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Saturday, 03 October 2026
राजनीति

राजस्थान मंत्रियों का विवाद, कांस्टेबल को फटकार

author
Komal
संवाददाता
📅 29 May 2026, 7:16 AM ⏱ 1 मिनट 👁 832 views
राजस्थान मंत्रियों का विवाद, कांस्टेबल को फटकार
📷 aarpaarkhabar.com

राजस्थान की सरकार में एक बार फिर मंत्रियों के व्यवहार को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार के दो अलग-अलग मंत्रियों की घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने पुलिस कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया है। ये घटनाएं सार्वजनिक रूप से लोगों के सामने आई हैं और इससे सरकार की छवि को काफी नुकसान हुआ है। जनता और विपक्षी दल इन घटनाओं की कड़ी निंदा कर रहे हैं।

वन मंत्री का वीडियो वायरल

राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस वीडियो में संजय शर्मा को एक कांस्टेबल को फटकार लगाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में दिख रहा है कि कांस्टेबल अपने ड्यूटी के दौरान एक कमरे में एसी के सामने बैठा हुआ है। मंत्री संजय शर्मा को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई और उन्होंने कांस्टेबल को कड़ी फटकार लगाई है।

इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता के बीच इस बारे में काफी चर्चा हुई है। लोग इस तरह के व्यवहार को सरकारी अधिकारियों के साथ अनुचित माना है। कई लोगों का मानना है कि सरकारी अधिकारियों को भी अपनी सीमा में रहते हुए काम करना चाहिए।

मंत्री संजय शर्मा के इस व्यवहार की आलोचना विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी की जा रही है। कुछ मानवाधिकार संगठन भी इस घटना की जांच की मांग कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि सरकारी अधिकारी को किसी भी परिस्थिति में अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।

सहकारिता मंत्री पर गाली का केस

वहीं दूसरी तरफ सहकारिता मंत्री गौतम दास के खिलाफ एक और गंभीर आरोप लगा है। पुलिस विभाग के कई कर्मियों ने शिकायत दर्ज की है कि मंत्री गौतम दास ने उन्हें कथित तौर पर गालियां दी हैं। इस गंभीर आरोप के आधार पर पुलिस ने एक केस भी दर्ज कर दिया है।

बताया जा रहा है कि यह घटना एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान हुई थी। मंत्री गौतम दास किसी बात पर नाराज हो गए और उन्होंने पुलिस कर्मियों को लक्षित करके अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस घटना के बाद प्रभावित पुलिस कर्मियों ने आपस में मिलकर शिकायत दर्ज करने का फैसला लिया।

यह मामला काफी संवेदनशील है क्योंकि इसमें सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हैं। पुलिस विभाग ने इस केस को गंभीरता से लिया है और जांच कार्य शुरू कर दिया है। मंत्री गौतम दास की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

विपक्ष और जनता की प्रतिक्रिया

राजस्थान के विपक्षी दलों ने इन दोनों घटनाओं की कड़ी आलोचना की है। विपक्ष का मानना है कि यह सरकार अपने मंत्रियों पर नियंत्रण खो चुकी है। राजस्थान कांग्रेस के कई नेताओं ने मुख्यमंत्री से इन मंत्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जनता भी इन घटनाओं से नाराज है। सोशल मीडिया पर लोग अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि सरकारी अधिकारियों को आम जनता और पुलिस कर्मियों के साथ सम्मान के साथ व्यवहार करना चाहिए।

इस पूरे विवाद को देखते हुए राजस्थान सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। मुख्यमंत्री को इस मामले में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सरकार की छवि को और नुकसान न हो। पुलिस विभाग को भी इन मामलों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

इन घटनाओं से साफ होता है कि सत्ता में आने के बाद कुछ लोग अपने आचरण को भूल जाते हैं। उन्हें यह भूल जाना चाहिए कि वे किस भी परिस्थिति में जनता के सेवक हैं, उनके मालिक नहीं। सरकारी अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए मानवीय गरिमा और सम्मान को बनाए रखना चाहिए। राजस्थान सरकार को इन मामलों में कड़ी कार्रवाई करके एक संदेश देना चाहिए कि किसी भी पद पर बैठा व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।