मुश्किलों को हराने का श्री अरविंद का दर्शन
# मुश्किलों को चुटकियों में हरा देंगे आप! गांठ बांध ले यह एक बात
जिंदगी में हर किसी को कभी न कभी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ये मुश्किलें कभी छोटी तो कभी बहुत बड़ी होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के महान दार्शनिक और आध्यात्मिक चिंतक श्री अरविंद ने अपने जीवन दर्शन में कहा था कि सबसे खराब वक्त में भी रोशनी छिपी होती है? हां, ये बात बिल्कुल सच है। आज हम आपको श्री अरविंद के उस खास दर्शन के बारे में बताएंगे जो आपके जीवन को पूरी तरह बदल सकता है।
श्री अरविंद का संदेश बहुत सरल लेकिन बहुत ताकतवर है। उन्होंने कहा कि हर संकट के साथ एक नया अवसर आता है। हर अंधकार के पीछे प्रकाश छिपा होता है। यह सिर्फ आपकी सोच का मामला है कि आप उस अंधकार को देखते हैं या उससे आगे की रोशनी को। यह बात आप याद रखें और अपनी जिंदगी में लागू करें। आपको जरूर सफलता मिलेगी।
श्री अरविंद का जीवन संदेश
श्री अरविंद गुलामी के दौर में भारत में पैदा हुए थे। उस समय देश में बहुत से अंधकार थे। लेकिन श्री अरविंद ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने विचारों और दर्शन के माध्यम से लोगों को प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि हर मनुष्य के अंदर एक अनंत शक्ति है। जरूरत है सिर्फ उस शक्ति को जागृत करने की।
श्री अरविंद के अनुसार, जब आप किसी मुश्किल से गुजर रहे हैं, तो उस समय आपको अपने भीतर देखना चाहिए। आपके अंदर जो शक्ति है, वह किसी भी समस्या का समाधान निकाल सकती है। आपको सिर्फ आत्मविश्वास की जरूरत है। यह आत्मविश्वास ही आपको मुश्किलों को पार करने में मदद देगा। श्री अरविंद ने अपनी पूरी जिंदगी इसी सिद्धांत पर चलते रहे।
उन्होंने कहा था कि विकास केवल बाहरी नहीं होता, बल्कि यह आंतरिक भी होता है। आपको अपने आप को समझना होगा। अपनी ताकत को पहचानना होगा। तब ही आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। वह बाहरी दुनिया के विकास से ज्यादा आंतरिक विकास पर जोर देते थे। क्योंकि वह जानते थे कि अगर आप आंतरिक रूप से मजबूत हो, तो कोई भी बाहरी शक्ति आपको नीचा नहीं कर सकती।
कठिन समय में सकारात्मकता कैसे बनाए रखें
श्री अरविंद का दूसरा महत्वपूर्ण संदेश यह था कि हर कठिन समय को सकारात्मकता के साथ देखें। नकारात्मकता केवल आपको और ज्यादा नीचे गिराएगी। लेकिन अगर आप सकारात्मक रहते हैं, तो आप जल्दी ही उस समस्या का समाधान निकाल सकेंगे।
सकारात्मकता का मतलब यह नहीं है कि आप समस्या को नजरअंदाज करें। बल्कि इसका मतलब है कि आप समस्या को एक अलग नजरिए से देखें। जब आप समस्या को अपने विकास का एक माध्यम मानेंगे, तब आप पाएंगे कि वह समस्या दरअसल एक सीख है। एक अनुभव है जो आपको और मजबूत बनाएगा।
श्री अरविंद कहते थे कि अगर आप हर परिस्थिति से कुछ सीखने की कोशिश करेंगे, तो आपके लिए कोई भी परिस्थिति बुरी नहीं होगी। बुरी परिस्थिति सिर्फ उन्हीं के लिए बुरी होती है जो उससे आंखें मूंद लेते हैं। लेकिन जो उस परिस्थिति को समझने की कोशिश करते हैं, उन्हें वह एक सीख देती है। एक नई दिशा देती है।
जीवन में इस दर्शन को कैसे लागू करें
अब बात करते हैं कि आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में इस दर्शन को कैसे लागू कर सकते हैं। सबसे पहली बात है कि अपने आप पर विश्वास करें। अपनी ताकत को पहचानें। हर सुबह जब आप उठें, तो अपने आप से कहें कि आप इस दिन में जो भी चुनौती आएगी, उसका सामना करने के लिए तैयार हैं।
दूसरी बात है कि नकारात्मक लोगों से दूर रहें। आपके आस-पास सकारात्मक और प्रेरक लोगों को रखें। क्योंकि आपके साथ जो लोग हैं, उनका प्रभाव आपके ऊपर जरूर पड़ता है। अगर आप नकारात्मक लोगों के साथ रहेंगे, तो आप भी नकारात्मक हो जाएंगे। लेकिन अगर आप सकारात्मक लोगों के साथ रहेंगे, तो आप भी सकारात्मक रहेंगे।
तीसरी बात है कि हर दिन कुछ समय अपने आप से बात करें। ध्यान करें। अपने भीतर की आवाज को सुनें। श्री अरविंद कहते थे कि हर मनुष्य के अंदर एक दिव्य शक्ति होती है, जो उसे सही रास्ता दिखाती है। आपको सिर्फ शांत होकर उस आवाज को सुनना है। तब आप अपने जीवन के सभी सवालों के जवाब पा जाएंगे।
श्री अरविंद का दर्शन हमें सिखाता है कि जीवन एक संघर्ष है, लेकिन यह संघर्ष आपको मजबूत बनाता है। हर मुश्किल आपको कुछ सिखाती है। हर असफलता आपको एक नई कोशिश का मौका देती है। इसलिए कभी हार न मानें। आपके अंदर जो शक्ति है, उसे जागृत करें और अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहें। यही श्री अरविंद का खास संदेश है जो हर किसी को अपनी जिंदगी में लागू करना चाहिए। याद रखें, सबसे खराब वक्त में भी रोशनी छिपी होती है। आपको सिर्फ उसे खोजने की जरूरत है।




