यूपी: फेसबुक ब्रेकअप पर छात्र की आत्महत्या का प्रयास, पुलिस ने बचाई जान
आगरा। सोशल मीडिया पर होने वाले नाटकीय ब्रेकअप की घटनाएं आजकल किशोरों के जीवन को कितना प्रभावित कर सकती हैं, इसका ताजा उदाहरण आगरा से सामने आया है। एक 16 वर्षीय छात्र ने फेसबुक पर अपने दोस्त के साथ संबंध टूटने के बाद एक ऐसा पोस्ट किया जो उसकी जान का खतरा बन गया। हालांकि, स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील रवैये की वजह से इस किशोर की जान बचाई जा सकी। यह घटना इस बात को दर्शाती है कि कैसे आधुनिक समय में पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते हैं।
आगरा के ताज नगर इलाके में रहने वाला यह किशोर गत सप्ताह फेसबुक पर अपने एक दोस्त से ब्रेकअप का शिकार हुआ। इस घटना से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। निराशा और दुःख की स्थिति में उसने फेसबुक पर एक ऐसा पोस्ट किया जिसमें वह अपने जीवन को समाप्त करने की बात कह रहा था। उसने बताया था कि वह आत्महत्या करने वाला है। यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गया और उसके दोस्तों ने इसे देखा।
फेसबुक पोस्ट के बाद पुलिस को सूचना
इस किशोर के दोस्तों ने तुरंत पुलिस को इस घटना के बारे में सूचित किया। थानेदार और उनकी टीम को जब इस बारे में पता चला तो वह तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हो गए। पुलिस के पास किशोर का पूरा विवरण था और उसके घर का पता भी। स्थानीय पुलिस विभाग ने इसे बेहद गंभीर मामला माना और तुरंत एक्शन लिया। पुलिस की टीम मात्र 11 मिनट में किशोर के घर पहुंच गई। यह समय बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ क्योंकि किशोर ने तब तक आत्महत्या के लिए आवश्यक चीजें जमा कर ली थीं।
जब पुलिस किशोर के घर के दरवाजे पर पहुंची तो वह बंद था। पुलिस टीम ने तुरंत दरवाजा खुलवाया और किशोर के कमरे में जाने की अनुमति मांगी। किशोर का परिवार बेहद भयभीत था क्योंकि उन्हें पता चल चुका था कि उनका बेटा क्या करने वाला है। पुलिस कर्मियों ने किशोर के कमरे में प्रवेश किया और जो दृश्य देखा वह सचमुच हृदय विदारक था। किशोर के हाथ में कीटनाशक की एक बोतल थी। उसके बिस्तर के पास मोटी रस्सी भी रखी हुई थी। साफ था कि इस किशोर ने अपनी जान लेने का पूरा प्लान बना लिया था।
पुलिस की संवेदनशील कार्रवाई से बची जान
पुलिस कर्मियों ने अपनी समझदारी और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए किशोर से शांति से बात की। उन्होंने उसे धमकाया नहीं बल्कि उसके मन की बातें सुनीं। पुलिस ने किशोर को समझाया कि जीवन की हर समस्या का समाधान होता है। एक ब्रेकअप या किसी दोस्त से दूरी की वजह से अपनी जान देना कोई समाधान नहीं है। पुलिस की इन बातों का किशोर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। अंतत: किशोर ने अपने हाथ से कीटनाशक की बोतल पुलिस को दे दी। पुलिस ने उससे रस्सी भी ले ली। इस तरह पुलिस की त्वरित और समझदारीपूर्ण कार्रवाई से इस किशोर की जान बचाई जा सकी।
घटना के बाद पुलिस ने किशोर और उसके परिवार के साथ विस्तार से बात की। उन्होंने माता-पिता को सलाह दी कि वह अपने बेटे की मानसिक स्थिति पर ध्यान दें। पुलिस ने एक प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक की व्यवस्था की और किशोर की काउंसिलिंग करवाई। काउंसलर ने किशोर से विस्तार से बातचीत की और उसे जीवन की सकारात्मक सोच की ओर मोड़ने का प्रयास किया। किशोर धीरे-धीरे अपनी मानसिक स्थिति में सुधार लाने लगा।
सोशल मीडिया और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य का संबंध
यह घटना एक बार फिर से साबित करती है कि आजकल के किशोर सोशल मीडिया पर होने वाली घटनाओं से कितने प्रभावित होते हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर होने वाले ब्रेकअप और दूरियां किशोरों को गहरे मानसिक संकट में डाल सकती हैं। माता-पिता और स्कूलों को अपने किशोरों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें सोशल मीडिया के सही और गलत इस्तेमाल के बारे में शिक्षा देनी चाहिए। किशोरों को यह समझाया जाना चाहिए कि सोशल मीडिया पर होने वाली घटनाएं वास्तविक जीवन नहीं होती हैं।
आगरा पुलिस ने इस घटना को लेकर बेहद संवेदनशीलता दिखाई है। पुलिस प्रशासन ने न केवल इस किशोर की जान बचाई है बल्कि उसे भविष्य में सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित भी किया है। यह घटना सभी को याद दिलाती है कि जीवन कितना कीमती चीज है और हर समस्या का कोई न कोई समाधान जरूर होता है। हर किसी को अपने आसपास के लोगों पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत पुलिस या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।




