दिल्ली में बैरियर लेस टोल सिस्टम आज से शुरू
दिल्ली में आज एक नया और महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी आज मुंडका–बक्करवाला टोल प्लाजा से मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर लेस टोलिंग सिस्टम का उद्घाटन करने वाले हैं। यह एक ऐतिहासिक कदम है जो दिल्ली की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा। अब तक जहां लोगों को टोल प्लाजा पर लंबी-लंबी कतारों में खड़े होना पड़ता था, वह दिन अब लद गए हैं।
यह बैरियर लेस टोल सिस्टम आधुनिक तकनीक पर आधारित है। इसमें गाड़ियों को रोका नहीं जाएगा और न ही किसी बैरियर को खोलना पड़ेगा। वाहन सीधे ही टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। इस सिस्टम में फास्टैग (FASTag) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा जो गाड़ी के आसपास की तरंगों के माध्यम से टोल की कटौती करेगी। यह तकनीक बिल्कुल सुरक्षित और पारदर्शी है।
दिल्ली के बाद सूरत शहर को यह सुविधा मिली थी। सूरत में यह सिस्टम बहुत कामयाब साबित हुआ है और वहां के लोग काफी खुश हैं। अब दिल्ली के नागरिकों को भी यह राहत मिलेगी। सूरत के अनुभव को देखते हुए यह पूरी तरह तैयार किया गया है कि दिल्ली में भी यही सफलता मिले।
बैरियर लेस सिस्टम के फायदे क्या हैं?
इस नई तकनीक के कई फायदे हैं। सबसे पहला फायदा तो यह है कि समय की बचत होगी। अब लोगों को टोल प्लाजा पर रुकना नहीं पड़ेगा। पहले जहां एक गाड़ी को पास होने में 30 सेकंड से 1 मिनट लग जाता था, अब वह सिर्फ 2-3 सेकंड में पास हो जाएगी। यह ट्रैफिक को काफी हद तक कम करेगा।
दूसरा बड़ा फायदा प्रदूषण में कमी है। जब गाड़ियां लंबी कतारों में रुकी रहती थीं, तो उनके इंजन चलते रहते थे जिससे बहुत प्रदूषण होता था। अब चूंकि गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा, इसलिए प्रदूषण में भी काफी कमी आएगी। यह पर्यावरण के लिए एक बड़ा कदम है।
तीसरा फायदा यह है कि यह सिस्टम पूरी तरह डिजिटल है। इसमें भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहती है। सब कुछ स्वचालित तरीके से होता है। जहां पहले टोल वसूलने वाले लोग कई बार गड़बड़ी कर देते थे, अब वह बात नहीं रहेगी। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
चौथा फायदा यह है कि यह सिस्टम सभी तरह की गाड़ियों के लिए उपयुक्त है। चाहे वह कार हो, ट्रक हो या बाइक हो, सभी को यह सुविधा मिलेगी। हर गाड़ी को फास्टैग लगवाना पड़ेगा और फिर सब कुछ स्वचालित हो जाएगा।
मुंडका–बक्करवाला टोल प्लाजा में क्या होगा बदलाव?
दिल्ली के मुंडका–बक्करवाला टोल प्लाजा को पूरी तरह नया रूप दिया गया है। यहां अब सात लेन बनाए गए हैं और सभी लेन में फास्टैग रीडर लगाए गए हैं। प्रत्येक लेन में गाड़ियां बिना रुके गुजर सकती हैं। यह प्लाजा अब काफी आधुनिक और तकनीकी रूप से सज्जित है।
इस टोल प्लाजा पर हर दिन हजारों गाड़ियां गुजरती हैं। अब उन सभी गाड़ियों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा। यहां से गुजरने वाले लोगों का कीमती समय बचेगा और वे अपनी मंजिल पर जल्दी पहुंच सकेंगे।
भविष्य की योजना क्या है?
इस बैरियर लेस सिस्टम को दिल्ली के सभी टोल प्लाजा में लागू करने की योजना है। धीरे-धीरे पूरी दिल्ली में यह सुविधा फैलाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2024 के अंत तक देश के सभी मुख्य राजमार्गों पर यह सिस्टम लागू हो जाए।
यह एक बड़ी पहल है जो भारतीय यातायात व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाएगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में भी सुधार आएगा। गडकरी की इस पहल को सभी लोग सराहते हैं और उम्मीद है कि यह सिस्टम पूरे देश में जल्दी ही लागू हो जाएगा।




