गंवरघुटरी में 100 बेड अस्पताल निर्माण
राइपुर - छत्तीसगढ़ राज्य के गंवरघुटरी में एक सौ बेड वाले अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण का काम शीघ्र शुरू होने वाला है। इस परियोजना से वनांचल के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को रायगढ़ जिले का दौरा करते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए आवश्यक मंजूरियां प्रदान की हैं।
मुख्यमंत्री ने बिलासपुर संभाग के जांजगीर-चांपा, कोरबा और रायगढ़ जिलों की समीक्षा बैठक में भाग लिया। इस बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को भूमि आवंटन आदेश की प्रति सौंपी। यह कदम राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
गंवरघुटरी में अस्पताल का महत्व
गंवरघुटरी क्षेत्र मुख्य रूप से वनांचल और दुर्गम इलाके में स्थित है। यहां के ग्रामीणों को अच्छी चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त नहीं हो पाती हैं। इसी समस्या का समाधान करने के लिए सरकार ने इस क्षेत्र में सौ बेड वाले अस्पताल का निर्माण करने का निर्णय लिया है। यह अस्पताल आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित होगा और यहां के लोगों को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेगा।
इस अस्पताल में विभिन्न विशेषज्ञ विभाग स्थापित किए जाएंगे जैसे सामान्य चिकित्सा, सर्जरी, प्रसूति रोग विज्ञान और बाल रोग विज्ञान। आपातकालीन सेवाएं भी चौबीस घंटे उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा अस्पताल में आधुनिक जांच सुविधाएं जैसे सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनें भी लगाई जाएंगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
छत्तीसगढ़ के दुर्गम वनांचल इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी लंबे समय से एक समस्या रही है। गंवरघुटरी सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलना मुश्किल होता है। इसके कारण छोटी-मोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले लेती हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस नए अस्पताल की स्थापना से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा। स्थानीय निवासियों को गांव में ही अच्छी चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इससे न केवल जान-माल की हानि कम होगी बल्कि लोगों का समय और पैसा भी बचेगा। महिलाओं और बच्चों की मृत्यु दर में भी कमी आएगी।
रायगढ़ जिले के अन्य क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए सरकार कार्य कर रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती की जा रही है। सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों से विशेषज्ञ डॉक्टरों को इन क्षेत्रों में नियुक्त किया जा रहा है।
परियोजना के क्रियान्वयन की योजना
इस सौ बेड वाले अस्पताल की परियोजना को वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को इस परियोजना का क्रियान्वयन सौंपा गया है। फाउंडेशन अस्पताल के निर्माण के साथ-साथ यहां काम करने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी देगा।
अस्पताल का निर्माण पर्यावरण के अनुकूल तरीके से किया जाएगा। भूमि आवंटन आदेश के अनुसार निर्धारित क्षेत्र में अस्पताल की बिल्डिंग का निर्माण होगा। स्थानीय लोगों को निर्माण कार्य में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
अस्पताल के संचालन के लिए प्रबंधन कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। अस्पताल का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए अनुभवी प्रशासकों को नियुक्त किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि सरकार राज्य के सभी हिस्सों में समान रूप से विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेषकर दुर्गम और वनांचल इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। गंवरघुटरी में इस आधुनिक अस्पताल की स्थापना इसी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।
यह अस्पताल न केवल गंवरघुटरी और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए बल्कि पूरे रायगढ़ जिले के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति साबित होगा। यहां से हजारों लोग लाभान्वित होंगे और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। सरकार की इस पहल का स्थानीय निवासियों में बहुत स्वागत हो रहा है।




