ढाबे जैसी दाल बनाने का सीक्रेट तड़का फॉर्मूला
ढाबे जैसी दाल बनाने का राज़
क्या आप रोज़ाना एक जैसी बोरिंग दाल खाकर थक गए हैं? घर पर बनी दाल चाहे कितनी भी अच्छी बने, लेकिन ढाबे की दाल उसके सामने कहीं नहीं ठहरती। ढाबे की दाल में वो जादू होता है जो घर पर बनी दाल में नहीं आता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये जादू दरअसल सही तड़के में छिपा होता है? हाँ, सिर्फ तड़का ही वो चीज़ है जो आपकी साधारण दाल को ढाबे जैसी स्वादिष्ट और खुशबूदार दाल में तब्दील कर सकता है।
दाल बनाना तो सभी को आता है, लेकिन परफेक्ट तड़का लगाना एक कला है। अगर आप इस कला को सीख जाएं तो आपकी दाल हमेशा रेस्टोरेंट जैसी बनेगी। इस आर्टिकल में हम आपको वही सभी सीक्रेट बताएंगे जो ढाबे वाले अपने पास रखते हैं। तो चलिए, सीखते हैं कि कैसे बनाते हैं परफेक्ट ढाबे स्टाइल दाल।
तड़के में डालें ये महत्वपूर्ण मसाले
ढाबे की दाल का पहला और सबसे महत्वपूर्ण घटक है सही तड़का। तड़का लगाते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है। सबसे पहले आप एक कड़ाही में अच्छा खासा घी डालें। ये घी ही वो जादू है जो दाल को खुशबूदार बनाता है। घी की खुशबू और स्वाद दोनों दाल में घुल जाते हैं।
घी में अब आप एक छोटी चम्मच जीरा डालिए। जीरा छन-छन करके अपनी महक बिखेरता है। इसके बाद आप दो-तीन हरी मिर्च को महीन काटकर डालें। हरी मिर्च न सिर्फ तीखापन लाती है, बल्कि दाल को ताज़ा भी रखती है। कुछ लोग अदरक भी डालते हैं, जो कि बिल्कुल सही है। बस एक छोटा सा टुकड़ा कद्दूकस किया हुआ अदरक काफी होता है।
अब आता है सबसे जरूरी मसाला - हींग। हींग की महक कुछ अलग ही होती है। बस एक छोटी सी चुटकी हींग पूरी दाल को बदल देती है। हींग को घी में डालते ही वह छप्प की आवाज़ करता है और दाल में अपनी अनोखी खुशबू फैलाता है। यह ढाबे की दाल का असली पहचान है।
इसके बाद में डालिए कालीमिर्च। कालीमिर्च को कूटकर डालें ताकि इसके कण पूरी दाल में बिखर जाएं। कालीमिर्च न सिर्फ स्वाद बढ़ाती है, बल्कि दाल की गुणवत्ता भी बढ़ाती है। अगर आप चाहें तो थोड़ा धनिया पाउडर भी डाल सकते हैं। धनिया की सुगंध दाल को और भी बेहतर बनाती है।
सही तरीके से तड़का लगाने की प्रक्रिया
तड़का लगाने का तरीका भी उतना ही जरूरी है जितना कि सही सामग्री चुनना। सबसे पहले आप दाल को अच्छे से पकने दीजिए। दाल पूरी तरह नरम हो जानी चाहिए ताकि तड़का लगाने से पहले आप इसमें स्वाद ढूंढ सकें। जब दाल तैयार हो जाए, तब ही तड़का लगाइए।
एक अलग कड़ाही या तवे पर घी डालिए और आँच को मध्यम रखिए। आँच ज्यादा तेज़ न हो वरना मसाले जल जाएंगे। घी गर्म होने के बाद उसमें आप जीरा डालिए और थोड़ी देर के लिए इसे अकेले ही तड़कने दीजिए। जीरे की खुशबू निकल आए, तब हरी मिर्च और अदरक डालिए। ये सब एक-एक करके डालिए, एक साथ न डालिए।
जब हरी मिर्च को घी में कुछ सेकंड मिल जाए, तब हींग की चुटकी डालिए। हींग डालते ही दाल की खुशबू बदल जाएगी। इसके बाद कालीमिर्च और धनिया डालिए। सभी मसालों को अच्छे से घी के साथ मिलने दीजिए। जब तड़का पूरी तरह सिझ जाए और खुशबू उठने लगे, तब इसे तुरंत दाल में डाल दीजिए।
तड़े को दाल में डालते समय आप हल्का सावधान रहें। कुछ लोग इसे धीरे-धीरे डालते हैं तो कुछ एक साथ। दोनों तरीके से ठीक है, लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि तड़ा अभी गर्म हो। गर्म तड़े की महक और स्वाद दाल में अच्छे से घुल जाता है।
अतिरिक्त सुझाव और ट्रिक्स
अगर आप सच में ढाबे जैसी दाल बनाना चाहते हैं, तो कुछ और बातें भी ध्यान में रखिए। पहली बात तो यह कि हमेशा शुद्ध घी का इस्तेमाल करें। डिब्बाबंद या कम गुणवत्ता का घी आपकी दाल को बर्बाद कर सकता है। अगर मँहगा घी नहीं खरीद सकते तो कम से कम अच्छा घी खरीदिए।
दूसरी बात यह कि आप दाल में नमक का सही अनुपात रखें। दाल तैयार करते समय ही अगर आप सही नमक डाल दें, तो तड़का लगाने के बाद आपको फिर से नमक मिलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। तड़े के बाद नमक मिलाने से दाल का स्वाद खराब हो सकता है।
तीसरी बात यह कि आप प्याज़ का इस्तेमाल न करें या बहुत कम करें। ढाबे की दाल में आमतौर पर प्याज़ नहीं होता। यह भी ढाबे की दाल को घर की दाल से अलग बनाता है। अगर आप प्याज़ प्रेमी हैं तो दाल में ऊपर से कुछ कुरकुरी तली हुई प्याज़ डाल सकते हैं।
चौथा टिप्स है कि दाल के बाद प्याज़, नींबू और अदरक से सजाइए। ये तीनों चीज़ें दाल को और भी बेहतर बनाती हैं। ताज़ी हरी धनिया का छिड़काव भी दाल की खुंदरता बढ़ाता है। इन सब बातों का ध्यान रखकर आप अपने घर पर ही ढाबे जैसी दाल बना सकते हैं। तो अब देर क्या है? अगले खाने के समय यह सब करके देखिए और महसूस कीजिए फर्क।




