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Wednesday, 20 May 2026
समाचार

नौसेना प्रमुख स्वामीनाथन की कड़ी हुंकार

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Komal
संवाददाता
📅 12 May 2026, 5:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 646 views
नौसेना प्रमुख स्वामीनाथन की कड़ी हुंकार
📷 aarpaarkhabar.com

भारतीय नौसेना के नए मुखिया एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन ने एक कड़ी हुंकार देते हुए कहा है कि सीमा पार से आने वाले सभी दुस्साहस का अब अंत निश्चित है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत की रक्षा नीति अब केवल बचाव तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि सक्रिय प्रहार की रणनीति अपनाई जाएगी। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों को पूरी तरह समाप्त करने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया गया है।

एडमिरल स्वामीनाथन ने मुंबई में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि भारतीय नौसेना अब केवल रक्षणात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जो भी शक्ति हमारी सीमाओं को चुनौती देगी, उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह बयान देश की सुरक्षा रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। नौसेना प्रमुख का यह कथन पाकिस्तान से आने वाली आतंकवादी धमकियों के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है।

भारतीय नौसेना ने पिछले कुछ महीनों में समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को बेहद सख्त कर दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत तटीय क्षेत्रों में कड़ी निगरानी की जा रही है। समुद्री मार्गों से आतंकवादियों के आने पर कड़ी रोक लगाई गई है। नौसेना ने अपनी तैनाती में उल्लेखनीय वृद्धि की है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके।

समुद्री सीमाओं को बनाया जा रहा है किले

भारतीय नौसेना ने समुद्री सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। राडार सिस्टम, ड्रोन निगरानी और सेंसर नेटवर्क के माध्यम से 24 घंटे निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि किसी भी संदिग्ध पोत या तस्करी के प्रयास को तुरंत रोका जाएगा।

तटीय सुरक्षा बलों को भी उच्च सतर्कता के साथ तैनात किया गया है। कोस्ट गार्ड और समुद्री पुलिस दलों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। नौसेना ने सभी बंदरगाहों पर सुरक्षा जांच को और सख्त कर दिया है। बड़ी नौकाओं और जहाजों की नियमित जांच की जा रही है ताकि कोई भी आतंकवादी सामग्री समुद्री मार्ग से भारत में प्रवेश न कर सके।

एडमिरल स्वामीनाथन ने विशेषकर खतरे वाले क्षेत्रों में नौसेना की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित की है। अंडमान निकोबार द्वीप समूह से लेकर गुजरात के तटीय इलाकों तक सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर गश्त बढ़ाई गई है। समुद्री गलियारों में विशेष सतर्कता रखी जा रही है। प्रत्येक संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्टिंग तुरंत की जाती है और तत्काल कार्रवाई की जाती है।

ऑपरेशन सिंदूर की जारी रहेगी सफलता

ऑपरेशन सिंदूर को नौसेना की सबसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस ऑपरेशन के तहत पिछले कुछ महीनों में कई आतंकवादी नेटवर्क को विघ्नित किया गया है। समुद्री मार्गों से हथियार और विस्फोटक सामग्री की तस्करी को रोका गया है। कई संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली हैं।

एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को जारी रखा जाएगा और इसे और भी तेजी से चलाया जाएगा। नौसेना ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। सभी तटीय राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है ताकि किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधि को रोका जा सके। खुफिया एजेंसियों के साथ घनिष्ठ सहयोग किया जा रहा है।

नई नौसेना प्रमुख ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के विरुद्ध भारत का रुख कभी झुकेगा नहीं। प्रत्येक चुनौती का समुचित जवाब दिया जाएगा। नौसेना अपनी पूरी ताकत से सीमाओं की रक्षा के लिए तैयार है। डिजिटल निगरानी से लेकर जमीनी गतिविधियों तक सभी स्तरों पर तैयारी की गई है।

रक्षा नीति में नया दृष्टिकोण

भारतीय नौसेना की नई नीति रक्षा के बजाय प्रहार पर केंद्रित है। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है जो देश की सुरक्षा रणनीति को एक नया आयाम देता है। एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि अब भारत आतंकवाद की प्रतीक्षा नहीं करेगा बल्कि सक्रिय रूप से इसका मुकाबला करेगा।

यह नीति पिछले कुछ सालों की आतंकवादी घटनाओं के मद्देनजर तैयार की गई है। 26/11 और अन्य समुद्री मार्गों से होने वाले आतंकवादी हमलों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। नौसेना को सभी आवश्यक अधिकार और संसाधन दिए गए हैं ताकि वह अपनी भूमिका को प्रभावी तरीके से निभा सके।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस नीति की सराहना की जा रही है। कई देशों ने भारत की इस कड़ी रुख की प्रशंसा की है। यह माना जा रहा है कि आतंकवाद के विरुद्ध इस तरह की सक्रिय नीति न केवल भारत को सुरक्षित बनाएगी बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी। एडमिरल स्वामीनाथन का यह बयान आने वाले समय में नौसेना की कार्यप्रणाली में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक साबित होगा।