🔴 ब्रेकिंग
G7 बैठक में रूस प्रतिबंध और तेल कीमतों पर चर्चा|सलमान खान तन्हाई के दर्द से गुजर रहे हैं? सच्चाई जानिए|बिना तेल की पूड़ी बनाने का आसान तरीका और ट्रिक|लाहौर: सड़कों के पुराने नाम बहाल करने की मुहिम|वाटर मेट्रो: 18 शहरों में सेवा शुरू करेगी सरकार|मिर्जापुर फिल्म पर दिव्येंदु शर्मा का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू|महिला वेश में लूटपाट करने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा|दिल्ली-राजस्थान-मध्य प्रदेश में भीषण लू का अलर्ट|मिथुन राशि त्रिग्रही योग 2026: शुक्र-गुरु-चंद्रमा|कर्तव्य फिल्म में चाइल्ड एक्टर की शानदार परफॉर्मेंस|G7 बैठक में रूस प्रतिबंध और तेल कीमतों पर चर्चा|सलमान खान तन्हाई के दर्द से गुजर रहे हैं? सच्चाई जानिए|बिना तेल की पूड़ी बनाने का आसान तरीका और ट्रिक|लाहौर: सड़कों के पुराने नाम बहाल करने की मुहिम|वाटर मेट्रो: 18 शहरों में सेवा शुरू करेगी सरकार|मिर्जापुर फिल्म पर दिव्येंदु शर्मा का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू|महिला वेश में लूटपाट करने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा|दिल्ली-राजस्थान-मध्य प्रदेश में भीषण लू का अलर्ट|मिथुन राशि त्रिग्रही योग 2026: शुक्र-गुरु-चंद्रमा|कर्तव्य फिल्म में चाइल्ड एक्टर की शानदार परफॉर्मेंस|
Tuesday, 19 May 2026
समाचार

गंगा एक्सप्रेसवे टोल शुल्क दरें वाहन अनुसार

author
Komal
संवाददाता
📅 15 May 2026, 5:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 603 views
गंगा एक्सप्रेसवे टोल शुल्क दरें वाहन अनुसार
📷 aarpaarkhabar.com

लखनऊ - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटन के पश्चात गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिनों तक मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी। यह सुविधा अब समाप्त हो गई है। बृहस्पतिवार रात 12 बजे से इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में यातायात करने वाले सभी वाहनों को निर्धारित टोल शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा।

यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से यातायात में गति आएगी और लोगों को समय की बचत मिलेगी। हालांकि, अब प्रत्येक यात्री को टोल शुल्क का भुगतान करना होगा। विभिन्न प्रकार के वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं।

विभिन्न वाहनों के लिए टोल शुल्क

गंगा एक्सप्रेसवे पर अब वाहन के प्रकार के अनुसार टोल शुल्क वसूल किया जाएगा। छोटे वाहनों से कम और भारी वाहनों से अधिक शुल्क लिया जाएगा। यह प्रणाली सभी राजमार्गों पर समान रूप से लागू की जाती है।

द्विचक्र वाहनों जैसे कि बाइक और स्कूटर के लिए सबसे कम टोल शुल्क निर्धारित किया गया है। कार और एसयूवी जैसे चार पहियों वाले वाहनों के लिए मध्यम दर वाला शुल्क तय किया गया है। वाणिज्यिक वाहनों जैसे कि ट्रक, बस और लारियों के लिए सबसे अधिक टोल शुल्क निर्धारित किया गया है। यह प्रणाली न्यायसंगत है क्योंकि भारी वाहन सड़क को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं।

द्विचक्र वाहनों को 20 रुपये से 30 रुपये तक का शुल्क देना होगा। कार को 40 रुपये से 60 रुपये तक का भुगतान करना पड़ेगा। एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहनों को 70 रुपये से 100 रुपये तक का शुल्क देना होगा। वाणिज्यिक वाहनों के लिए शुल्क 120 रुपये से 500 रुपये तक हो सकता है। ये दरें वाहन की श्रेणी और एक्सप्रेसवे के विभिन्न खंडों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।

फास्टैग से सुविधाजनक भुगतान

टोल शुल्क का भुगतान करने के लिए यातायात विभाग ने फास्टैग सुविधा उपलब्ध कराई है। फास्टैग एक आधुनिक प्रौद्योगिकी है जो वाहनों के विंडशील्ड पर लगाई जाती है। यह तकनीक वाहन को टोल प्लाजा से स्वचालित रूप से पहचान लेती है और सीधे खाते से पैसे काट लेती है।

फास्टैग का उपयोग करने से यातायात में गति आती है और भीड़ नहीं होती। यदि आप फास्टैग लगवाते हैं तो कुछ छूट भी मिल सकती है। फास्टैग सुविधा सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर उपलब्ध है। गंगा एक्सप्रेसवे पर भी यह सुविधा पूरी तरह से कार्यरत है।

यदि कोई वाहन चालक फास्टैग नहीं लगवाता है तो उसे टोल प्लाजा पर नकद राशि देनी होगी। नकद भुगतान में कुछ अतिरिक्त शुल्क भी लग सकता है। इसलिए फास्टैग लगवाना अधिक सुविधाजनक और किफायती है।

मुफ्त यात्रा अवधि समाप्ति के पीछे कारण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद 15 दिनों की मुफ्त यात्रा अवधि घोषित की थी। यह अवधि जनता को नई सड़क का अनुभव लेने का मौका देती है। इससे लोग एक्सप्रेसवे की सुविधाओं को समझ सकते हैं और अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।

यह 15 दिन की अवधि एक तरह का संक्रमणकालीन चरण था। इस दौरान यातायात विभाग ने टोल प्लाजा की तैयारी पूरी की और सभी तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित की। अब सभी टोल प्लाजा पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं और टोल वसूली की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।

इस एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 6,000 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। यह एक्सप्रेसवे काशी को मेरठ से जोड़ता है। इसकी कुल लंबाई लगभग 594 किलोमीटर है। टोल राजस्व से इस परियोजना की रखरखाव और उन्नयन के कार्य किए जाएंगे।

गंगा एक्सप्रेसवे पर अब विभिन्न शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो गया है। लखनऊ से गाजीपुर तक की यात्रा अब कुछ घंटों में संभव हो गई है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा और पर्यटन को प्रोत्साहित करेगा। इसलिए टोल शुल्क का भुगतान करते हुए इस बेहतरीन सड़क सुविधा का लाभ उठाएं।