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Saturday, 03 October 2026
समाचार

श्योपुर में मंत्री और लेडी SHO के बीच सार्वजनिक तकरार

author
Komal
संवाददाता
📅 01 April 2026, 1:24 AM ⏱ 1 मिनट 👁 469 views
श्योपुर में मंत्री और लेडी SHO के बीच सार्वजनिक तकरार
📷 Aaj Tak

मंत्री और लेडी SHO की सार्वजनिक तकरार ने मचाया बवाल, वीडियो हुआ वायरल

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में एक धार्मिक मेले के समापन समारोह के दौरान एक अप्रत्याशित घटना ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सीताराम आदिवासी और महिला थाना प्रभारी (TI) यास्मीन खान के बीच भरे मंच पर हुई तीखी बहस का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह घटना उस समय और भी चर्चा में आ गई जब महिला अधिकारी ने मंत्री जी के सामने ही माइक थामकर उनके आरोपों का कड़ा जवाब दिया। इस सार्वजनिक तकरार ने न केवल मौजूद लोगों को हैरान कर दिया बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी नई चर्चा छेड़ दी है।

श्योपुर में मंत्री और लेडी SHO के बीच सार्वजनिक तकरार

घटना का विवरण: मेले में क्या हुआ था?

धार्मिक मेले के समापन कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री सीताराम आदिवासी ने मेले की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर महिला थाना प्रभारी यास्मीन खान पर सवाल उठाए। मंत्री जी का आरोप था कि पुलिस व्यवस्था में कमियां रहीं और इससे आम जनता को परेशानी हुई।

हालांकि, महिला अधिकारी यास्मीन खान ने इन आरोपों को चुपचाप सुनने से इनकार कर दिया। उन्होंने तुरंत माइक लेकर अपना पक्ष रखा और मंत्री जी से कहा कि "पर्सनल दुश्मनी के लिए पुलिस को दोषी न कहें।" उनके इस साहसिक जवाब ने पूरे माहौल को बदल दिया।

यास्मीन खान का साहसिक रुख

महिला SHO यास्मीन खान का यह कदम काफी साहसिक माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे मौकों पर पुलिस अधिकारी राजनीतिक दबाव के आगे चुप रह जाते हैं, लेकिन यास्मीन खान ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और किसी भी व्यक्तिगत शत्रुता के कारण पुलिस विभाग की बदनामी बर्दाश्त नहीं करेंगी।

उनके इस जवाब से यह साफ हो गया कि वे अपने काम के प्रति गंभीर हैं और किसी भी अनुचित दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं। मौजूद लोगों ने भी उनके इस साहसिक रुख की सराहना की।

राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रियाएं

इस घटना के बाद श्योपुर जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ लोग महिला अधिकारी के साहस की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि सार्वजनिक मंच पर ऐसी बहस उचित नहीं थी।

विपक्षी नेताओं ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा है कि यह घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। वहीं, महिला संगठनों ने यास्मीन खान के रुख की सराहना करते हुए कहा है कि यह महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस वीडियो को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कई लोग महिला अधिकारी के साहस की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे प्रशासनिक अनुशासन की कमी बता रहे हैं।

ट्विटर और फेसबुक पर हजारों लोगों ने इस वीडियो को शेयर किया है और अपनी राय व्यक्त की है। #YasmeenKhanCourage और #SheopurIncident जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

यह घटना एक बार फिर से इस बात को उजागर करती है कि आज के समय में महिला अधिकारी अपने अधिकारों के प्रति कितनी जागरूक हो गई हैं। यास्मीन खान का यह कदम निश्चित रूप से अन्य महिला अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।