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Tuesday, 21 April 2026
अपराध

चार साल की बच्ची से दुष्कर्म, मामा मुठभेड़ में मारा गया

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Komal
संवाददाता
📅 20 April 2026, 5:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 967 views
चार साल की बच्ची से दुष्कर्म, मामा मुठभेड़ में मारा गया
📷 aarpaarkhabar.com

साहिबाबाद के टीलामोड़ इलाके में एक भयानक अपराध को अंजाम देने वाला मामा आखिरकार न्याय के कठघरे में पहुंच गया है। पुलिस की गोलियों से छलनी होकर यह अमानवीय अपराधी अपनी करतूतों की कीमत अपनी जान से चुका गया। इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है।

भयानक अपराध और पुलिस की कार्रवाई

सोमवार की देर रात 19 अप्रैल को साहिबाबाद पुलिस ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन अंजाम दिया। टीलामोड़ इलाके में आरोपी को खोजते हुए पुलिस दल के साथ मुठभेड़ हुई। इस पुलिस एनकाउंटर में आरोपी मामा को गोलियों का शिकार बनना पड़ा। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिस कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

यह मुठभेड़ एक चार वर्षीय निर्दोष बच्ची की मौत का बदला लेने के लिए की गई थी। इस बालिका को इसी मामा ने अपना शिकार बनाया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपी को खोज निकाला। जब आरोपी पुलिस के सामने आ गया, तो उसने हिंसक व्यवहार किया, जिससे गोलीबारी करने की नौबत आ गई।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी बेहद खतरनाक किस्म का अपराधी था। उसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज थे। इस बार जब वह पकड़ा जा रहा था, तो उसने पुलिस को घायल करने की कोशिश की। बचाव के लिए पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार की गई थी।

जघन्य अपराध का सिलसिला

यह कहानी 11 अप्रैल से शुरू हुई थी जब एक बालिका अपने घर के पास खेल रही थी। इस चार वर्षीय मासूम बच्ची को उसका मामा अपने साथ ले गया। उसने बच्ची को चीज खरीद दिलाने का बहाना बनाया। लेकिन एकांत जगह पर पहुंचते ही इस पशु प्रवृत्ति के आदमी ने बच्ची से दुष्कर्म किया।

इसके बाद आरोपी ने भयानक कदम उठाया। उसने छोटी बच्ची का गला दबाकर उसे मार डाला। निरपराध बालिका की चीख पुकार भी किसी के कानों तक नहीं पहुंची। इसके बाद आरोपी ने लाश को एक कार के नीचे फेंक दिया। शायद वह सोच रहा था कि इस तरह पता नहीं चलेगा कि उसने यह जघन्य अपराध किया है।

लेकिन इसी दिन शाम को बच्ची के माता-पिता को अपनी बेटी की खोज की चिंता सताने लगी। जब वह बच्ची कहीं नहीं मिली, तो उन्होंने पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ की। धीरे-धीरे खबर फैली और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया। एक कार के पास मिली लाश को देखकर सभी को भयानक सत्य का पता चल गया।

न्याय और समाज की प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद पूरे साहिबाबाद इलाके में गुस्से की लहर दौड़ गई। लोग न्याय की मांग करने लगे। महिला संगठनों ने इस घटना की निंदा की। समाज के सभी वर्गों ने इस अमानवीय अपराध को लेकर असंतोष व्यक्त किया।

पुलिस के तेजतर्रार काम की सराहना की गई। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस को काफी मेहनत करनी पड़ी क्योंकि वह गायब हो गया था। लेकिन कुछ दिनों की गहन जांच के बाद उसके ठिकानों का पता लगाया गया। जब उसे खोज निकाला गया और गिरफ्तारी की कोशिश की गई, तो उसने हिंसक प्रतिरोध किया।

इस घटना ने समाज को कई सवाल उठाने के लिए मजबूर किया है। बच्चियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए? परिवार के भीतर ही इतने जघन्य अपराध क्यों होते हैं? माता-पिता को अपने बच्चों को कैसे सुरक्षित रखना चाहिए? ये सभी सवाल समाज के सामने खड़े हो गए हैं।

बच्ची के माता-पिता के दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। एक निरपराध जीवन जो अभी-अभी जीवन का आनंद लेना शुरू भी नहीं किया था, उसे क्रूर तरीके से छीन लिया गया। घर में बस खालीपन रह गया है।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के यौन अत्याचार के मामलों में पुलिस तुरंत और निर्भीकता से कार्रवाई करेगी।

यह घटना समाज को जागरूक करने का भी काम करती है। माता-पिता को अपने बच्चों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए। परिवार के सदस्यों पर भी संदेह की दृष्टि रखनी चाहिए। बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में बताना चाहिए। स्कूलों में भी बच्चों को आत्मरक्षा और सुरक्षा के बारे में सिखाया जाना चाहिए।

यह मुठभेड़ न्याय का एक हिस्सा है, लेकिन असली न्याय तब मिलेगा जब समाज अपनी सोच बदले। जब परिवार में ऐसे अपराधियों को जगह देना बंद करे। जब हर बालिका को सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन मिले। तब तक इस छोटी बालिका की आत्मा को शांति नहीं मिल सकती।