🔴 ब्रेकिंग
G7 बैठक में रूस प्रतिबंध और तेल कीमतों पर चर्चा|सलमान खान तन्हाई के दर्द से गुजर रहे हैं? सच्चाई जानिए|बिना तेल की पूड़ी बनाने का आसान तरीका और ट्रिक|लाहौर: सड़कों के पुराने नाम बहाल करने की मुहिम|वाटर मेट्रो: 18 शहरों में सेवा शुरू करेगी सरकार|मिर्जापुर फिल्म पर दिव्येंदु शर्मा का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू|महिला वेश में लूटपाट करने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा|दिल्ली-राजस्थान-मध्य प्रदेश में भीषण लू का अलर्ट|मिथुन राशि त्रिग्रही योग 2026: शुक्र-गुरु-चंद्रमा|कर्तव्य फिल्म में चाइल्ड एक्टर की शानदार परफॉर्मेंस|G7 बैठक में रूस प्रतिबंध और तेल कीमतों पर चर्चा|सलमान खान तन्हाई के दर्द से गुजर रहे हैं? सच्चाई जानिए|बिना तेल की पूड़ी बनाने का आसान तरीका और ट्रिक|लाहौर: सड़कों के पुराने नाम बहाल करने की मुहिम|वाटर मेट्रो: 18 शहरों में सेवा शुरू करेगी सरकार|मिर्जापुर फिल्म पर दिव्येंदु शर्मा का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू|महिला वेश में लूटपाट करने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा|दिल्ली-राजस्थान-मध्य प्रदेश में भीषण लू का अलर्ट|मिथुन राशि त्रिग्रही योग 2026: शुक्र-गुरु-चंद्रमा|कर्तव्य फिल्म में चाइल्ड एक्टर की शानदार परफॉर्मेंस|
Wednesday, 20 May 2026
राजनीति

हम कभी एक राष्ट्र थे, पाक पर बोले RSS नेता होसबाले

author
Komal
संवाददाता
📅 13 May 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 380 views
हम कभी एक राष्ट्र थे, पाक पर बोले RSS नेता होसबाले
📷 aarpaarkhabar.com

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबाले ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच संवाद कभी बंद नहीं होना चाहिए क्योंकि भारत और पाकिस्तान कभी एक ही राष्ट्र थे। होसबाले ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध हैं जो किसी भी तनाव को दूर करने का आधार बन सकते हैं। उनका मानना है कि लोगों से लोगों का संपर्क ही दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने का सबसे बड़ा रास्ता है।

आरएसएस के इस प्रभावशाली नेता का यह बयान तब आया है जब भारत-पाक संबंध तनावपूर्ण हैं। दत्तात्रेय होसबाले ने अपने विचारों में एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा है कि जब तक दोनों देशों के बीच संवाद की कोई भी गुंजाइश बची हुई है, तब तक उसे जीवंत रखना चाहिए। होसबाले का यह बयान राजनीतिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह आरएसएस के प्रमुख विचारकों में से एक हैं।

दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध

दत्तात्रेय होसबाले ने अपने बयान में भारत और पाकिस्तान के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि विभाजन से पहले ये दोनों देश एक ही भूमि का हिस्सा थे और एक ही संस्कृति, परंपरा और मूल्यों से जुड़े थे। भाषा, संगीत, कला, साहित्य और खान-पान में दोनों देशों की जनता के बीच मौलिक समानता है। यह समानता आज भी जीवंत है और यह दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब लाने का माध्यम बन सकती है।

होसबाले का मानना है कि इतिहास को भुलाया नहीं जा सकता, लेकिन उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि भारत और पाकिस्तान दोनों को अपने सामान्य सांस्कृतिक धरोहर की कीमत समझनी चाहिए। दोनों देशों के बीच की दूरी को कम करने के लिए यह जरूरी है कि वे अपने गौरवशाली अतीत और सामान्य सांस्कृतिक मूल्यों को याद रखें।

जनता से जनता का संपर्क ही समाधान

आरएसएस नेता होसबाले ने जनता से जनता के संपर्क को दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने का सबसे प्रभावी तरीका बताया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी स्तर पर चाहे कितने भी तनाव हों, लेकिन आम जनता के बीच भाईचारे और समझदारी की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यापार, शिक्षा और खेल-कूद के माध्यम से दोनों देशों की जनता एक-दूसरे को समझ सकती है।

होसबाले ने कहा है कि जब लोग एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं, तो वे सांझी मानवीय भावनाओं को समझने लगते हैं। यह सच है कि दोनों देशों में सामान्य मानुष्य की खुशियां, दुःख और आशाएं एक जैसी हैं। सीमा पार से होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों, संगीत कार्यक्रमों, साहित्य के आदान-प्रदान और शैक्षणिक सहयोग से दोनों देशों के बीच की खाई को पाटा जा सकता है।

वैश्विक परिस्थितियों में संवाद का महत्व

दत्तात्रेय होसबाले ने अपने बयान में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक तनावों का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि ऐसे समय में भारत और पाकिस्तान को अपने आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए काम करना चाहिए। पूरी दुनिया में जो अराजकता फैली हुई है, उसे देखते हुए दक्षिण एशिया में शांति बहुत जरूरी है।

होसबाले ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही ताकतवर राष्ट्र हैं और दोनों के पास जिम्मेदारी है कि वे क्षेत्र में शांति स्थापित करें। यदि ये दोनों देश साथ मिलकर काम करें तो दक्षिण एशिया एक शांतिपूर्ण और समृद्ध क्षेत्र बन सकता है। उन्होंने कहा है कि भारत और पाकिस्तान की सेना, व्यापारी, शिक्षाविद और सांस्कृतिक कार्यकर्ता सब कुछ मिलकर एक बेहतर भविष्य के लिए काम कर सकते हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबाले का यह बयान एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने दिखाया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संवाद की कोई भी कोशिश असंभव नहीं है। दोनों देशों को अपने ऐतिहासिक संबंधों, सामान्य संस्कृति और मानवीय मूल्यों को याद रखते हुए एक-दूसरे के करीब आना चाहिए। होसबाले का संदेश यह है कि भारत और पाकिस्तान कभी एक राष्ट्र थे, और यह स्मरण ही दोनों देशों को भविष्य में एक बेहतर संबंध बनाने के लिए प्रेरित कर सकता है।