलों को डेटा एनालिटिक्स, सोशल मीडिया कैंपेन, और जनसंपर्क की सुविधाएं प्रदान करती है।



पिछले कुछ वर्षों में I-PAC ने तृणमूल कांग्रेस के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल में चुनावी अभियान चलाए हैं। कंपनी ने 2021 के विधानसभा चुनावों में TMC के लिए रणनीति बनाई थी, जिसमें पार्टी को सफलता मिली थी।



| शहर | छापेमारी का स्थान | स्थिति |






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दिल्लीI-PAC मुख्य कार्यालयजारी
बंगलूरूशाखा कार्यालयजारी
हैदराबादडेटा सेंटरजारी


जांच की दिशा और उद्देश्य


प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों का कहना है कि यह छापेमारी मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी फंडिंग से संबंधित जांच के तहत की जा रही है। हालांकि अभी तक ईडी ने इस कार्रवाई के पीछे के सटीक कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह जांच कई महीनों से चल रही है।



राजनीतिक सलाहकार कंपनियों की फंडिंग और उनके वित्तीय लेन-देन की जांच करना ईडी की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषकर जब ये कंपनियां विदेशी स्रोतों से धन प्राप्त करती हैं या उनके वित्तीय व्यवहार में कोई अनियमितता दिखाई देती है।


राजनीतिक प्रतिक्रिया


अभी तक तृणमूल कांग्रेस या I-PAC की तरफ से इस छापेमारी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है।



विपक्षी दल इसे केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों पर दबाव बनाने की रणनीति बता रहे हैं, वहीं सत्ताधारी दल के नेता इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मान रहे हैं।


आगे क्या होगा


प्रवर्तन निदेशालय की यह छापेमारी कई घंटों से जारी है और अभी भी चल रही है। ईडी के अधिकारी I-PAC के कार्यालयों से महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त कर रहे हैं।



सूत्रों के अनुसार, इस जांच के नतीजे आने में कुछ सप्ताह का समय लग सकता है। ईडी अब इन जब्त किए गए दस्तावेजों की विस्तृत जांच करेगी और फिर आगे की कार्रवाई तय करेगी।



यह घटना भारतीय राजनीति में राजनीतिक सलाहकार कंपनियों की बढ़ती भूमिका और उनकी जवाबदेही के मुद्दे को उजागर करती है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी दिलचस्प खुलासे हो सकते हैं।