🔴 ब्रेकिंग
प्रेमिका की हत्या: होटल में दर्दनाक घटना|US-ईरान ऐतिहासिक डील: होर्मुज खुलेगा, नाकेबंदी हटेगी|US-ईरान डील: होर्मुज खुलेगा, नाकाबंदी हटेगी|आज की बड़ी खबरें: पश्चिम एशिया शांति और गर्मी की सुर्खियां|प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया दौरे के लिए रवाना|राष्ट्रपति मुर्मू का 5 दिन का MP दौरा|नीट यूजी 2026 एडमिट कार्ड जारी, अभी डाउनलोड करें|दिशा पाटनी टाइगर-प्रिंट ड्रेस में हॉट लुक|पति की मौत के घंटे भर बाद पत्नी की भी मृत्यु|सोलापुर में पिकअप वैन कुएं में गिरी, आठ की मौत|प्रेमिका की हत्या: होटल में दर्दनाक घटना|US-ईरान ऐतिहासिक डील: होर्मुज खुलेगा, नाकेबंदी हटेगी|US-ईरान डील: होर्मुज खुलेगा, नाकाबंदी हटेगी|आज की बड़ी खबरें: पश्चिम एशिया शांति और गर्मी की सुर्खियां|प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया दौरे के लिए रवाना|राष्ट्रपति मुर्मू का 5 दिन का MP दौरा|नीट यूजी 2026 एडमिट कार्ड जारी, अभी डाउनलोड करें|दिशा पाटनी टाइगर-प्रिंट ड्रेस में हॉट लुक|पति की मौत के घंटे भर बाद पत्नी की भी मृत्यु|सोलापुर में पिकअप वैन कुएं में गिरी, आठ की मौत|
Monday, 15 June 2026
राजनीति

होर्मुज में भारतीय जहाज पर ड्रोन अटैक

author
Komal
संवाददाता
📅 15 June 2026, 4:17 AM ⏱ 1 मिनट 👁 386 views
होर्मुज में भारतीय जहाज पर ड्रोन अटैक
📷 aarpaarkhabar.com

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच एक और चिंताजनक घटना सामने आई है। भारतीय चालक दल वाले तेल टैंकर बोकेम मरेंगो पर ड्रोन से हमला किया गया है। यह घटना उस वक्त हुई जब भारत सरकार इस क्षेत्र में होने वाली हिंसक घटनाओं के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रही है। हालांकि, इस हमले में जहाज को नुकसान तो पहुंचा, लेकिन जहाज पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित रहे, जो एक राहत की बात है।

यह घटना अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है, जहां से रोजाना लाखों बैरल तेल गुजरता है। इसी वजह से इस क्षेत्र में किसी भी तरह की घटना पूरी दुनिया के लिए चिंताजनक होती है। भारत का एक बड़ा व्यापारिक हित इस जलमार्ग में है और ऐसी घटनाएं हमारे राष्ट्रीय हितों को गहरे तक प्रभावित करती हैं।

होर्मुज में बढ़ता सुरक्षा संकट

पिछले कुछ महीनों में होर्मुज जलडमरूमध्य में कई हमले हुए हैं। ये हमले मुख्यतः ड्रोन और समुद्री हमलों के माध्यम से किए गए हैं। तेल टैंकर, कार्गो जहाज और अन्य वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाया जा रहा है। भारत सहित विश्व की कई महत्वपूर्ण शक्तियां इस मामले पर चिंतित हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ने भी इस क्षेत्र में बढ़ती हिंसा पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

भारतीय जहाजों को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है। बोकेम मरेंगो के साथ हुई घटना से पहले भी कई भारतीय पोत इस इलाके में हमलों का शिकार बन चुके हैं। भारत की नौवहन कंपनियां अब इस जलमार्ग से गुजरने से पहले बहुत सावधानी बरतती हैं। कई कंपनियां तो अपने जहाजों को बेहतर सुरक्षा प्रणाली से लैस कर रही हैं। कुछ तो वैकल्पिक रूट अपनाने की बात भी कर रही हैं, जो लंबे और महंगे होते हैं।

बोकेम मरेंगो की घटना और भारतीय नाविकों की सुरक्षा

तेल टैंकर बोकेम मरेंगो पर हुए ड्रोन हमले में जहाज के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा। विस्फोट की आवाज सुनी गई और आग लगने का भी खतरा था। लेकिन जहाज के कप्तान और चालक दल की तेजी से की गई कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना से बचा जा सका। सभी भारतीय नाविक अपने अपने सुरक्षित स्थानों पर चले गए और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। यह भाग्यवश भी है कि किसी की जान नहीं गई।

घटना के बाद जहाज फुजैराह बंदरगाह की ओर बढ़ गया, जो दुबई के पास है। वहां जहाज की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। समुद्री विशेषज्ञों की एक टीम नुकसान का आकलन कर रही है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार जहाज की हल को कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन यह मरम्मत योग्य है। जहाज के मेरिन इंजीनियरिंग विभाग ने मरम्मत की पूरी योजना तैयार कर दी है।

भारत की कूटनीतिक कार्रवाई और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया

भारत की सरकार इस मामले को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है। विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भी इस बारे में सूचित किया है। भारतीय राजदूतों ने विभिन्न देशों में इस मामले को उठाया है ताकि अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़े।

अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य पश्चिमी देशों ने भी इस हमले की निंदा की है। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी अपनी चिंता व्यक्त कर चुके हैं क्योंकि उनके भी तेल आयात इसी मार्ग से होते हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा सभी के लिए महत्वपूर्ण है।

भारत ने होर्मुज में अपनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाई है। भारतीय नौसेना के जहाज और विमान इस क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। भारतीय व्यापारी पोतों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए विशेष दल तैनात किए गए हैं। भारत सरकार ने भी सभी भारतीय जहाजों को इस क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

यह घटना एक बार फिर से साबित कर देती है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में से एक है। यहां की हर घटना पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। भारत को इस क्षेत्र में अपनी सुरक्षा और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत और सतर्क नीति अपनानी होगी। भारतीय नाविकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और सरकार को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।