PM मोदी स्वीडन दौरे LIVE: कानून और लोकतंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी महत्वपूर्ण पांच देशों की विदेश यात्रा के दूसरे चरण में रविवार को स्वीडन पहुंचे। स्वीडिश हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही वहां की वायुसेना के अत्याधुनिक 'ग्रिपेन' लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया। यह दृश्य दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक संबंधों का प्रतीक था।
स्टॉकहोम के हवाई अड्डे पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने खुद मौजूद रहकर पीएम मोदी का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं का आलिंगन गलबहियों से किया गया और एक-दूसरे को आमंत्रित करने की बातें कहीं। गुटेनबर्ग की सड़कों पर प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे इलाके में 'मोदी-मोदी' के नारों से वातावरण गूंज उठा। भारतीय समुदाय और स्थानीय नागरिकों के उत्साह ने इस दौरे को और भी खास बना दिया।
कानून और लोकतंत्र की मजबूत नींव
गुटेनबर्ग में एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और स्वीडन के बीच के संबंधों के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'कानून और लोकतंत्र ही भारत-स्वीडन को जोड़ते हैं।' यह कथन दोनों देशों की साझा मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह एक जीवन दर्शन है। भारत और स्वीडन दोनों ही देश लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास करते हैं और इसी आधार पर दोनों के बीच का रिश्ता और मजबूत होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून का शासन दोनों देशों की मजबूत नींव है और यह सुनिश्चित करता है कि नागरिकों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिले।
स्वीडन को भारत से सीखने के लिए बहुत कुछ है और भारत भी स्वीडन के विकास के मॉडल से प्रभावित है। दोनों देश एक-दूसरे के अनुभवों को साझा करते हुए अपने नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा करने के लिए काम कर रहे हैं।
द्विपक्षीय वार्ता और रणनीतिक सहयोग
स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के विशेष निमंत्रण पर हो रहे इस दो दिवसीय दौरे में दोनों नेता कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चर्चा करेंगे। द्विपक्षीय व्यापार, ग्रीन ट्रांजिशन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय वार्ता होगी।
भारत और स्वीडन के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार की मात्रा में पिछले कुछ सालों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। स्वीडन की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की मानव संसाधन क्षमता का संयोजन दोनों देशों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है।
ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दोनों देश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्वीडन ने अपने यहां नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग में उल्लेखनीय प्रगति की है और भारत भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्षेत्र में भी दोनों देशों को साथ काम करने का पर्याप्त अवसर है।
रक्षा सहयोग और सामरिक साझेदारी
रक्षा सहयोग दोनों देशों के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा है। भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने में स्वीडन की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। स्वीडिश सैन्य प्रौद्योगिकी और विशेषज्ञता भारत के लिए काफी मूल्यवान है।
जहां एक ओर स्वीडन की उन्नत तकनीकें हैं, वहीं भारत की विशाल और विविध रक्षा बाजार है। दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं जो दोनों देशों की सुरक्षा को मजबूत करने में मदद कर रहे हैं।
आतंकवाद से निपटने और साइबर सुरक्षा जैसे समकालीन चुनौतियों का सामना करने के लिए भी दोनों देश एक-दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं। सूचना साझा करना और सामूहिक कार्रवाई करना दोनों देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करता है।
प्रधानमंत्री मोदी के स्वीडन दौरे से भारत-स्वीडन संबंधों में एक नया आयाम जुड़ने की उम्मीद है। यह दौरा दोनों देशों के बीच विश्वास को और गहरा करने का अवसर प्रदान करता है। आने वाले दिनों में भारत और स्वीडन के बीच सहयोग और भी विस्तृत और प्रभावी हो जाएगा।




