पीएम मोदी की अपील का असर: सोने की खरीद में गिरावट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में की गई अपील से सोने की खरीदारी में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल रही है। दिल्ली के प्रमुख गहने और सोने के बाजारों में पिछले दो दिनों से खरीदारों की भीड़ में भारी कमी आई है। चांदनी चौक, सराफा बाजार और नई दिल्ली के अन्य प्रमुख केंद्रों में व्यापारियों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
यह स्थिति तब बनी है जब पीएम मोदी ने देशवासियों से सोने की खरीदारी कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सभी लोग सोने की जगह देश के विकास में निवेश करें तो राष्ट्र का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। इस अपील का असर अब बाजारों में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। ग्राहकों में संदेह और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
सोने की खरीद में तेजी से गिरावट
चांदनी चौक के प्रसिद्ध सराफा बाजार के व्यापारियों का कहना है कि पिछले दो दिनों में सोने की खरीदारी में लगभग साठ से सत्तर प्रतिशत तक की गिरावट आई है। सामान्य दिनों में जहां सैकड़ों ग्राहक सोने के गहने खरीदने के लिए दुकानों में आते हैं, वहीं अब मुश्किल से दर्जन भर ग्राहक नजर आ रहे हैं।
व्यापारियों की मानें तो यह गिरावट अलर्ट की स्थिति में पहुंच गई है। कई दुकानदार तो यह कह रहे हैं कि अगर यह स्थिति कुछ और समय बनी रहती है तो उन्हें अपने कर्मचारियों को छुट्टी देनी पड़ सकती है। राज कुमार नामक एक प्रसिद्ध सराफा व्यापारी कहते हैं कि पिछली सदी में ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी गई है।
किश्ते की व्यवस्था जो पहले बहुत लोकप्रिय थी, उस पर भी ग्राहकों की रुचि में कमी आई है। व्यापारियों को लगता है कि लोग पीएम मोदी की अपील को गंभीरता से ले रहे हैं और सोने में निवेश करने से बचना चाहते हैं।
ग्राहकों में असमंजस और संदेह
दिल्ली की आबादी में भी इस समय एक विचित्र स्थिति बनी हुई है। जहां कुछ लोग पीएम मोदी की अपील को राष्ट्रीय आह्वान मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग अपने पारंपरिक सोने की खरीदारी को जारी रखना चाहते हैं।
प्रिया नामक एक गृहणी का कहना है कि उन्हें बेटी की शादी के लिए सोने की आवश्यकता है, लेकिन पीएम की अपील सुनकर वह असमंजस में पड़ गई हैं। वह सोच रही हैं कि क्या वह इस समय सोना खरीद सकती हैं या फिर कुछ समय इंतजार करें।
इसी तरह राज नामक एक कारोबारी का कहना है कि उन्हें अपनी पत्नी के लिए गहने खरीदने हैं, पर पीएम की अपील के बाद उन्हें भी ऐसा लगता है कि यह सही समय नहीं है। बहुत से लोगों ने सोने की खरीदारी को स्थगित कर दिया है।
बाजारों में सुस्ती की स्थिति
दिल्ली के गहनों के बाजारों में अभूतपूर्व सुस्ती का माहौल बना हुआ है। दुकानदार बैठकर अपने मोबाइल फोन देख रहे हैं, कुछ अपने काउंटर को साफ कर रहे हैं, जबकि कुछ अपने व्यवसায्यिक मंदी पर चिंता कर रहे हैं।
व्यापारी संगठनों के प्रवक्ता का कहना है कि पीएम की यह अपील, हालांकि राष्ट्र के नाम पर की गई थी, लेकिन इसका सीधा असर सोने के व्यापारियों और इस क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कारीगरों पर पड़ रहा है। वह मांग कर रहे हैं कि सरकार इस संकट को संभालने के लिए उचित कदम उठाए।
नई दिल्ली के राज पथ पर स्थित प्रसिद्ध गहनों की दुकान के मालिक कहते हैं कि इस महीने की आय पिछले महीने की तुलना में आधी रह गई है। यह स्थिति वाकई चिंताजनक है।
भविष्य की चिंताएं
व्यापारियों को लगता है कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रहती है तो आने वाले महीनों में सोने का बाजार पूरी तरह से निष्क्रिय हो सकता है। इससे न केवल व्यापारी प्रभावित होंगे, बल्कि सोने के आयातों में भी कमी आएगी। हजारों कारीगर और कर्मचारी बेरोजगारी का शिकार हो सकते हैं।
सरकार से मांग की जा रही है कि वह इस स्थिति को गंभीरता से लें और उचित नीति का निर्माण करें। कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सोने की खरीदारी पूरी तरह से रोकना संभव नहीं है, बल्कि इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है।
दिल्ली के प्रमुख बाजारों में बनी इस सुस्ती की स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है कि सभी पक्ष मिलकर एक संतुलित नीति का निर्माण करें। पीएम की अपील का सम्मान करते हुए भी अर्थव्यवस्था और रोजगार को नुकसान न पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में देखना होगा कि यह स्थिति कितनी लंबी रहती है और बाजार को सामान्य होने में कितना समय लगता है।




